13 जुलाई 2026
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असम बाढ़ अपडेट: सिर्फ धेमाजी जिला प्रभावित, 1,367 लोग बेघर; कोई जनहानि नहीं

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असम बाढ़ अपडेट: सिर्फ धेमाजी जिला प्रभावित, 1,367 लोग बेघर; कोई जनहानि नहीं

सारांश

असम में बाढ़ का दायरा सिकुड़कर अब सिर्फ धेमाजी जिले तक सीमित रह गया है। ASDMA के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार 1,367 लोग अभी भी प्रभावित हैं, लेकिन जोनाई का एक राहत शिविर बंद हो गया — यह सामान्य स्थिति लौटने का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

ASDMA के 12 जुलाई के बुलेटिन के अनुसार असम में अब केवल धेमाजी जिला बाढ़ से प्रभावित है।
1,367 लोग प्रभावित — जिनमें 438 पुरुष, 442 महिलाएँ और 487 बच्चे शामिल हैं।
इस बाढ़ दौर में किसी की मौत या लापता होने की कोई घटना नहीं।
3,726 पशु प्रभावित; 125.53 क्विंटल पशु चारा वितरित।
112 कच्चे मकान पूरी तरह और 16 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त।
जोनाई का तेलाम ट्राइबल हाई स्कूल राहत शिविर बंद — सभी विस्थापित घर लौटे।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा 12 जुलाई को जारी ताज़ा बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है और अब केवल धेमाजी जिला बाढ़ की चपेट में है। इस दौर में किसी व्यक्ति की मौत या लापता होने की कोई घटना सामने नहीं आई है।

मौजूदा स्थिति

धेमाजी के माटिजुरी क्षेत्र में कटाखाल नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालाँकि राज्य की कोई भी नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर को नहीं छू रही। धेमाजी और जोनाई राजस्व सर्किल के तीन गाँव अभी भी प्रभावित हैं, जहाँ 1,367 लोग438 पुरुष, 442 महिलाएँ और 487 बच्चे — बाढ़ की मार झेल रहे हैं। करीब 26 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है।

राहत एवं बचाव कार्य

प्रशासन ने जोनाई में एक राहत शिविर और एक राहत वितरण केंद्र स्थापित किया है। राहत शिविर में इस समय 38 लोग13 पुरुष, 18 महिलाएँ और 7 बच्चे — शरण लिए हुए हैं। रविवार को नाव या हेलीकॉप्टर से कोई बचाव अभियान नहीं चलाया गया। प्रभावित पशुओं के लिए 125.53 क्विंटल गेहूँ की भूसी सहित पशु चारा वितरित किया गया।

नुकसान का ब्यौरा

बाढ़ के कारण 112 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 16 मकानों को आंशिक नुकसान पहुँचा है। पशुशालाओं सहित 20 अन्य ढाँचों को भी क्षति हुई है। जोनाई के 16 आँगनवाड़ी केंद्रों में फर्श टूटने के साथ-साथ पानी के पंप और पाइपलाइन कनेक्शन क्षतिग्रस्त हुए हैं। रुक्मिणी अली हाई स्कूल के फर्श, दीवारों, दरवाज़ों और खिड़कियों को भी नुकसान पहुँचा है। सरकारी एजेंसियों के अनुसार, किसी सड़क, पुल या तटबंध को नुकसान नहीं पहुँचा है।

पशुधन पर असर

बाढ़ के इस दौर में 3,726 पशु प्रभावित हुए हैं — इनमें 1,590 बड़े और 2,136 छोटे पशु शामिल हैं। पशुओं के लिए राहत सामग्री वितरण जारी है।

सामान्य स्थिति की ओर

जोनाई स्थित तेलाम ट्राइबल हाई स्कूल में चल रहा राहत शिविर रविवार को बंद कर दिया गया, क्योंकि वहाँ रह रहे सभी लोग अपने घर लौट गए। यह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे सामान्य जनजीवन बहाल होने का संकेत है। ASDMA के आँकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों में प्रभावित जिलों की संख्या में तेज़ी से कमी आई है। आने वाले दिनों में जल स्तर और घटने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 26 हेक्टेयर डूबी कृषि भूमि और 112 ध्वस्त कच्चे मकान यह याद दिलाते हैं कि सबसे कमज़ोर तबका — आदिवासी और सीमांत किसान — हर साल इसी चक्र में फँसता है। असम में बाढ़ कोई आपात स्थिति नहीं, बल्कि एक वार्षिक संरचनात्मक संकट है जिसमें तटबंध, जल निकासी और पुनर्वास की दीर्घकालिक योजना की माँग दशकों से लंबित है। जब तक नीति बाढ़-राहत से आगे बढ़कर बाढ़-प्रतिरोध की ओर नहीं जाती, ये बुलेटिन हर मानसून में दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में अभी कौन-सा जिला बाढ़ से प्रभावित है?
ASDMA के 12 जुलाई के बुलेटिन के अनुसार, धेमाजी अब राज्य का एकमात्र बाढ़ प्रभावित जिला है। यहाँ माटिजुरी क्षेत्र में कटाखाल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
असम बाढ़ में कितने लोग प्रभावित हैं?
धेमाजी और जोनाई राजस्व सर्किल के तीन गाँवों में कुल 1,367 लोग प्रभावित हैं — 438 पुरुष, 442 महिलाएँ और 487 बच्चे। जोनाई में स्थापित राहत शिविर में 38 लोग शरण लिए हुए हैं।
क्या असम बाढ़ में कोई मौत हुई है?
नहीं। ASDMA के बुलेटिन के अनुसार, इस बाढ़ दौर में किसी व्यक्ति की मौत या लापता होने की कोई घटना सामने नहीं आई है।
धेमाजी में बाढ़ से क्या-क्या नुकसान हुआ है?
112 कच्चे मकान पूरी तरह और 16 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। जोनाई के 16 आँगनवाड़ी केंद्र और रुक्मिणी अली हाई स्कूल को भी नुकसान पहुँचा है। 26 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है और 3,726 पशु प्रभावित हुए हैं।
असम में बाढ़ की स्थिति कब सामान्य होगी?
जोनाई स्थित तेलाम ट्राइबल हाई स्कूल राहत शिविर 12 जुलाई को बंद कर दिया गया क्योंकि सभी विस्थापित घर लौट गए। राज्य की कोई भी नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर पर नहीं है, जो आने वाले दिनों में और सुधार का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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