आरिफ मसूद ने भोपाल में हिंदू-मुस्लिम एकता की सराहना की, रंग लगाने की घटनाओं पर कार्रवाई की अपील
सारांश
Key Takeaways
- हिंदू-मुस्लिम एकता की सराहना
- रंग लगाने की घटनाओं पर कार्रवाई की मांग
- सावित्री बाई फूले कोचिंग सेंटर की निशुल्क सेवाएं
- आरिफ मसूद का राजनीतिक अनुभव
- समुदाय में संवाद की आवश्यकता
भोपाल, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने हिंदू-मुस्लिम एकता की सराहना की है। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पुलिस कमिश्नर ने मुझसे चर्चा के लिए समय दिया। मैंने उन्हें भोपाल की कुछ घटनाओं के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि डीआईजी बांग्ला चौराहे पर रंग लगाने की कोशिश की गई। इसके बाद कालीजी के मंदिर के पास भी यही प्रयास किया गया। इन घटनाओं में शामिल तीन-चार व्यक्तियों की पहचान की गई है, जो शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भोपाल के हिंदुओं और मुसलमानों का धन्यवाद, जिन्होंने हम पर और प्रशासन पर विश्वास बनाए रखा।
आरिफ मसूद ने कहा कि हमने लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। आम जनता में कोई झगड़ा नहीं हुआ। लोग भड़काव बातों में नहीं आए, जिससे नफरत फैलने से बची। मैंने पुलिस कमिश्नर से तुरंत दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सावित्री बाई फूले कोचिंग सेंटर के संबंध में विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि हम पिछले चार वर्षों से इस कोचिंग सेंटर का संचालन कर रहे हैं। हर साल बच्चों की संख्या बढ़ रही है। वहाँ के शिक्षक हमारे साथ हैं। सावित्री बाई फूले कोचिंग सेंटर निशुल्क है। पांचवीं और आठवीं कक्षा के जिन बच्चों ने अच्छे अंक प्राप्त किए हैं, उनके साथ हम भोजन करेंगे। बच्चों के परिवारवालों को भी आमंत्रित किया गया है।
विधायक आरिफ मसूद भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुने गए हैं। हाल ही में, 10 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत दी, जब शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए थे।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान भोपाल पुलिस कमिश्नर को आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।