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एपेक वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक हांगकांग में संपन्न, संयुक्त वक्तव्य और डिजिटल अवसंरचना नीति अपनाई गई

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एपेक वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक हांगकांग में संपन्न, संयुक्त वक्तव्य और डिजिटल अवसंरचना नीति अपनाई गई

सारांश

एपेक वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक हांगकांग में संपन्न हुई, जिसमें संयुक्त वक्तव्य 2026 और डिजिटल अवसंरचना वित्तपोषण नीति सहित कई परिणाम दस्तावेज़ अपनाए गए। वित्त सचिव पॉल छान मो-पो ने कहा कि बैठक ने हांगकांग की 'एक देश, दो प्रणाली' की अनूठी भूमिका को और मज़बूत किया।

मुख्य बातें

एपेक वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में आयोजित हुई।
'एपेक वित्त मंत्रियों का संयुक्त वक्तव्य 2026' और 'डिजिटल अवसंरचना के वित्तपोषण पर नीति वक्तव्य' अपनाए गए।
आजीविका विकास और समावेशी वित्त नवाचार पर दो परिणाम दस्तावेज़ भी तैयार किए गए।
युवा वित्तीय प्रतिभाओं के बीच आदान-प्रदान और सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
वित्त सचिव पॉल छान मो-पो ने कहा कि बैठक ने हांगकांग की 'एक देश, दो प्रणाली' की विशिष्टता को रेखांकित किया।

एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन (एपेक) के वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक हाल ही में हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में आयोजित हुई और इससे कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए। हांगकांग के वित्त सचिव पॉल छान मो-पो ने इस बैठक को सफल बताते हुए कहा कि इसने एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं के बीच वित्तीय सहयोग को नई दिशा दी है।

मुख्य घटनाक्रम

इस बैठक में दो प्रमुख दस्तावेज़ अपनाए गए — 'एपेक वित्त मंत्रियों का संयुक्त वक्तव्य 2026' और 'एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल अवसंरचना के वित्तपोषण पर नीति वक्तव्य'। ये दोनों दस्तावेज़ क्षेत्रीय वित्तीय सहयोग को गहरा करने के साझा संकल्प को दर्शाते हैं।

गौरतलब है कि डिजिटल अवसंरचना पर नीति वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेज़ी से विस्तार पा रही है और इसके वित्तपोषण को लेकर सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय की माँग बढ़ रही है।

परिणाम दस्तावेज़ और सहमतियाँ

बैठक में दो अन्य महत्वपूर्ण परिणाम दस्तावेज़ भी तैयार किए गए। पहला — 'लोगों की आजीविका विकास का समर्थन करना और लोगों में निवेश करना: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए राजकोषीय नीति रिपोर्ट'। दूसरा — 'एशिया-प्रशांत क्षेत्र में समावेशी वित्त नवाचार प्रथाओं के केस स्टडी'।

इसके अतिरिक्त, बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में युवा वित्तीय प्रतिभाओं के बीच आदान-प्रदान और सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी आम सहमति बनी। यह कदम क्षेत्र में दीर्घकालिक वित्तीय नेतृत्व तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हांगकांग की भूमिका और 'एक देश, दो प्रणाली' का महत्व

वित्त सचिव पॉल छान मो-पो ने कहा कि इस बैठक ने हांगकांग में लागू 'एक देश, दो प्रणाली' सिद्धांत के अद्वितीय लाभों को और अधिक उजागर किया है। उनके अनुसार, हांगकांग की स्थिति एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक वित्तीय केंद्र के रूप में इसे ऐसी बैठकों के लिए आदर्श मंच बनाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर वित्तीय अनिश्चितता और बहुपक्षीय सहयोग की ज़रूरत एक साथ महसूस की जा रही है। हांगकांग में इस बैठक का आयोजन क्षेत्र में उसकी केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।

