अर्जुन रामपाल और अक्षय खन्ना ने 26/11 पर भावुक होकर क्यों रोए? जानिए 'धुरंधर 2' की कहानी
सारांश
Key Takeaways
- 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई है।
- अर्जुन रामपाल और अक्षय खन्ना की भावनाएं दर्शकों को छू गईं।
- फिल्म की रिसर्च में आदित्य धर ने दो साल लगाए।
- यह फिल्म 26/11 के हमले पर आधारित है।
- फिल्म ने हिंदी सिनेमा में नई धाराओं को जन्म दिया है।
मुंबई, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर नई ऊंचाइयों को छू रही है। इसके पहले भाग ने सिनेमाघरों में एक महीने तक धूम मचाई थी।
'धुरंधर-2' को जो अपार प्रेम मिल रहा है, उससे यह कहना गलत नहीं कि यह पहले भाग के कलेक्शन के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकती है। फिल्म के रिलीज होते ही इसके कई पहलुओं की जानकारी सामने आई है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एक सीन के दौरान अर्जुन रामपाल और अक्षय खन्ना के आंखों में आंसू आ गए थे।
फिल्म 'धुरंधर' में अर्जुन रामपाल ने मेजर इकबाल का किरदार निभाया है, जो आईएसआई के खिलाफ भारत के अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं, अक्षय खन्ना ने ल्यारी के डॉन का रोल किया है। फिल्म में मुंबई में हुए 26/11 के हमले का एक दृश्य है, जिसमें रहमान डकैत और मेजर इकबाल खुशी से झूमते हैं, जबकि रणवीर सिंह अपने भावनाओं को काबू में रखते हुए तालियां बजाते हैं।
इस सीन की शूटिंग के तुरंत बाद, अर्जुन रामपाल और अक्षय खन्ना दोनों ही भावुक होकर रो पड़े थे, क्योंकि उन्होंने उस दर्द को गहराई से महसूस किया था। फिल्म के लिए पाकिस्तानी पात्र निभाना अभिनेताओं के लिए सरल नहीं था, जैसा कि पर्दे पर दिखाया गया।
यह जानकारी खुद फिल्म में अजय सान्याल का किरदार निभाने वाले आर. माधवन ने साझा की थी। उन्होंने कहा कि जैसे ही सीन का कट हुआ, सेट पर वातावरण गमगीन हो गया, और यह स्वाभाविक था क्योंकि हम भारतीय हैं और सभी किसी न किसी रूप में इससे जुड़े हैं। इस इंटरव्यू की कई क्लिप्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
'धुरंधर' को बनाने में मेकर्स को भी काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। आदित्य धर ने फिल्म की रिसर्च में दो साल लगाए, और इस प्रक्रिया में फिल्म का बजट भी बढ़ गया। इस कारण से फिल्म के लिए निवेशकों को ढूंढना भी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन तीन साल की मेहनत के बाद फिल्म को दर्शकों के सामने लाया गया। इस फिल्म ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि हिंदी सिनेमा में फिल्म निर्माण के नए मानक भी स्थापित किए।