एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय जूडो टीम जापान की त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कैंप में
सारांश
मुख्य बातें
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने एशियन गेम्स 2026 और बाकू विश्व जूडो चैंपियनशिप की तैयारियों को धार देने के लिए भारत की सीनियर जूडो टीम को जापान की प्रतिष्ठित त्सुकुबा यूनिवर्सिटी में विदेशी प्रशिक्षण शिविर का मौका दिया है। 14 सदस्यीय भारतीय दल — जिसमें 11 जूडो खिलाड़ी और 3 कोच शामिल हैं — इस अंतरराष्ट्रीय प्री-गेम्स ट्रेनिंग प्रोग्राम में 2 अक्टूबर 2026 तक हिस्सा ले रहा है।
दल में कौन-कौन शामिल हैं
पुरुष वर्ग में हर्ष सिंह (60 किग्रा) त्सुकुबा में अभ्यास कर रहे हैं। महिला दस्ते में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की स्वर्ण पदक विजेता अस्मिता डे (48 किग्रा), श्रद्धा चोपड़े (52 किग्रा), एल. नुंगशिथोई चानू (52 किग्रा), यामिनी मौर्य (57 किग्रा), लिंथोई चानंबम (63 किग्रा), उन्नति शर्मा (63 किग्रा), हिमांशी टोकस (63 किग्रा), तखेलंबम इनुंगनबी (70 किग्रा), केएच ताइबंगनबी (70 किग्रा) और इशरूप नारंग (78 किग्रा) शामिल हैं। कोचिंग स्टाफ में जीवन कुमार शर्मा, बिरेंद्र सिंह और राजविंदर कौर की जिम्मेदारी है।
एशियन गेम्स में भारत का कार्यक्रम
इन 11 खिलाड़ियों में से तीन सीधे एशियन गेम्स की टीम का हिस्सा हैं। अस्मिता डे (महिला -48 किग्रा) 30 सितंबर को मैट पर उतरेंगी, जबकि यामिनी मौर्य (महिला -57 किग्रा) और तखेलंबम इनुंगनबी (महिला -70 किग्रा) 1 अक्टूबर को नागोया के आइची इंटरनेशनल एरिना (आईजी एरिना) में प्रतिस्पर्धा करेंगी। आइची-नागोया एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।
बाकू विश्व चैंपियनशिप की भी तैयारी
यह प्रशिक्षण कैंप अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के अत्यंत व्यस्त दौर में हो रहा है। एशियन गेम्स के ठीक बाद 4 से 11 अक्टूबर 2026 तक बाकू में विश्व जूडो चैंपियनशिप का आयोजन होगा, जिसमें भारत के कुल 10 जूडो खिलाड़ी — 1 पुरुष और 9 महिलाएँ — शिरकत करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूडो का स्तर पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
सरकारी योजना और समन्वय
इस विदेशी प्रशिक्षण कैंप की मंजूरी युवा मामले और खेल मंत्रालय की 'नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन्स को सहायता' (ANSF) योजना के अंतर्गत दी गई है। जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया विदेश में एक्सपोजर के लिए समन्वय की भूमिका निभा रहा है। गौरतलब है कि SAI आइची-नागोया गेम्स से पहले अनेक खेल विधाओं के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव दिलाने की व्यापक रणनीति के तहत यह कदम उठा रहा है।
जापान कैंप का महत्व
जापान जूडो का वैश्विक गढ़ माना जाता है और त्सुकुबा यूनिवर्सिटी की सुविधाएँ एवं स्पैरिंग पार्टनर विश्वस्तरीय हैं। मेज़बान देश के माहौल — जलवायु, मैट संस्कृति और प्रतिस्पर्धी तीव्रता — के अनुकूल ढलने का यह अवसर भारतीय दल को सीधे एशियन गेम्स स्थल के नज़दीकी परिवेश में तैयार करेगा। आने वाले हफ्तों में भारतीय जूडोकाओं का प्रदर्शन यह तय करेगा कि यह रणनीतिक निवेश कितना फलदायी रहा।