जबलपुर के गाजी नगर में भीषण आग: 50 से अधिक झुग्गियाँ राख, दीपावली से पहले कई परिवार बेघर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित गाजी नगर इलाके में 7 नवंबर 2026 की तड़के भीषण आग लगने से 50 से अधिक झुग्गियाँ जलकर खाक हो गईं और कई गरीब परिवार बेघर हो गए। गोहलपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लेमा गार्डन के निकट बसी इस झुग्गी बस्ती में आग रात करीब 2 बजे भड़की और देखते-देखते बड़े इलाके में फैल गई। पुलिस के अनुसार, अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कैसे फैली आग
अधिकारियों के मुताबिक, रात लगभग 2 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना मिली। आग की लपटें तेज़ी से पड़ोसी झुग्गियों में फैल गईं, जिससे निवासियों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और अन्य ज़रूरी वस्तुएँ जलकर नष्ट हो गईं। आग लगने के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जाँच जारी है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार प्रभावित बस्ती में 40 से 50 परिवार रह रहे थे। आग की चपेट में आए इन परिवारों के पास जान बचाकर निकलने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
राहत एवं बचाव कार्य
सूचना मिलते ही 8 से 9 दमकल गाड़ियाँ और पानी के टैंकर मौके पर रवाना किए गए। पुलिसकर्मियों, दमकल विभाग की टीमों और बिजली विभाग के अधिकारियों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। एहतियात के तौर पर एंबुलेंस भी घटनास्थल पर तैनात रही।
फायर फाइटर ओम प्रकाश अहिरवार ने बताया, 'पुलिस कंट्रोल रूम को रात 2 बजे सूचना मिली कि गाजी नगर की झुग्गियों में आग लग गई है। हमने तुरंत दमकल गाड़ियाँ और पानी के टैंकर भेजे और बचाव कार्य शुरू किया।'
प्रशासन की प्रतिक्रिया
डीएसपी अखिलेश गौर ने बताया कि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि आग बुझाने का कार्य पूरा होने के बाद ही क्षतिग्रस्त घरों की सटीक संख्या का आकलन हो सकेगा। प्रशासन द्वारा नुकसान का पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।
आम जनता पर असर
यह घटना दीपावली से ठीक पहले हुई, जिससे पहले से आर्थिक रूप से कमज़ोर इन परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। घर का सारा सामान राख हो जाने से ये परिवार अब खुले आसमान के नीचे हैं। गौरतलब है कि झुग्गी बस्तियों में आग की घटनाएँ शहरी क्षेत्रों में बारहमासी समस्या बनी हुई हैं, जहाँ घरों की निकटता और सीमित अग्निशमन पहुँच आग को त्वरित रूप से विकराल बना देती है।
आगे क्या होगा
स्थिति के पूरी तरह नियंत्रण में आने के बाद प्रशासन क्षति का विस्तृत आकलन करेगा। संभावना है कि ज़िला प्रशासन प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री और पुनर्वास सहायता की व्यवस्था करेगा। आग के कारणों की जाँच भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।