गुजरात का एआई में नया आयाम: स्टार्टअप्स और संस्थानों के लिए 100 से अधिक जीपीयू की उपलब्धता

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गुजरात का एआई में नया आयाम: स्टार्टअप्स और संस्थानों के लिए 100 से अधिक जीपीयू की उपलब्धता

सारांश

गुजरात सरकार ने एआई क्षेत्र में 100 से अधिक जीपीयू उपलब्ध कराने की योजना का ऐलान किया है। यह स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों के लिए उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगा, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्य बातें

100 से अधिक जीपीयू की उपलब्धता से स्टार्टअप्स को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री का लक्ष्य गुजरात को एआई में अग्रणी बनाना है।
यह योजना केंद्र सरकार के इंडिया एआई मिशन के तहत है।
स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार एआई समाधान विकसित होंगे।
उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

गांधीनगर, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्यभर में 100 से अधिक हाई-परफॉर्मेंस ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (जीपीयू) उपलब्ध कराने की योजना की घोषणा की है। इसका मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी विभागों को उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है।

यह पहल गुजरात इन्फॉर्मेटिक्स लिमिटेड द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत चलाई जा रही है और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित शासन की विचारधारा के अनुरूप है।

यह योजना केंद्र सरकार के इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत लागू की जा रही है, जिसके तहत साझा एआई कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इससे स्टार्टअप्स और शोध संस्थानों को मॉडल ट्रेनिंग, एप्लिकेशन डेवलपमेंट और बड़े स्तर पर एआई समाधान लागू करने में सहायता मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस साझा सुविधा से उच्च-स्तरीय कंप्यूटिंग सिस्टम की खरीद में लगने वाली लागत और समय दोनों में कमी आएगी। इसके साथ ही, शासन और उद्योग में एआई आधारित एप्लिकेशन के तेजी से विकास और उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

यह घोषणा हाल ही में गांधीनगर में आयोजित एआई स्टार्टअप संवाद के बाद की गई है, जहां मुख्यमंत्री ने देशभर के लगभग दो दर्जन उभरते स्टार्टअप्स के साथ सीधा संवाद किया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात एआई को अपनाने में अग्रणी राज्य बनने का लक्ष्य रखता है और इसके माध्यम से शासन में पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने स्टार्टअप्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में नवाचार को आगे बढ़ा सकते हैं।

राज्य सरकार पिछले कुछ वर्षों में एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा चुकी है, जिसमें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, स्टार्टअप इनोवेशन चुनौतियां और इंडस्ट्री के साथ साझेदारी शामिल हैं।

यह नई जीपीयू-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर एआई मॉडल ट्रेनिंग, नई एप्लिकेशन विकसित करने और बड़े स्तर पर उनके उपयोग को सक्षम बनाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार एआई समाधान विकसित करने और उन्हें शासन में तेजी से लागू करने में भी सहायता मिलेगी।

सरकार के अनुसार, यह पहल गुजरात को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इनोवेशन और डिजिटल गवर्नेंस का राष्ट्रीय हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं इससे स्थानीय स्टार्टअप्स और शैक्षणिक संस्थानों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यह कदम न केवल सरकार के तकनीकी दृष्टिकोण को दर्शाता है, बल्कि नागरिक सेवाओं में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में जीपीयू की योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, और सरकारी विभागों को उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है।
यह योजना किसके तहत लागू की जा रही है?
यह योजना केंद्र सरकार के इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत लागू की जा रही है।
क्या इस योजना से स्टार्टअप्स को लाभ होगा?
हाँ, इससे स्टार्टअप्स को मॉडल ट्रेनिंग, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, और एआई समाधान लागू करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात एआई को अपनाने में अग्रणी राज्य बनने का लक्ष्य रखता है।
क्या यह योजना स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखती है?
हाँ, यह योजना स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार एआई समाधान विकसित करने में मदद करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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