बांकीपुर उपचुनाव: 34.30% मतदान के साथ शांतिपूर्ण संपन्न, 3 अगस्त को होगी मतगणना
सारांश
मुख्य बातें
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 को हुए उपचुनाव का मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चले मतदान में कुल 34.30 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अब 3 अगस्त को मतगणना होगी, जिसके बाद बांकीपुर की जनता का फैसला सामने आएगा।
मुख्य मुकाबला
इस सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी रेखा गुप्ता के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। मतदान समाप्त होते ही तीनों प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है।
मतदान का ब्यौरा
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में 422 मतदान केंद्र और 162 मतदान केंद्र स्थल बनाए गए थे। क्षेत्र में कुल 3,79,616 पंजीकृत मतदाता हैं — जिनमें 2,00,060 पुरुष, 1,79,533 महिला और 23 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इस उपचुनाव में कुल 25 उम्मीदवार मैदान में उतरे, जिनमें 23 पुरुष और 2 महिला प्रत्याशी हैं।
मतदान के लिए 569 कंट्रोल यूनिट, 1,146 बैलेट यूनिट और 617 वीवीपैट का उपयोग किया गया। तकनीकी कारणों से मतदान के दौरान 14 बैलेट यूनिट, 7 कंट्रोल यूनिट और 9 वीवीपैट बदले गए।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान 14 कंपनियाँ केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (CAPF) और 8 कंपनियाँ बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के अलावा बड़ी संख्या में जिला पुलिस की तैनाती की गई। सभी 422 मतदान केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग कराई गई। इनमें 30 मॉडल मतदान केंद्र बनाए गए, जबकि एक केंद्र पूरी तरह महिला कर्मियों और एक केंद्र दिव्यांग कर्मियों द्वारा संचालित किया गया।
जब्ती और निरोधात्मक कार्रवाई
आदर्श आचार संहिता के पालन के तहत FST, SST और CAPF की संयुक्त कार्रवाई में ₹14.30 लाख मूल्य की 2,412.18 लीटर शराब, लगभग ₹39,200 मूल्य के मादक पदार्थ और ₹3.95 लाख नकद जब्त किए गए। इसके अलावा, 2,454 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई और 39 लोगों को गिरफ्तार अथवा निरुद्ध किया गया। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान कुल 59 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका समय पर निपटारा किया गया।
आगे क्या
अब सभी की निगाहें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। यह उपचुनाव बिहार की राजनीति में खासा महत्व रखता है — विशेषकर जन सुराज के प्रशांत किशोर की चुनावी राजनीति में यह पहली बड़ी परीक्षा है। परिणाम बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों का संकेत देगा।