असम प्रीमियर लीग युवा क्रिकेटरों का असली लॉन्चपैड: पूर्व तेज गेंदबाज अबू नेचिम
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व तेज गेंदबाज अबू नेचिम ने असम प्रीमियर लीग (एपीएल) को राज्य के उभरते क्रिकेटरों के लिए एक अनिवार्य मंच करार दिया है। 22 जुलाई को टूर्नामेंट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में नेचिम ने कहा कि एपीएल पूरे असम में बिखरी अनदेखी प्रतिभाओं को वह पहचान दिलाएगा जिसकी उन्हें सख्त जरूरत है।
नेचिम का बयान: 270 से ज़्यादा खिलाड़ी, अनगिनत संभावनाएँ
नेचिम ने अपने बयान में कहा, 'असम प्रीमियर लीग बहुत ज़रूरी है, यह हमारे जूनियर्स के लिए सच में एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। नीलामी में हमारे 270 से ज़्यादा खिलाड़ी थे, और मुझे उनमें से सिर्फ 120 के बारे में ही पता था। इससे पता चलता है कि पूरे असम में कितने अनदेखे टैलेंट हैं। लीग उन सभी खिलाड़ियों को एक मंच देती है जहाँ उन्हें देखा जा सकता है।'
नेचिम का क्रिकेट सफर
नेचिम 2006 के अंडर-19 विश्व कप में भारत की ओर से खेल चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में असम का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुंबई इंडियंस (2010–2013) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (2014–2016) के लिए भी अपनी गेंदबाज़ी का जौहर दिखाया है। फिलहाल वे गुवाहाटी रॉयल्स के सेट-अप से जुड़े हुए हैं।
रियान पराग से तुलना और एपीएल का महत्व
नेचिम ने राजस्थान रॉयल्स के कप्तान और बैटिंग ऑलराउंडर रियान पराग की उड़ान का उदाहरण देते हुए बताया कि एपीएल राज्य-स्तरीय क्रिकेट और एलीट प्लेटफॉर्म के बीच की खाई को पाटने का काम करता है। उन्होंने कहा, 'हर खिलाड़ी और हर फ्रेंचाइजी का मकसद टूर्नामेंट जीतना होता है। एपीएल के खिलाड़ी अगले साल आईपीएल या भारत के लिए भी खेल सकते हैं। यही असली मौका है जो यह लीग देती है, और यह आने वाले कई सालों तक असम क्रिकेट के काम आएगी।'
टूर्नामेंट की संरचना और प्रसारण
असम क्रिकेट एसोसिएशन (एसीए) के तत्वावधान में आयोजित एपीएल का आधिकारिक मोटो 'आमार एक्सोम, आमार गौरब' (हमारा असम, हमारा गर्व) है। इस टूर्नामेंट में पूरे राज्य की आठ फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं। पहले एडिशन के मैच स्टार स्पोर्ट्स पर लाइव प्रसारित होंगे और जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किए जाएंगे।
यह टूर्नामेंट ऐसे समय में आया है जब असम क्रिकेट राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत करने की कोशिश में है — और रियान पराग जैसे खिलाड़ियों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं।