7 नवंबर 2026
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अरविंद सावंत का BJP पर हमला: 'भाजपा विभाजनकारी संगठन, सोनिया गांधी की किताब शत-प्रतिशत सत्य'

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अरविंद सावंत का BJP पर हमला: 'भाजपा विभाजनकारी संगठन, सोनिया गांधी की किताब शत-प्रतिशत सत्य'

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने सोनिया गांधी की किताब में भाजपा पर की गई टिप्पणियों को 'शत-प्रतिशत सत्य' करार दिया। उन्होंने भाजपा को 'विभाजनकारी विचारों का संगठन' बताया और 2014 के बाद जातीय-धार्मिक विभाजन के लिए सत्ता की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने 7 नवंबर 2026 को मुंबई में सोनिया गांधी की किताब में भाजपा पर की गई टिप्पणियों को 'शत-प्रतिशत सत्य' बताया।
सावंत ने भाजपा को 'विभाजनकारी विचारों का संगठन' कहा और आरोप लगाया कि पार्टी घृणा व द्वेष की राजनीति करती है।
उन्होंने 2014 के बाद जाति-धर्म के आधार पर बढ़े विभाजन के लिए सत्ता की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया।
सावंत ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के स्वतंत्रता संग्राम में जेल-यातना और मोतीलाल नेहरू की संपत्ति समर्पण की तुलना किसी भाजपा नेता से करने की चुनौती दी।
सावंत ने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के सदस्य नहीं हैं, फिर भी उन्होंने यह बयान अपने 'व्यक्तिगत अनुभव' के आधार पर दिया।

शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने 7 नवंबर 2026 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के हालिया बयानों का पूरज़ोर समर्थन किया। सावंत ने कहा कि सोनिया गांधी ने अपनी किताब में जो कुछ लिखा है, वह 'शत-प्रतिशत सत्य' है, क्योंकि भाजपा जोड़ने की नहीं बल्कि तोड़ने की राजनीति करती है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि 2014 के बाद देश में जाति और धर्म के आधार पर जो विभाजन बढ़ा है, उसकी जड़ में सत्ता की राजनीति है।

सावंत के मुख्य आरोप

सावंत ने खुलकर कहा, 'यह विभाजनकारी विचारों का संगठन है। इनका कोई भी विचार जोड़ने की बात नहीं करता, बल्कि तोड़ने की बात करता है। इनका कोई भी विचार प्रेम की बात नहीं करता, घृणा और द्वेष की बात करता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं कांग्रेस के सदस्य नहीं हैं, फिर भी सच्चाई को सामने रखना आवश्यक समझते हैं।

सावंत ने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में गहरा फर्क है — 'दिखाने के दांत अलग हैं और खाने के दांत अलग हैं।' उन्होंने कहा कि 2014 के बाद की राजनीति में 'आरोप लगाना, भ्रम पैदा करना और दुश्मन तैयार करना' एक सुनियोजित रणनीति बन गई है।

नेहरू-गांधी परिवार के बलिदान की दुहाई

सावंत ने नेहरू-गांधी परिवार के त्याग का हवाला देते हुए कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश की आज़ादी के लिए जितनी जेल काटी, उतनी किसी भी भाजपा नेता ने नहीं काटी। उन्होंने चुनौती दी कि कोई एक ऐसा नाम बताए जिसने स्वतंत्रता संग्राम में जेल की सज़ा भुगती हो।

उन्होंने मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी संपत्ति देश को समर्पित करने का उदाहरण भी दिया और इलाहाबाद स्थित आनंद भवन का उल्लेख किया। उनके अनुसार, जिन्होंने जीवनभर देश के लिए संघर्ष किया, उनकी तुलना उन लोगों से नहीं की जा सकती जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में कोई भूमिका नहीं निभाई।

सोनिया गांधी की किताब और राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने हाल ही में एक किताब में भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर तीखी टिप्पणियाँ की हैं, जिनसे देश में राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। सावंत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (जिसमें शिवसेना यूबीटी, कांग्रेस और NCP शामिल हैं) के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

सावंत, जो शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और मुंबई दक्षिण के सांसद हैं, ने यह बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका यह रुख पूरी तरह अपने व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है।

आगे क्या

सावंत के इस बयान पर भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि यह बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद की राजनीतिक पुनर्संरचना के बीच विपक्षी एकजुटता को प्रदर्शित करने की एक रणनीतिक कोशिश हो सकती है। आने वाले दिनों में भाजपा का पलटवार और इस राजनीतिक बहस का आगे बढ़ना तय माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गहराई में यह महाविकास अघाड़ी की उस रणनीति का हिस्सा है जो शिवसेना (यूबीटी) को वैचारिक धरातल पर कांग्रेस के करीब दिखाने की कोशिश करती है। ध्यान देने योग्य है कि सावंत ने खुद को 'कांग्रेसी नहीं' कहकर बयान की विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश की — यह राजनीतिक संदेश-कौशल का सुनियोजित प्रयोग है। नेहरू-गांधी परिवार की ऐतिहासिक भूमिका पर बहस जायज़ है, लेकिन इसे मौजूदा नीतिगत सवालों — जैसे आर्थिक विभाजन, सांप्रदायिक सौहार्द या शासन की जवाबदेही — से जोड़ने की बजाय सावंत व्यक्तित्व-केंद्रित तुलना पर ही टिके रहे, जो विमर्श की सीमा को उजागर करता है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरविंद सावंत ने सोनिया गांधी की किताब को लेकर क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि सोनिया गांधी ने अपनी किताब में भाजपा के बारे में जो लिखा है, वह 'शत-प्रतिशत सत्य' है। उन्होंने भाजपा को 'विभाजनकारी विचारों का संगठन' बताते हुए कहा कि पार्टी प्रेम नहीं, घृणा और द्वेष की बात करती है।
सावंत ने 2014 के बाद जाति-धर्म विभाजन के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
अरविंद सावंत ने कहा कि 2014 के बाद देश में जाति और धर्म के आधार पर जो विघटन हुआ है, उसका सीधा कारण सत्ता की राजनीति है। उनके अनुसार 'आरोप लगाना, भ्रम पैदा करना और दुश्मन तैयार करना' भाजपा की कार्यशैली बन गई है।
सावंत ने नेहरू-गांधी परिवार की तुलना भाजपा नेताओं से क्यों की?
सावंत ने चुनौती दी कि कोई एक भाजपा नेता का नाम बताए जिसने देश की आज़ादी के लिए जेल काटी हो, जैसा पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया। उन्होंने मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू द्वारा अपनी संपत्ति देश को समर्पित करने का उदाहरण भी दिया, जिसमें आनंद भवन का विशेष उल्लेख किया।
अरविंद सावंत कौन हैं और वे किस पार्टी से हैं?
अरविंद सावंत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और मुंबई दक्षिण से सांसद हैं। वे महाविकास अघाड़ी गठबंधन के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और उन्होंने खुद स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के सदस्य नहीं हैं।
सोनिया गांधी की किताब में भाजपा के बारे में क्या लिखा गया है?
सोनिया गांधी ने अपनी हालिया किताब में भाजपा और उसकी विचारधारा पर टिप्पणियाँ की हैं, जिनसे राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है। किताब की विस्तृत विषयवस्तु को लेकर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, जिनमें सावंत का समर्थन और भाजपा का विरोध शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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