अयोध्या दीपोत्सव 2026: राम की पैड़ी पर 28 लाख दीयों से विश्व रिकॉर्ड का लक्ष्य, 5 से 7 नवंबर को भव्य आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2026 की तैयारियाँ जोरों पर हैं — मुख्य आयोजन 7 नवंबर 2026 को निर्धारित है और प्रशासन ने अभी से तैयारियाँ तेज कर दी हैं। मुख्य कार्यक्रम 5 से 7 नवंबर तक चलेंगे, और इस बार राम की पैड़ी पर 28 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयेंद्र कुमार ने बताया कि दीपोत्सव के लिए तेल, बाती और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद हेतु श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा, 'दीपोत्सव 7 नवंबर को पूरे अयोध्या में मनाया जाएगा, इसके मद्देनजर तेल, बाती और जो भी ज़रूरी चीज़ें हैं उसका टेंडर अभी श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद द्वारा निकाला जा रहा है।'
जयेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि महापौर और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हो चुकी है। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी स्तर पर भी समन्वय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं।
आयोजन का विस्तार और नई सुविधाएँ
इस वर्ष दीपोत्सव का भौगोलिक विस्तार करीब दो किलोमीटर तक करने की योजना है। मुख्य आयोजन राम की पैड़ी पर होगा और इसे लक्ष्मण घाट से चौधरी चरण सिंह घाट तक फैलाया जाएगा। यह विस्तार पिछले वर्षों की तुलना में आयोजन को काफी बड़ा बनाएगा।
राम की पैड़ी परिसर में घाटों पर नई सीढ़ियाँ भी निर्मित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित पहुँच मिल सके। नगर निगम अयोध्या द्वारा घाटों की साफ-सफाई, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य तेज़ गति से जारी है।
प्रशासनिक तैयारी और समन्वय
जयेंद्र कुमार के अनुसार, नगर निगम अयोध्या और श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद को साफ-सफाई, लाइटिंग और सुंदरता बढ़ाने से जुड़े सभी दायित्व सौंपे गए हैं और ये कार्य सतत रूप से जारी हैं। गौरतलब है कि हर वर्ष दीपोत्सव में विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की परंपरा रही है, और इस बार भी प्रशासन उसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आम जनता पर असर
दीपोत्सव हर वर्ष अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। 5 से 7 नवंबर के बीच शहर में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने में लगा है। नई सीढ़ियाँ और बेहतर लाइटिंग से इस बार आगंतुकों का अनुभव और अधिक सुरक्षित व यादगार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या होगा आगे
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामग्री की खरीद और वितरण का काम शुरू होगा। 7 नवंबर 2026 को राम की पैड़ी पर 28 लाख दीये जलाए जाएँगे, जो इस बार के दीपोत्सव का केंद्रबिंदु होंगे। यदि यह लक्ष्य हासिल हुआ तो अयोध्या एक बार फिर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराएगी।