असम के चाय बागान कर्मयोगियों का अयोध्या में अद्भुत अनुभव: आस्था और उत्सुकता की यात्रा
सारांश
Key Takeaways
- कर्मयोगियों ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए।
- यह यात्रा उनके लिए एक भावनात्मक और सांस्कृतिक जागरण का अनुभव बनी।
- प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से यह पहल संभव हुई।
- कर्मयोगियों को अयोध्या में गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
- अगली यात्रा वाराणसी (काशी) के लिए निर्धारित की गई है।
अयोध्या, 5 अप्रैल (आईएनएस)। असम के चाय बागान के श्रमिकों ने जब पहली बार अपने सीमित दायरे से बाहर आकर देश की आध्यात्मिक धड़कन से जुड़ने का अनुभव किया, तो यह उनके लिए केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक जागरण बन गया। इस पहल की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से हुई, जिसने उन श्रमिकों को रामलला के दरबार तक पहुंचाया, जो अब तक बाहरी दुनिया से दूर थे।
डिब्रूगढ़ के मनोहारी टी एस्टेट से आए 30 कर्मयोगियों का पहला दल रविवार को अयोध्या पहुंचा। उनकी यात्रा की शुरुआत कारसेवकपुरम से हुई। स्नान के बाद, उन्होंने मां सरयू, नागेश्वरनाथ मंदिर और राम की पैड़ी के अद्भुत दृश्यों का अवलोकन किया। इसके पश्चात् कर्मयोगियों ने हनुमानगढ़ी, दशरथ महल और कनक भवन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का दर्शन किया। हर स्थल उनके लिए नए अनुभव और गहरे कौतूहल का केंद्र बना रहा।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचने पर दल की भावनाएं चरम पर पहुंच गईं। वहाँ की भव्यता और कलात्मकता देखकर कई सदस्य भाव-विभोर हो गए। उन्होंने विश्वास ही नहीं किया कि वे उसी मंदिर परिसर में खड़े हैं, जिसे उन्होंने केवल सुना या कल्पना में देखा था। अंगद टीला और सीता रसोई जैसे स्थलों पर पहुँचकर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कर्मयोगियों के सम्मान में सहभोज का आयोजन किया गया, जहाँ उन्हें रामनामी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और प्रसाद भेंट किया गया। ट्रस्ट के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने यात्रा की रूपरेखा साझा करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय अधिकारी और अशोक सिंघल फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
अनिल मिश्रा ने कहा कि आज असम के चाय बाग के श्रमिकों ने राममंदिर के दर्शन किए हैं। अशोक सिंघल फाउंडेशन की पहल से उन्हें भगवान रामलला के दर्शन का अवसर मिला। सभी श्रमिक इस दर्शन से भाव विभोर हो गए। दल का नेतृत्व कर रहे रूपम गोगोई, अजित मुरा, दिलीप पूर्त्या, बसू नायक और संजीब धान ने अयोध्या में मिले आत्मीय आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। इस आध्यात्मिक अनुभव के बाद, यह दल अब अपनी अगली यात्रा के लिए वाराणसी (काशी) के लिए रवाना हुआ है।