असम बाढ़ अपडेट: सिर्फ धेमाजी जिला प्रभावित, 1,367 लोग बेघर; कोई जनहानि नहीं
सारांश
मुख्य बातें
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा 12 जुलाई को जारी ताज़ा बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, राज्य में बाढ़ की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है और अब केवल धेमाजी जिला बाढ़ की चपेट में है। इस दौर में किसी व्यक्ति की मौत या लापता होने की कोई घटना सामने नहीं आई है।
मौजूदा स्थिति
धेमाजी के माटिजुरी क्षेत्र में कटाखाल नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालाँकि राज्य की कोई भी नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर को नहीं छू रही। धेमाजी और जोनाई राजस्व सर्किल के तीन गाँव अभी भी प्रभावित हैं, जहाँ 1,367 लोग — 438 पुरुष, 442 महिलाएँ और 487 बच्चे — बाढ़ की मार झेल रहे हैं। करीब 26 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है।
राहत एवं बचाव कार्य
प्रशासन ने जोनाई में एक राहत शिविर और एक राहत वितरण केंद्र स्थापित किया है। राहत शिविर में इस समय 38 लोग — 13 पुरुष, 18 महिलाएँ और 7 बच्चे — शरण लिए हुए हैं। रविवार को नाव या हेलीकॉप्टर से कोई बचाव अभियान नहीं चलाया गया। प्रभावित पशुओं के लिए 125.53 क्विंटल गेहूँ की भूसी सहित पशु चारा वितरित किया गया।
नुकसान का ब्यौरा
बाढ़ के कारण 112 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 16 मकानों को आंशिक नुकसान पहुँचा है। पशुशालाओं सहित 20 अन्य ढाँचों को भी क्षति हुई है। जोनाई के 16 आँगनवाड़ी केंद्रों में फर्श टूटने के साथ-साथ पानी के पंप और पाइपलाइन कनेक्शन क्षतिग्रस्त हुए हैं। रुक्मिणी अली हाई स्कूल के फर्श, दीवारों, दरवाज़ों और खिड़कियों को भी नुकसान पहुँचा है। सरकारी एजेंसियों के अनुसार, किसी सड़क, पुल या तटबंध को नुकसान नहीं पहुँचा है।
पशुधन पर असर
बाढ़ के इस दौर में 3,726 पशु प्रभावित हुए हैं — इनमें 1,590 बड़े और 2,136 छोटे पशु शामिल हैं। पशुओं के लिए राहत सामग्री वितरण जारी है।
सामान्य स्थिति की ओर
जोनाई स्थित तेलाम ट्राइबल हाई स्कूल में चल रहा राहत शिविर रविवार को बंद कर दिया गया, क्योंकि वहाँ रह रहे सभी लोग अपने घर लौट गए। यह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे सामान्य जनजीवन बहाल होने का संकेत है। ASDMA के आँकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों में प्रभावित जिलों की संख्या में तेज़ी से कमी आई है। आने वाले दिनों में जल स्तर और घटने की उम्मीद है।