आम जनता पर असर

समावेशी वित्त और युवा प्रतिभाओं पर केंद्रित एजेंडे का सीधा संबंध एशिया-प्रशांत क्षेत्र के उन करोड़ों लोगों से है जो अभी भी औपचारिक वित्तीय सेवाओं से वंचित हैं। राजकोषीय नीति रिपोर्ट में आजीविका विकास को प्राथमिकता देना यह दर्शाता है कि सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ केवल वृद्धि दर नहीं, बल्कि समावेशी विकास को भी नीति केंद्र में रखना चाहती हैं।

क्या होगा आगे

बैठक में अपनाए गए वक्तव्यों और रिपोर्टों के क्रियान्वयन की दिशा अब सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले अनुसरण पर निर्भर करेगी। डिजिटल अवसंरचना वित्तपोषण नीति को व्यावहारिक रूप देने की प्रक्रिया आने वाले महीनों में स्पष्ट होगी, जबकि युवा वित्तीय प्रतिभाओं के आदान-प्रदान कार्यक्रमों की रूपरेखा अगली बैठक से पहले तय किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनकी असली कसौटी क्रियान्वयन होगी — एशिया-प्रशांत में पिछले बहुपक्षीय वित्तीय वक्तव्य अक्सर घोषणाओं तक सिमट कर रह जाते हैं। डिजिटल अवसंरचना वित्तपोषण पर नीति वक्तव्य तब सार्थक होगा जब सदस्य अर्थव्यवस्थाएँ राष्ट्रीय बजट में इसे परिलक्षित करें। हांगकांग की मेज़बानी भू-राजनीतिक संदेश भी देती है — 'एक देश, दो प्रणाली' की प्रासंगिकता को बहुपक्षीय मंच पर प्रदर्शित करना बीजिंग की रणनीतिक प्राथमिकता रही है। समावेशी वित्त और युवा प्रतिभाओं पर ज़ोर सही दिशा में है, पर बिना बाध्यकारी प्रतिबद्धताओं के यह भी एक और नीतिगत इच्छापत्र बनकर रह सकता है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपेक वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक कहाँ और कब हुई?
एपेक वित्त मंत्रियों की 33वीं बैठक चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र में हाल ही में आयोजित हुई। इस बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस बैठक में कौन-से मुख्य दस्तावेज़ अपनाए गए?
बैठक में 'एपेक वित्त मंत्रियों का संयुक्त वक्तव्य 2026' और 'एशिया-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल अवसंरचना के वित्तपोषण पर नीति वक्तव्य' अपनाए गए। इसके अलावा आजीविका विकास पर राजकोषीय नीति रिपोर्ट और समावेशी वित्त नवाचार प्रथाओं के केस स्टडी भी तैयार किए गए।
हांगकांग के वित्त सचिव पॉल छान मो-पो ने बैठक के बारे में क्या कहा?
पॉल छान मो-पो ने कहा कि एपेक वित्त मंत्रियों की बैठक सफल रही और इससे कई सकारात्मक परिणाम निकले। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक ने हांगकांग में 'एक देश, दो प्रणाली' सिद्धांत के अद्वितीय लाभों को और अधिक उजागर किया है।
युवा वित्तीय प्रतिभाओं के सहयोग को लेकर क्या सहमति बनी?
बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में युवा वित्तीय प्रतिभाओं के बीच आदान-प्रदान और सहयोग को आगे बढ़ाने पर आम सहमति बनी। यह कदम क्षेत्र में दीर्घकालिक वित्तीय नेतृत्व के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता मानी जा रही है।
एपेक का एशिया-प्रशांत वित्तीय सहयोग में क्या महत्व है?
एपेक (एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग संगठन) एशिया-प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का बहुपक्षीय मंच है जो व्यापार, निवेश और वित्तीय नीति समन्वय पर काम करता है। वित्त मंत्रियों की वार्षिक बैठक इस ढाँचे का केंद्रीय स्तंभ है, जहाँ क्षेत्रीय आर्थिक नीतियों पर साझा दिशा तय की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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