बादली दौरे पर CM सैनी का स्वागत, कांग्रेस विधायक वत्स की माँग — रेलवे लाइन, बाईपास और किसानों के लिए ठोस फैसले लाएं
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सोमवार, 15 जून को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बादली आगमन का स्वागत करते हुए माँग की कि वे इस दौरे को महज़ औपचारिकता न बनाएं, बल्कि क्षेत्र के लोगों और किसानों के लिए ठोस विकास परियोजनाओं पर निर्णय लेकर जाएं। झज्जर में पत्रकारों से बात करते हुए वत्स ने कई लंबित परियोजनाओं और कथित श्रेय-विवादों का भी ज़िक्र किया।
मुख्य माँगें और अपेक्षाएँ
विधायक वत्स ने कहा, 'मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हमारे बादली हल्के में आ रहे हैं, यह बहुत अच्छी बात है। मैं उनका स्वागत करता हूं। मैं उनसे यह भी माँग करता हूं कि वे हमारे क्षेत्र के लिए कोई न कोई बड़ी सौगात देकर जाएं, क्योंकि हमारे बादली हल्के में लगभग 103 गांव आते हैं।' उन्होंने मुख्यमंत्री से दादरी-झज्जर रेलवे लाइन को न रोके जाने, सुबाना बाईपास का शीघ्र निर्माण, तथा कुलाना अंडरपास और कुलाना बाईपास के निर्माण की भी अपील की।
एम्स बाढ़सा और अन्य परियोजनाओं पर श्रेय-विवाद
वत्स ने एम्स अस्पताल, बाढ़सा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक विज्ञापन में दावा किया गया है कि यह अस्पताल वर्तमान सत्ता पक्ष ने बनवाया, जबकि उनके अनुसार यह कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा के प्रयासों से स्थापित हुआ। उन्होंने पूछा कि एम्स बाढ़सा की नींव कब और किसके कार्यकाल में रखी गई थी।
इसी क्रम में वत्स ने पाटोदा रेस्ट हाउस और बाढ़सा बस स्टैंड तथा देवरखाना आयुर्वेदिक सेंटर का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि ये सभी परियोजनाएं कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूरी हुईं, लेकिन अब उन पर 'गलत दावे' किए जा रहे हैं। पाटोदा के लिए स्कूलों की घोषणा 2016 में हुई थी, यह भी उन्होंने रेखांकित किया।
किसानों और ग्रामीणों पर असर
विधायक ने रैया गांव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ लगभग 150 एकड़ भूमि सरकार को मुफ्त में दी गई है, जिसकी कीमत कई करोड़ रुपये है। उनके अनुसार इस भूमि का लाभ गांव या किसानों को नहीं मिला, जो उन्हें 'किसानों के साथ अन्याय जैसा प्रतीत होता है।' उन्होंने मुनीमपुर क्षेत्र में जमीन की कीमतें करोड़ों में पहुँचने के बावजूद किसानों को सीधा लाभ न मिलने की बात भी उठाई।
सरकार से अपील
वत्स ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री प्रदेश के मुखिया हैं और क्षेत्र की जनता को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना था कि दादरी से झज्जर रेलवे लाइन को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए उसे रोका न जाए और सुबाना बाईपास का निर्माण भी जल्द से जल्द कराया जाए। लंबित परियोजनाओं को पूरा करना ही इस दौरे की असली कसौटी होगी।