IIT गांधीनगर क्यूरियोसिटी प्रोग्राम: UP के 2 कस्तूरबा विद्यालयों का चयन, 13 जुलाई से ओरिएंटेशन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को आईआईटी गांधीनगर के प्रतिष्ठित क्यूरियोसिटी प्रोग्राम 2026-27 के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम के लिए चुना गया है। 13 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में प्रयागराज और गाजियाबाद की छात्राएं देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान में विज्ञान, नवाचार और रचनात्मक अधिगम का प्रत्यक्ष अनुभव लेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की बालिका शिक्षा नीति के तहत यह चयन एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
किन विद्यालयों का हुआ चयन
आईआईटी गांधीनगर के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग (CCL) द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, चयन उन विद्यालयों का किया गया है जिन्होंने पूरे शैक्षणिक वर्ष में क्यूरियोसिटी कार्यक्रम में असाधारण प्रदर्शन किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कौड़िहार-1, प्रयागराज ने कार्यक्रम के 50 में से 46 सत्रों में भागीदारी करते हुए 92 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की और 48 में से 39 वर्कशीट जमा कराईं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय लोनी (नगर पालिका), गाजियाबाद ने 50 में से 49 सत्रों में भाग लेकर 98 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की तथा 48 में से 42 वर्कशीट जमा कराईं। इस उत्कृष्ट सहभागिता के आधार पर दोनों विद्यालयों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान मिला है।
कार्यक्रम में क्या होगा
विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक चयनित विद्यालय से दो छात्राएं और एक शिक्षिका इस ओरिएंटेशन में भाग लेंगी। 13 से 15 जुलाई के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को विज्ञान, गणित, नवाचार, रचनात्मक अधिगम और समस्या समाधान आधारित गतिविधियों से परिचित कराया जाएगा।
छात्राएं आईआईटी गांधीनगर की शोध संस्कृति, शैक्षणिक वातावरण और नवाचार-आधारित शिक्षण मॉडल को निकट से समझ सकेंगी। यह अनुभव विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला माना जा रहा है।
योगी सरकार की बालिका शिक्षा नीति का संदर्भ
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को सशक्तीकरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रभावी केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। डिजिटल शिक्षण, विज्ञान-गणित कार्यक्रम और राष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी पहलों के माध्यम से राज्य की बालिकाओं को मुख्यधारा के अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में बालिका शिक्षा और STEM क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर राष्ट्रीय स्तर पर ज़ोर दिया जा रहा है। क्यूरियोसिटी प्रोग्राम जैसे कार्यक्रम सरकारी विद्यालयों की छात्राओं को IIT जैसे शीर्ष संस्थानों से सीधे जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
आम जनता और छात्राओं पर असर
प्रयागराज और गाजियाबाद की इन छात्राओं के लिए यह चयन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैज्ञानिक सोच और उच्च शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाने का एक निर्णायक अवसर है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के संपर्क-कार्यक्रम ग्रामीण पृष्ठभूमि की छात्राओं में करियर संबंधी आकांक्षाओं को मूर्त रूप देने में सहायक होते हैं।
आने वाले समय में इस कार्यक्रम का विस्तार और अधिक विद्यालयों तक होने की उम्मीद है, जिससे उत्तर प्रदेश की और अधिक बेटियाँ देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों तक अपनी पहुँच बना सकेंगी।