22 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पश्चिम बंगाल में कानून का राज बरकरार रहेगा, घुसपैठियों को डिपोर्ट करो: मंत्री तापस रॉय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल में कानून का राज बरकरार रहेगा, घुसपैठियों को डिपोर्ट करो: मंत्री तापस रॉय

सारांश

अमित शाह की टिप्पणी के बाद बंगाल में बयानों का दौर गरम हुआ। मंत्री तापस रॉय ने घुसपैठियों को डिपोर्ट करने की माँग की और शाह के बयान को सही ठहराया। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने 'गुंडा राज' खत्म करने के वादे को दोहराया — राज्य में शासन की लड़ाई अब और तीखी हो गई है।

मुख्य बातें

मंत्री तापस रॉय ने 22 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल में कानून-व्यवस्था संबंधी बयान का खुलकर समर्थन किया।
रॉय ने कहा कि घुसपैठियों को देश से डिपोर्ट किया जाना चाहिए ; 'भारत धर्मशाला नहीं है।' शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में टीम राज्य में बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटी है।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने चुनावी वादे के अनुसार सिंडिकेट-मुक्त और शांतिपूर्ण शासन का लक्ष्य दोहराया।
दासगुप्ता ने माना कि कुछ स्थानों पर अभी भी अव्यवस्था की घटनाएँ सामने आती हैं।

पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी के बाद राज्य की राजनीति में बयानों का दौर तेज हो गया है। राज्य मंत्री तापस रॉय ने 22 अगस्त को स्पष्ट रूप से अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि बंगाल में कानून का शासन स्थापित हो चुका है और जनता के सहयोग से इसे आगे भी बनाए रखा जाएगा।

तापस रॉय का बयान: शाह ने सही कहा

मंत्री तापस रॉय ने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो कहा, वह बिल्कुल सही है। इससे पहले बंगाल में जो हालात थे, वे किसी से छिपे नहीं हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में उनकी टीम राज्य में बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। रॉय के अनुसार, सरकार की प्राथमिकता आम जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करना है।

घुसपैठ पर कड़ा रुख

अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर तापस रॉय ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उन्होंने साफ कहा कि घुसपैठियों को देश से डिपोर्ट किया जाना चाहिए। उनके शब्दों में, 'घुसपैठिया हमारे भारत में क्यों रहेगा? भारत क्या धर्मशाला है?' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि केंद्रीय नेतृत्व और गृह मंत्री इस मुद्दे पर पहले भी कई बार अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं।

वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता की प्रतिक्रिया

राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने भी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से 'गुंडा राज' खत्म करने का जो वादा किया गया था, सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। दासगुप्ता ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर अभी भी अव्यवस्था की घटनाएँ सामने आती हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य राज्य में सिंडिकेट-मुक्त और शांतिपूर्ण शासन व्यवस्था कायम करना है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में शासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि अमित शाह की टिप्पणी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी है। अवैध घुसपैठ का मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में वर्षों से संवेदनशील रहा है, और इस बार भी यह केंद्रीय बहस का विषय बन गया है।

आगे की राह

राज्य सरकार के मंत्रियों के इन बयानों से स्पष्ट है कि सत्तारूढ़ दल कानून-व्यवस्था को अपनी राजनीतिक पहचान के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में घुसपैठ और शासन के मुद्दे पर राज्य की राजनीतिक बहस और तीखी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ठोस डिपोर्टेशन आँकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। 'गुंडा राज खत्म' के वादे और 'कुछ स्थानों पर अभी भी घटनाएँ' के स्वीकारोक्ति के बीच का अंतर्विरोध बताता है कि जमीनी हकीकत और राजनीतिक बयानबाजी के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंत्री तापस रॉय ने घुसपैठियों के बारे में क्या कहा?
तापस रॉय ने कहा कि घुसपैठियों को देश से डिपोर्ट किया जाना चाहिए और भारत को 'धर्मशाला' नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व की इस मुद्दे पर स्थिति का भी समर्थन किया।
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर क्या कहा था?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। मंत्री तापस रॉय ने उनके बयान को सही ठहराया।
शुभेंदु अधिकारी की इस मामले में क्या भूमिका बताई गई?
तापस रॉय के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में उनकी टीम राज्य में बेहतर शासन व्यवस्था कायम करने की दिशा में काम कर रही है।
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने बंगाल की कानून-व्यवस्था पर क्या कहा?
स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि सरकार चुनाव में 'गुंडा राज' खत्म करने के वादे पर काम कर रही है और सिंडिकेट-मुक्त, शांतिपूर्ण शासन का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर अभी भी अव्यवस्था की घटनाएँ सामने आती हैं।
पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ का मुद्दा राजनीतिक रूप से क्यों अहम है?
पश्चिम बंगाल की सीमावर्ती स्थिति के कारण अवैध घुसपैठ वर्षों से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच इस विषय पर बार-बार तनाव उभरता है, और यह चुनावी राजनीति में भी प्रमुख भूमिका निभाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले