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गोरखपुर की एआई जागरूकता से गिनीज बुक में दर्ज हुआ नया कीर्तिमान

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गोरखपुर की एआई जागरूकता से गिनीज बुक में दर्ज हुआ नया कीर्तिमान

सारांश

गोरखपुर ने एआई जागरूकता के क्षेत्र में गिनीज बुक में नाम दर्ज कराया है। इस कार्यक्रम ने एक सप्ताह में 764187 पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। जानें इस अद्वितीय कार्यक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

गोरखपुर ने गिनीज बुक में नाम दर्ज कराया।
764187 ऑनलाइन पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मार्गदर्शन।
एआई फॉर ऑल प्रोग्राम का उद्देश्य जागरूकता फैलाना है।
पूर्णतः नि:शुल्क प्रशिक्षण।

गोरखपुर, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता के क्षेत्र में गोरखपुर ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विकसित किए गए ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम ने मात्र एक सप्ताह में 764187 ऑनलाइन पंजीकरण का अद्वितीय विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

यह कार्यक्रम एमपीआईटी (महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) द्वारा टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) और अन्य संस्थानों के सहयोग से शुरू किया गया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को इस कार्यक्रम के तहत पंजीकरण का विश्व कीर्तिमान बनने का प्रमाण पत्र सौंपा।

यह प्रमाण पत्र एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रस्तुत किया गया। एमपीआईटी ने ‘एआई फॉर ऑल’ अवेयरनेस प्रोग्राम के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन निर्धारित तिथि ९ अप्रैल तक 764187 पंजीकरण हुए।

इस कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा, बीआईटी गीडा आदि को भी शामिल किया गया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को कड़े मानकों पर परखा गया है।

इस पूर्णतः नि:शुल्क एआई अवेयरनेस प्रोग्राम में एआई का परिचय, जेनेरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग एंड प्रोडक्टिविटी, रिस्पांसिबल एआई उपयोग, साइबर हाइजीन, फ्रॉड प्रिवेंशन, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा एवं सुरक्षित डिजिटल प्रथाएँ के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

--आईएएएनएस

डीकेपी/

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सरकार और शिक्षा संस्थान मिलकर समाज में जागरूकता फैला सकते हैं। यह पहल तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिनीज बुक में गोरखपुर का नाम कैसे दर्ज हुआ?
गोरखपुर ने 'एआई फॉर ऑल' कार्यक्रम के अंतर्गत 764187 ऑनलाइन पंजीकरण कराकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में जागरूक करना और तकनीकी कौशल विकसित करना है।
कार्यक्रम में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?
कार्यक्रम में एआई का परिचय, प्रॉम्प्टिंग, साइबर हाइजीन, और सुरक्षित डिजिटल प्रथाएँ शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में एमपीआईटी द्वारा किया जा रहा है।
क्या यह कार्यक्रम निशुल्क है?
हाँ, यह एआई अवेयरनेस प्रोग्राम पूर्णतः नि:शुल्क है।
राष्ट्र प्रेस
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