बांकीपुर उपचुनाव मतगणना 3 अगस्त को: 25 उम्मीदवारों का फैसला, BJP-RJD-जन सुराज में कड़ा मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना 3 अगस्त 2026 को पटना के एएन कॉलेज, कला भवन में सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जिसमें 30 जुलाई को हुए मतदान के आधार पर 25 उम्मीदवारों का भाग्य तय होगा। जिला प्रशासन और चुनाव आयोग ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।
मतगणना की तैयारियाँ और सुरक्षा व्यवस्था
ईवीएम को तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 25 कंपनियाँ और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के जवान तैनात हैं। लगभग 100 सुरक्षाकर्मी तीन शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे और प्रत्येक शिफ्ट में एक डीएसपी निगरानी रखेगा।
स्ट्रांग रूम लगातार सीसीटीवी की निगरानी में है। मतगणना शुरू होने से पहले उम्मीदवारों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम खोला जाएगा। मतगणना परिसर में केवल अधिकृत अधिकारियों, मतगणना कर्मियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
मतगणना का क्रम और समय-सारिणी
422 मतदान केंद्रों पर डाले गए वोटों की गिनती 30 चरणों में 14 टेबलों पर होगी, जिसमें आरक्षित कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 50 कर्मचारी तैनात रहेंगे। पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी, उसके लगभग 30 मिनट बाद ईवीएम की गिनती शुरू होगी। प्रारंभिक रुझान दोपहर 12 बजे के बाद आने की उम्मीद है और पूरी प्रक्रिया शाम 4 बजे तक समाप्त होने का अनुमान है।
उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को प्रवेश के लिए क्यूआर कोड आधारित पास जारी किए जाएंगे, जो बांकीपुर रिटर्निंग ऑफिसर राघवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दिए जाएंगे। क्यूआर कोड स्कैन होने के बाद ही प्रवेश और निकास की अनुमति मिलेगी।
मुख्य राजनीतिक मुकाबला
यद्यपि मैदान में 25 उम्मीदवार हैं, असली टक्कर भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज पार्टी के बीच मानी जा रही है। BJP की ओर से नीरज कुमार सिन्हा, RJD की ओर से रेखा गुप्ता और जन सुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर प्रमुख दावेदार हैं। गौरतलब है कि यह किशोर का पहला प्रत्यक्ष चुनावी मुकाबला है।
प्रशांत किशोर के आरोप और विवाद
मतगणना से एक दिन पहले प्रशांत किशोर ने चुनाव अवधि के दौरान पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया कि जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं को नौबतपुर, फतुहा और कंकरबाग सहित कई स्थानों पर बिना स्पष्ट कारण बताए हिरासत में लिया गया।
किशोर ने दावा किया कि 18 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें जक्कनपुर थाना क्षेत्र के 4 व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई गिरफ्तारियाँ सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा की गईं। इन आरोपों पर पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
3 अगस्त की मतगणना न केवल बांकीपुर सीट का भविष्य तय करेगी, बल्कि बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी की चुनावी ज़मीन का पहला परीक्षण भी होगी। परिणाम 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले सभी प्रमुख दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।