क्या अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत की विदेश नीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?
सारांश
Key Takeaways
- अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान राजनीति में अद्वितीय है।
- उनकी वक्तृत्व कला ने लाखों लोगों को प्रेरित किया।
- उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।
- उन्होंने भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए।
- उनका जीवन देश सेवा का एक उदाहरण है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी समारोह के तहत दिल्ली भाजपा द्वारा रविवार को रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में अटल स्मृति सम्मेलन का आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन में स्थानीय विधायक और दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता तथा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने अपने विचार साझा किए।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के साथ लंबे समय तक कार्य करने के अनुभव को साझा करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले देश सेवा के लिए उनका 45 वर्षों का संघर्ष न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए, बल्कि हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है और रहेगा।
इस मौके पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एक अद्वितीय नेता थे, जिन्होंने अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया और तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने। उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। राजनीति में आने से पहले उन्होंने पत्रकारिता से अपने करियर की शुरुआत की थी।
सचदेवा ने कहा कि वाजपेयी के व्यक्तित्व की मुख्य विशेषताएं उनकी प्रभावशाली वक्तृत्व कला, बौद्धिक क्षमता और संयम थीं। उन्होंने वाजपेयी को एक महान वक्ता बताया, जिनके भाषण पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि वाजपेयी एक कुशल राजनेता थे और भारत की विदेश नीति को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी ने पोखरण परमाणु परीक्षण, लाहौर शिखर सम्मेलन और गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कई सुधारों की शुरुआत की।
इस सम्मेलन में उत्तर-पश्चिम जिला भाजपा अध्यक्ष विनोद सेहरावत, जिला प्रभारी मेहक सिंह, सह-प्रभारी पूनम चौहान, पूर्व विधायक जय भगवान अग्रवाल, पार्षद प्रवेश वाही, ऋतु गोयल और सिमटा कौशिक सहित स्थानीय मंडल अध्यक्ष, सैकड़ों स्थानीय नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।
सचदेवा ने कहा कि देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान के लिए अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया और उन्हें ऐसा नेता बताया जिसने अपना पूरा जीवन देश की सेवा को समर्पित कर दिया।