क्या उत्तर प्रदेश की बाल प्रतिभा अर्यमा शुक्ला ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा?

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क्या उत्तर प्रदेश की बाल प्रतिभा अर्यमा शुक्ला ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रचा?

सारांश

उत्तर प्रदेश की 10 वर्षीय प्रतिभा, अर्यमा शुक्ला ने लखनऊ विश्वविद्यालय में अद्वितीय स्मरण शक्ति का प्रदर्शन करते हुए दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। उनका यह प्रयास सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्य बातें

अर्यमा शुक्ला ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़े।
उन्होंने इयूलर संख्या के 360 दशमलव अंक सुने।
अर्यमा ने पाई की संख्या में 630 अंक भी सुने।
यह उपलब्धि उनकी अद्वितीय प्रतिभा को दर्शाती है।
उन्हें पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की 10 वर्षीय बाल प्रतिभा अर्यमा शुक्ला ने अद्वितीय स्मरण शक्ति का प्रदर्शन करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय में दो अंतरराष्ट्रीय गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया।

परांजपे पवेलियन ग्राउंड में आयोजित इस रिकॉर्ड प्रयास में अर्यमा ने गणितीय स्थिरांकों की दशमलव संख्याओं को याद करने की चुनौती में अव्वल रही। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की निर्धारित गाइडलाइंस के तहत आंखों पर पट्टी बांधकर अर्यमा ने मात्र एक मिनट में इयूलर संख्या के 360 दशमलव अंक सटीक रूप से सुनाए। इस श्रेणी में पूर्व रिकॉर्ड 281 अंकों का था, जो अमेरिका की सांची गौरीनेनी के नाम दर्ज है।

इसके बाद अर्यमा ने पाई (π) की दशमलव संख्याओं में भी नया दावा पेश किया। उन्होंने एक मिनट में 630 अंक सुनाकर चीन के फआंग झाऊ के 598 अंकों के मौजूदा रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया के अंतर्गत बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. कमलेश कुमार स्वतंत्र साक्षी के रूप में उपस्थित रहे।

गणित विशेषज्ञ के तौर पर नेशनल पीजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निर्मल श्रीवास्तव ने भूमिका निभाई, जबकि समय-निर्धारण की जिम्मेदारी डॉ. मोहम्मद तारिक और डॉ. शरद चौरसिया ने संभाली।

इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. अजय कुमार आर्य ने अर्यमा की उपलब्धि को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि वह लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि रिकॉर्ड से जुड़ा वीडियो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड टीम को भेज दिया गया है और पुष्टि के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने भी अर्यमा को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उल्लेखनीय है कि सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की कक्षा 5 की छात्रा अर्यमा शुक्ला को इससे पहले भी उनकी विलक्षण प्रतिभा के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान मिल चुका है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

अर्यमा के नाम पहले से ही कई विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं, और यह उपलब्धि उनकी प्रतिभा की नई मिसाल बनकर सामने आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कहना चाहूंगा कि अर्यमा शुक्ला की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह बताती है कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमें ऐसे युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए जो देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्यमा शुक्ला ने कितने रिकॉर्ड तोड़े हैं?
अर्यमा शुक्ला ने लखनऊ विश्वविद्यालय में दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़े हैं।
अर्यमा की उम्र क्या है?
अर्यमा शुक्ला की उम्र 10 वर्ष है।
उन्होंने कौन से विषय में रिकॉर्ड तोड़े?
उन्होंने गणितीय स्थिरांकों की दशमलव संख्याओं में रिकॉर्ड तोड़े।
क्या अर्यमा को इससे पहले कोई पुरस्कार मिला है?
हाँ, अर्यमा को उनकी प्रतिभा के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पुरस्कार मिल चुके हैं।
रिकॉर्ड की पुष्टि कब होगी?
रिकॉर्ड की पुष्टि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड टीम द्वारा की जाएगी और इसके बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस