क्या बजरंग दल अतिवादियों के सामने खड़ा है? : वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल
सारांश
Key Takeaways
- बजरंग दल का गठन 1984 में हुआ था।
- यह संगठन सुरक्षा, संस्कार और सेवा का पालन करता है।
- बजरंग दल ने 80 लाख गोवंश को बचाया है।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देहरादून के जिम में अल्पसंख्यक समुदाय के ट्रेनर के प्रति छेड़छाड़ के आरोप में मारपीट का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पर कई मौलानाओं ने बजरंग दल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इस संदर्भ में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने गुरुवार को अपनी प्रतिक्रिया दी।
विनोद बंसल ने बजरंग दल का समर्थन करते हुए कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। इसके लिए किसी संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं है। यह संविधान भी तब तक रहेगा, जब तक भारत में हिंदू हैं। मैं बताना चाहूंगा कि बजरंग दल की स्थापना 1984 में सुरक्षा के उद्देश्य से हुई थी, जब रथयात्रा निकाली जा रही थी।"
उन्होंने आगे कहा, "सुरक्षा, संस्कार और सेवा, ये बजरंग दल के ध्येय वाक्य हैं। बजरंग दल ने अब तक लगभग 80 लाख गोवंश को कसाइयों से बचाया है, साथ ही 50,000 से अधिक बहन-बेटियों को लव-जिहाद के चंगुल से मुक्त किया है। इस संगठन ने लाखों पौधों का रोपण करने के साथ-साथ लाखों यूनिट रक्तदान भी किया है।"
बंसल ने कहा, "बजरंग दल के सदस्य अपनी जान जोखिम में डालकर गौ-माता और इस पवित्र भूमि की रक्षा करते हैं। जब 90 के दशक में जिहादियों ने बाबा अमरनाथ की यात्रा को समाप्त करने की चुनौती दी थी, तब बजरंग दल ने उस चुनौती को स्वीकार करते हुए यात्रा प्रारंभ की थी।"
वीएचपी प्रवक्ता ने कहा, "यदि कोई बजरंग दल के प्रति घृणा रखता है और उसकी तुलना आतंकवादियों से करता है, तो मुझे उनकी बुद्धि पर तरस आता है। कांग्रेसी और जिहादी अगर बजरंग दल के बारे में कुछ नहीं कहते हैं, तो यह बेहतर है। बजरंग दल अतिवादियों के सामने दृढ़ता से खड़ा है। भारत एक हिंदू राष्ट्र है, इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए।"