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क्या मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों ने नए साल का जोरदार स्वागत किया?

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क्या मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों ने नए साल का जोरदार स्वागत किया?

सारांश

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए साल का जश्न पर्यटकों के लिए एक अद्वितीय अनुभव बन गया। बाघों के बीच उत्सव का माहौल, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और सुरक्षा की उचित व्यवस्थाएं इसे यादगार बनाती हैं। जानें इस जश्न की खास बातें और पर्यटकों के अनुभव।

मुख्य बातें

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए साल का उत्सव अद्वितीय था।
स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने जश्न को खास बनाया।
सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।
पर्यटकों ने इस अनुभव की तारीफ की।
प्रकृति और संस्कृति का संगम देखने को मिला।

भोपाल, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नए साल के जश्न में पूरी तरह डूब गया है। बाघों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर इस रिजर्व में 31 दिसंबर की रात जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, पूरा इलाका उत्साह और उल्लास से गूंज उठा। पर्यटक नए साल का स्वागत करने में इतने उत्साहित थे कि रात भर जश्न का माहौल बना रहा।

ताला मुख्यालय के साथ-साथ आसपास के होटलों और रिसॉर्ट्स में विशेष आयोजन किए गए थे। यहां स्थानीय आदिवासी कलाकारों और अन्य देसी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। आदिवासी नृत्य और पारंपरिक गीतों पर पर्यटक जमकर थिरके। कई पर्यटक तो परिवार के साथ कलाकारों के बीच पहुंचकर खुद नाचने लगे। गीत-संगीत और नृत्य की धुनों ने पूरे वातावरण को खुशियों से भर दिया। पर्यटकों का कहना था कि जंगल के बीच इस तरह नए साल का स्वागत करना एक अनोखा और यादगार अनुभव रहा।

नए साल के मौके पर बांधवगढ़ में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। सभी होटल और रिसॉर्ट पूरी तरह बुक हो चुके थे। जंगल सफारी की बुकिंग भी हाउसफुल रही। रिसॉर्ट मालिकों ने पहले से ही विशेष तैयारियां की थीं। उन्होंने स्थानीय कलाकारों को बुलाकर कार्यक्रम आयोजित किए, ताकि मेहमान स्थानीय संस्कृति का लुत्फ उठा सकें। पर्यटकों ने इन आयोजनों की खूब तारीफ की और कहा कि प्रकृति की गोद में इस तरह का उत्सव कहीं और देखने को नहीं मिलता।

सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम रात भर जंगल क्षेत्र में गश्त करती रही, ताकि वन्यजीवों और पर्यटकों दोनों को कोई खतरा न हो। पुलिस बल भी अलग-अलग इलाकों में मुस्तैद रहा और लगातार गश्त की। इन सब व्यवस्थाओं की वजह से जश्न पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण रहा।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व सिर्फ बाघ देखने की जगह नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के अनोखे संगम का केंद्र भी है।

वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी नए साल की शुभकामनाएं देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा, "अंग्रेजी नववर्ष 2026 की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। नव वर्ष सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और नवीन संकल्पों की ऊर्जा लेकर आए, यही मंगलकामनाएं हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि पर्यटकों की सुरक्षा और स्थानीय संस्कृति के सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है। यह घटना न केवल पर्यटन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए भी विकास का अवसर प्रदान करती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए साल का जश्न कब मनाया गया?
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए साल का जश्न 31 दिसंबर की रात को मनाया गया।
क्या बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे?
जी हां, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सुरक्षा के लिए गश्त और पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
इस जश्न में कौन-कौन सी गतिविधियाँ हुईं?
जश्न में स्थानीय आदिवासी कलाकारों द्वारा नृत्य और गीत प्रस्तुत किए गए, और पर्यटकों ने भी भाग लिया।
क्या सभी होटल और रिसॉर्ट बुक थे?
हां, नए साल के मौके पर सभी होटल और रिसॉर्ट बुक हो चुके थे।
क्या इस जश्न में विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए थे?
जी हां, बांधवगढ़ में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे।
राष्ट्र प्रेस
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