एपेक 2026: ताल्येन में तीसरी वरिष्ठ अधिकारी बैठक संपन्न, व्यापार-ऊर्जा-तकनीक पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) की तीसरी वरिष्ठ अधिकारी बैठक 17 से 28 अगस्त 2026 तक पूर्वोत्तर चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में आयोजित की गई। 2026 एपेक की मेजबानी कर रहे चीन ने इस बैठक में व्यापार, परिवहन, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा जैसे अहम विषयों पर विभिन्न अर्थव्यवस्थाओं के प्रतिनिधियों के बीच गहन विचार-विमर्श का मंच तैयार किया।
मुख्य घटनाक्रम
इस वर्ष एपेक की वरिष्ठ अधिकारी बैठकों की यह तीसरी कड़ी है। इससे पहले फरवरी 2026 में क्वांगचो और मई 2026 में शांगहाई में सफलतापूर्वक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। ताल्येन में आयोजित इस बैठक ने एक बार फिर चीन के विभिन्न क्षेत्रों की विकास विशेषताओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।
प्रतिनिधियों को ताल्येन के औद्योगिक और सांस्कृतिक परिदृश्य से परिचित कराने के लिए तीन विशेष अध्ययन दौरे के मार्ग तैयार किए गए। इन मार्गों में जहाज निर्माण उद्योग, आधुनिक मत्स्य पालन, उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत स्थल शामिल थे।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मेक्सिको के मिचोआकन सैन निकोलस विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं व्यवसाय अनुसंधान संस्थान के निदेशक अमेरिका ज़मोरा ने कहा कि चीन की विकास गति बहुत तेज है और यहाँ उद्योगों में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने ताल्येन को 'बेहद खूबसूरत, आधुनिक और फैशनेबल शहर' बताया, जहाँ गहरी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आधुनिकता और तकनीक की झलक भी मिलती है।
चिली के फल निर्यातक संघ के महासचिव रोड्रिगो गैलियार्डो ने एपेक को अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर चर्चा करने और उसे आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उनके अनुसार, चीन रणनीतिक एजेंडे और विभिन्न रणनीतिक स्तंभों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
आम जनता और व्यापार जगत पर असर
यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखला पुनर्गठन और ऊर्जा परिवर्तन को लेकर बहस तेज है। गौरतलब है कि एपेक के 21 सदस्य देश मिलकर वैश्विक GDP का लगभग 60 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का करीब आधा हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इन बैठकों के निष्कर्ष व्यापार नीति और निवेश प्रवाह पर व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं।
क्या होगा आगे
तीनों वरिष्ठ अधिकारी बैठकों में हुई चर्चाओं का सार 2026 एपेक नेताओं के शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा। ताल्येन बैठक में बनी सहमति और विचार-विमर्श के बिंदु आगामी मंत्रिस्तरीय वार्ताओं की दिशा तय करने में सहायक होंगे।