एशियन गेम्स 2026: नॉर्थ कोरिया ने 3-0 से रौंदा, भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम क्वार्टर फाइनल में बाहर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला टेबल टेनिस टीम का एशियन गेम्स 2026 में सफर 22 सितंबर, मंगलवार को नागोया में क्वार्टर फाइनल के पहले दौर में ही थम गया, जब नॉर्थ कोरिया ने टीम इवेंट में 3-0 की क्लीन स्वीप जीत दर्ज करते हुए भारत को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। श्रीजा अकुला, यशस्विनी घोरपड़े और दीया चितले — तीनों खिलाड़ियों को अपने-अपने मुकाबलों में सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा, और एशियन गेम्स में महिला टीम स्पर्धा के मेडल का इंतजार एक बार फिर अधूरा रह गया।
मुख्य घटनाक्रम: तीनों मैच गंवाए
भारत की शुरुआत पहले मैच में ही बुरी रही। स्टार खिलाड़ी श्रीजा अकुला अपनी आक्रामक लय को कायम नहीं रख सकीं और 7-11, 6-11, 5-11 के अंतर से पहला मुकाबला हार गईं, जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया।
दूसरे मुकाबले में यशस्विनी घोरपड़े पर टीम की उम्मीदें टिकी थीं, लेकिन उन्हें नॉर्थ कोरिया की सोंग ग्योंग प्योंग के हाथों 4-11, 3-11, 6-11 से करारी हार मिली। इसके साथ ही नॉर्थ कोरिया 2-0 की निर्णायक बढ़त पर आ गया।
तीसरे और अंतिम मैच में दीया चितले को सु योंग चा के विरुद्ध जीत दर्ज करना बेहद जरूरी था, ताकि मुकाबले में भारत की वापसी संभव हो सके। किंतु दीया 9-11, 7-11, 8-11 से पराजित हुईं और इसी के साथ नॉर्थ कोरिया ने 3-0 से जीत सुनिश्चित कर भारत का सफर समाप्त कर दिया।
क्वार्टर फाइनल तक का सफर
गौरतलब है कि भारतीय टीम ने इसी दिन यानी मंगलवार को थाईलैंड के विरुद्ध एक कड़े मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज करके क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था। उस मैच में भारत 2-1 से पिछड़ रहा था, लेकिन यशस्विनी घोरपड़े ने दो महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा।
निर्णायक पांचवें मैच में श्रीजा अकुला ने थाईलैंड की ओलंपियन और एशियन गेम्स मेडलिस्ट सुथासिनी सावेत्ताबुत को 3-1 (9-11, 11-6, 12-10, 11-8) के स्कोर से हराकर भारत को क्वार्टर फाइनल की राह दिखाई थी।
भारत का एशियन गेम्स टेबल टेनिस इतिहास
यह हार इसलिए भी अखरती है क्योंकि एशियन गेम्स में महिला टीम स्पर्धा के मेडल का भारत का इंतजार अब भी जारी है। भारत ने एशियन गेम्स में टेबल टेनिस में अब तक कुल तीन मेडल जीते हैं और तीनों ब्रॉन्ज मेडल हैं।
जकार्ता 2018 में भारतीय पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में देश का पहला टेबल टेनिस मेडल जीता था। उसी आयोजन में शरत कमल और मनिका बत्रा ने मिक्स्ड डबल्स में एक और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हांगझोऊ 2023 में सुतीर्था मुखर्जी और अयहिका मुखर्जी ने विमेंस डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जो महिला वर्ग में भारत का पहला एशियन गेम्स टेबल टेनिस मेडल था।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेबल टेनिस में नई पीढ़ी के खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं। श्रीजा अकुला जैसी विश्व-स्तरीय खिलाड़ी की उपस्थिति के बावजूद टीम इवेंट में मेडल न मिलना दर्शाता है कि गहराई और युगल तालमेल पर अभी काम करने की ज़रूरत है। एशियन गेम्स में टीम स्पर्धा का स्वर्ण एशिया के शीर्ष देशों — चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और अब नॉर्थ कोरिया — के दबदबे की वजह से भारत के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा है।
आगामी महीनों में भारतीय टेबल टेनिस संघ से यह उम्मीद की जा रही है कि वह टीम कॉम्बिनेशन और रणनीति की समीक्षा करेगा, ताकि अगले बड़े आयोजनों में बेहतर नतीजे मिल सकें।