7 नवंबर 2026
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अयोध्या दीपोत्सव 2026: पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी, मंत्री सुरेश खन्ना और ओपी राजभर ने किया दावा

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी, मंत्री सुरेश खन्ना और ओपी राजभर ने किया दावा

सारांश

अयोध्या का दीपोत्सव हर साल नई ऊँचाई छूता है — और इस बार सरकार का दावा है कि यह आयोजन पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा। मंत्री सुरेश खन्ना और ओपी राजभर ने भव्यता का वादा किया है। राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह पहला दीपोत्सव है जो वैश्विक ध्यान खींच रहा है।

मुख्य बातें

अयोध्या दीपोत्सव 2026 के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने का दावा यूपी सरकार के मंत्रियों ने किया।
मंत्री सुरेश खन्ना ने रामचरित मानस के उत्तरकांड का हवाला देकर दीपोत्सव को पौराणिक परंपरा की निरंतरता बताया।
मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में यह आयोजन ऐतिहासिक होगा।
NCP के दोनों गुटों के संभावित विलय पर राजभर ने कहा कि BJP से अकेले मुकाबला कठिन है।
एसआईआर अभियान पर राजभर ने नागरिकों से स्वयं जागरूक होकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की अपील की।

उत्तर प्रदेश की अयोध्या में इस वर्ष के दीपोत्सव को लेकर तैयारियाँ पूरे ज़ोर पर हैं। 7 नवंबर 2026 को प्रदेश सरकार के मंत्रियों सुरेश खन्ना और ओपी राजभर ने दावा किया कि इस बार का आयोजन अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा और पहले से कहीं अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक होगा। उनके अनुसार, अयोध्या का दीपोत्सव अब देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

सांस्कृतिक विरासत और परंपरा का उत्सव

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या में जो सांस्कृतिक और धार्मिक माहौल बना है, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया है। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है।

खन्ना ने रामचरित मानस के उत्तरकांड का हवाला देते हुए कहा कि इसमें भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी पर नगर में फैली खुशियों और उत्सव का विस्तार से वर्णन है। उन्होंने कहा कि आज दीपोत्सव के दौरान उसी पौराणिक परंपरा को भव्य रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर जिस प्रकार पूरे नगर में उत्सव मनाया गया था, वैसा ही दृश्य आज के दीपोत्सव में देखने को मिलता है।

डबल इंजन सरकार और आयोजन की भव्यता

मंत्री खन्ना ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार के सत्ता में आने के बाद से अयोध्या में दीपावली और दीपोत्सव का आयोजन विशेष धूमधाम से किया जा रहा है। उनके अनुसार, पूर्ववर्ती सरकारों ने इस आयोजन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था। आज बड़ी संख्या में देश-विदेश के लोग अयोध्या पहुँचकर दीपोत्सव में शामिल हो रहे हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब जनवरी 2024 में राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद से अयोध्या में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। दीपोत्सव अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के सांस्कृतिक पर्यटन एजेंडे का प्रमुख स्तंभ बन चुका है।

मंत्री ओपी राजभर का बयान

यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि दीपोत्सव की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और लोग लगातार इसकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण इस साल का आयोजन पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए और भी भव्य होगा। राजभर ने यह भी कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में एक बार फिर अयोध्या में ऐतिहासिक दीपोत्सव आयोजित होने जा रहा है।

एनसीपी विलय और एसआईआर अभियान पर टिप्पणी

इस दौरान मंत्री राजभर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि अकेले भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मुकाबला करना बेहद कठिन है। यदि आपसी सहमति से दोनों गुट एक होने का निर्णय लेते हैं, तो यह उनके लिए बेहतर होगा।

विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग यह प्रक्रिया इसलिए कराता है ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक स्वयं जागरूक होकर पहल नहीं करते, तो चुनाव आयोग (ECI) के लिए भी हर मामले में हस्तक्षेप संभव नहीं है।

आगे की राह

गौरतलब है कि अयोध्या दीपोत्सव का यह सिलसिला 2017 से प्रारंभ हुआ था और हर वर्ष इसमें दीपों की संख्या और भव्यता में बढ़ोतरी होती रही है। इस वर्ष के आयोजन की सटीक तारीख और दीपों की लक्षित संख्या की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के बयान यह संकेत देते हैं कि तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वतंत्र सत्यापन और आर्थिक प्रभाव के ठोस आँकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाते। राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटन का उफान वास्तविक है, परंतु इसका लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था और आम निवासियों तक कितना पहुँच रहा है — यह सवाल मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनुत्तरित रह जाता है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 कब होगा?
आधिकारिक तिथि की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन यह आयोजन दीपावली के अवसर पर नवंबर 2026 में होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने पुष्टि की है कि तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
अयोध्या दीपोत्सव में इस बार क्या खास होगा?
मंत्री सुरेश खन्ना और ओपी राजभर के अनुसार, इस वर्ष का आयोजन पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा और पहले से कहीं अधिक भव्य होगा। आयोजन में देश-विदेश के बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होने की उम्मीद है।
अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत कब हुई थी?
अयोध्या में दीपोत्सव का यह सिलसिला 2017 से शुरू हुआ था, जब उत्तर प्रदेश में वर्तमान सरकार सत्ता में आई। तब से हर वर्ष दीपों की संख्या और आयोजन की भव्यता में वृद्धि होती रही है।
ओपी राजभर ने एनसीपी विलय पर क्या कहा?
मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि अकेले BJP से मुकाबला करना कठिन है। उन्होंने कहा कि यदि NCP के दोनों गुट आपसी सहमति से एक होने का निर्णय लेते हैं, तो यह उनके लिए बेहतर होगा।
एसआईआर अभियान क्या है और राजभर ने इस पर क्या कहा?
विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) अभियान चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाता है ताकि पात्र मतदाताओं का नाम सूची से न छूटे। राजभर ने कहा कि नागरिकों को स्वयं जागरूक होकर अपना नाम दर्ज कराना चाहिए, अन्यथा आयोग हर मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
राष्ट्र प्रेस
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