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ताल्येन में 2026 एपेक ऊर्जा थिंक टैंक फोरम संपन्न, 16 अर्थव्यवस्थाओं के 100+ प्रतिनिधि शामिल

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ताल्येन में 2026 एपेक ऊर्जा थिंक टैंक फोरम संपन्न, 16 अर्थव्यवस्थाओं के 100+ प्रतिनिधि शामिल

सारांश

ताल्येन में आयोजित 2026 एपेक ऊर्जा थिंक टैंक फोरम में 16 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने ऊर्जा सुरक्षा और हरित बदलाव पर सहमति बनाई। अगला बड़ा कदम — 16वीं एपेक ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक — 10-11 सितंबर को बीजिंग में होगी।

मुख्य बातें

चीन के ताल्येन में 2026 एपेक ऊर्जा थिंक टैंक फोरम का आयोजन हुआ, जिसमें 16 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के 100 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय लचीलापन, नवाचार सहयोग और थिंक टैंक नेटवर्क निर्माण पर गहन चर्चा हुई।
फोरम में 'चीन और एपेक ऊर्जा सहयोग की नई यात्रा' शीर्षक विशेष रिपोर्ट जारी की गई।
चीन वर्ष 1991 से एपेक के साथ पारंपरिक ऊर्जा, नई ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में सहयोग कर रहा है।
16वीं एपेक ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक 10-11 सितंबर को बीजिंग में आयोजित होगी।

चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में 2026 एपेक ऊर्जा थिंक टैंक फोरम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें एपेक की 16 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, थिंक टैंकों और अनुसंधान संस्थानों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। यह फोरम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा बदलाव के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

फोरम में प्रतिनिधियों ने ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय लचीलापन, ऊर्जा प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग तथा बहुपक्षीय सहयोग एवं थिंक टैंक नेटवर्क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। सभी प्रतिभागियों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्थाओं को संस्थागत सहयोग के माध्यम से मौजूदा बाधाओं को कम करना होगा और क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों के बीच आपसी संपर्क को और मजबूत बनाना होगा।

गौरतलब है कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा परिदृश्य जटिल और अस्थिर बना हुआ है, जिसके मद्देनज़र प्रतिभागियों ने प्रमुख मूलभूत प्रौद्योगिकियों में सहयोग एवं नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।

फोरम में जारी रिपोर्ट

फोरम के दौरान 'चीन और एपेक ऊर्जा सहयोग की नई यात्रा: ऊर्जा सहयोग के जरिए एशिया-प्रशांत समृद्धि को बढ़ावा देना' शीर्षक एक विशेष रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1991 में एपेक में शामिल होने के बाद से चीन ने अपनी ऊर्जा विकास रणनीतियों को अन्य सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ निरंतर जोड़ने का प्रयास किया है।

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया कि यह सहयोग पारंपरिक ऊर्जा, नई ऊर्जा और बिजली क्षेत्र सहित निवेश, व्यापार और बुनियादी ढाँचे की पूरी श्रृंखला तक विस्तृत है। इससे आपूर्ति-मांग में बेहतर तालमेल, हरित विकास और आपूर्ति श्रृंखलाओं के बीच मजबूत संपर्क पर आधारित ऊर्जा सहयोग का एक सुदृढ़ ढाँचा तैयार हुआ है।

आम जनता और क्षेत्र पर असर

एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए ऊर्जा एक अनिवार्य आधार है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस फोरम में बनी सहमति से क्षेत्र में एक मजबूत और लचीली ऊर्जा सुरक्षा प्रणाली के निर्माण की दिशा में ठोस प्रगति संभव हो सकेगी, जिसका सीधा लाभ एशिया-प्रशांत की अरबों की आबादी को मिलेगा।

क्या होगा आगे

फोरम में यह जानकारी दी गई कि 16वीं एपेक ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक 10 से 11 सितंबर तक चीन की राजधानी बीजिंग में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में ताल्येन फोरम में उभरी सिफारिशों और सहमतियों को नीतिगत स्तर पर आगे बढ़ाए जाने की संभावना है, जो एशिया-प्रशांत ऊर्जा सहयोग को एक नई दिशा दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एपेक जैसे बहुपक्षीय मंचों पर बनी आम राय को नीतिगत क्रियान्वयन में बदलने की राह हमेशा लंबी रही है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा भू-राजनीति में तेज़ी से बदलाव हो रहे हैं और चीन अपनी ऊर्जा नेतृत्व की भूमिका को बहुपक्षीय ढाँचे के भीतर स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। 10-11 सितंबर की मंत्रिस्तरीय बैठक असली कसौटी होगी — वहाँ देखना होगा कि थिंक टैंक स्तर की सिफारिशें मंत्रियों की मेज़ पर कितनी ठोस प्रतिबद्धताओं में तब्दील होती हैं।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 एपेक ऊर्जा थिंक टैंक फोरम क्या है?
यह एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के तत्वावधान में आयोजित एक बहुपक्षीय ऊर्जा विमर्श मंच है, जो चीन के ताल्येन शहर में संपन्न हुआ। इसमें 16 सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने ऊर्जा सुरक्षा, हरित बदलाव और क्षेत्रीय सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
फोरम में किन मुद्दों पर सहमति बनी?
प्रतिभागियों ने संस्थागत सहयोग के ज़रिए ऊर्जा क्षेत्र की बाधाएँ कम करने, ऊर्जा सुरक्षा और हरित बदलाव में तालमेल बैठाने, प्रमुख प्रौद्योगिकियों में नवाचार और क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई। इन उपायों से एशिया-प्रशांत में एक मजबूत ऊर्जा सुरक्षा प्रणाली बनाने का लक्ष्य है।
फोरम में जारी रिपोर्ट में क्या कहा गया?
रिपोर्ट के अनुसार, चीन वर्ष 1991 से एपेक के साथ पारंपरिक ऊर्जा, नई ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में निवेश, व्यापार और बुनियादी ढाँचे की पूरी श्रृंखला में सहयोग कर रहा है। इससे आपूर्ति-मांग तालमेल और हरित विकास पर आधारित ऊर्जा सहयोग का एक सुदृढ़ ढाँचा तैयार हुआ है।
16वीं एपेक ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक कब और कहाँ होगी?
16वीं एपेक ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक 10 से 11 सितंबर को चीन की राजधानी बीजिंग में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में ताल्येन फोरम की सिफारिशों को नीतिगत स्तर पर आगे बढ़ाए जाने की उम्मीद है।
एपेक ऊर्जा सहयोग एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
एशिया-प्रशांत क्षेत्र के आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए ऊर्जा एक अनिवार्य आधार है। वर्तमान जटिल अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा स्थिति में बहुपक्षीय सहयोग से आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाया जा सकता है और क्षेत्र की अरबों की आबादी को स्थिर व किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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