8 अक्टूबर 2026
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बैंक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़: CBI ने CGST इंस्पेक्टर समेत 4 को गिरफ्तार किया

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बैंक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़: CBI ने CGST इंस्पेक्टर समेत 4 को गिरफ्तार किया

सारांश

CBI ने IBPS की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बैंक भर्ती परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थी बैठाने वाले बहुराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। CGST इंस्पेक्टर समेत 4 गिरफ्तार; गिरोह लिखित परीक्षा से साक्षात्कार तक हर चरण में पहचान छिपाकर सेंध लगा रहा था।

मुख्य बातें

CBI ने 8 अक्टूबर 2026 को बैंक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह का भंडाफोड़ कर CGST इंस्पेक्टर समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरोह दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में सक्रिय था।
आरोपी लिखित परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक असली उम्मीदवारों की जगह फर्जी अभ्यर्थी बनकर बैठते थे।
IBPS की शिकायत पर दर्ज FIR के बाद CBI स्पेशल टास्क ब्रांच, मुंबई ने एकसाथ छापेमारी की।
पूछताछ जारी; आगे और गिरफ्तारियों की संभावना बताई जा रही है।
अलग मामले में चंडीगढ़ MC के सैनिटरी इंस्पेक्टर को ₹5 लाख की पहली किस्त लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया; कुल माँग ₹14 लाख थी।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 8 अक्टूबर 2026 को देशभर में सक्रिय एक सुनियोजित बैंक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के एक इंस्पेक्टर समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में फर्जी पहचान अपनाकर परीक्षाओं और साक्षात्कारों में घुसपैठ कर रहा था।

मामले की पृष्ठभूमि और FIR

CBI के अनुसार, यह कार्रवाई इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सिलेक्शन (IBPS) की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई। मामले की जाँच कर रही CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच, मुंबई ने कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोचा। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि एजेंसी के पास गिरोह के पूरे नेटवर्क की विस्तृत जानकारी पहले से मौजूद थी।

गिरोह कैसे काम करता था

जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपी बैंक भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में वास्तविक उम्मीदवारों की जगह नकली अभ्यर्थी बनकर शामिल होते थे। लिखित परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक — हर स्तर पर — ये लोग असली उम्मीदवारों का रूप धारण कर चयन प्रक्रिया में सेंध लगाते थे। गिरोह का जाल कई राज्यों में फैला हुआ था और यह अत्यंत सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था।

सरकारी तंत्र में भागीदारी

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक CGST इंस्पेक्टर का शामिल होना इस मामले को और गंभीर बनाता है। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी के मामलों को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। एक सरकारी अधिकारी का ऐसे गिरोह से जुड़ाव संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आम अभ्यर्थियों पर असर

CBI ने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता को खतरे में डालती हैं, बल्कि वर्षों की मेहनत करने वाले वास्तविक उम्मीदवारों के अवसर भी छीन लेती हैं। बैंकिंग क्षेत्र की भर्ती प्रक्रिया पर लाखों युवाओं की उम्मीदें टिकी होती हैं, और ऐसे घोटाले उन उम्मीदों पर सीधी चोट करते हैं।

आगे की जाँच और संभावित गिरफ्तारियाँ

CBI अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान और पूरे नेटवर्क की मैपिंग में जुटी है।

चंडीगढ़ में अलग रिश्वतखोरी मामला

इसी क्रम में, CBI ने चंडीगढ़ नगर निगम (MC) में कार्यरत एक सैनिटरी इंस्पेक्टर को रिश्वतखोरी के एक अलग मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एजेंसी के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध 7 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया गया था। उस पर आरोप है कि उसने एक ठेकेदार की फर्म के लंबित और भावी बिलों को पास करने के बदले ₹14 लाख की रिश्वत माँगी थी। कथित तौर पर आरोपी ने ठेकेदार को यह धमकी भी दी थी कि रिश्वत न देने पर उसके बिल रोके जाएँगे और टेंडर रद्द कराया जा सकता है। CBI ने जाल बिछाकर आरोपी को ₹5 लाख की पहली किस्त लेते समय गिरफ्तार किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

SSC और रेलवे भर्ती परीक्षाओं में भी इसी तरह के गिरोहों का पर्दाफाश हो चुका है, फिर भी परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार की गति धीमी रही है। असली सवाल यह है कि क्या एजेंसियाँ केवल गिरफ्तारियों तक सीमित रहेंगी या इस बार पूरे नेटवर्क के वित्तपोषण और मध्यस्थों तक जाँच पहुँचेगी। जब तक भर्ती प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार नहीं होते, ऐसे गिरोह बार-बार पनपते रहेंगे।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBI ने बैंक भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में किसे गिरफ्तार किया?
CBI ने CGST के एक इंस्पेक्टर समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक बहुराज्यीय फर्जीवाड़ा गिरोह का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
यह गिरोह बैंक भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी कैसे करता था?
आरोपी वास्तविक उम्मीदवारों की जगह फर्जी पहचान अपनाकर लिखित परीक्षा से लेकर साक्षात्कार तक हर चरण में बैठते थे। इस तरह वे असली उम्मीदवारों की ओर से पूरी चयन प्रक्रिया में भाग लेकर उन्हें नौकरी दिलाने का काम करते थे।
CBI की यह कार्रवाई किस शिकायत पर हुई?
यह कार्रवाई इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सोनल सिलेक्शन (IBPS) की शिकायत पर दर्ज FIR के आधार पर हुई। मामले की जाँच CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच, मुंबई कर रही है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ होंगी?
CBI अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। एजेंसी गिरोह के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी है।
चंडीगढ़ नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर वाला मामला क्या है?
CBI ने 7 अक्टूबर 2026 को दर्ज मामले में चंडीगढ़ नगर निगम के एक सैनिटरी इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने एक ठेकेदार की फर्म के बिल पास करने के बदले ₹14 लाख की रिश्वत माँगी थी और ₹5 लाख की पहली किस्त लेते वक्त पकड़ा गया।
राष्ट्र प्रेस
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