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बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा-राजद में सीधा मुकाबला, प्रशांत किशोर की जन सुराज त्रिकोण बनाने में जुटी

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बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा-राजद में सीधा मुकाबला, प्रशांत किशोर की जन सुराज त्रिकोण बनाने में जुटी

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव बिहार की राजनीतिक प्रतिष्ठा का अखाड़ा बन गया है। भाजपा और राजद के बीच सीधी टक्कर के बीच प्रशांत किशोर की जन सुराज मुकाबले को त्रिकोणीय रंग देने में जुटी है। 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को नतीजे तय करेंगे कि बिहार की यह सीट किसके खाते में जाती है।

मुख्य बातें

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना निर्धारित है।
भाजपा के प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में 40 स्टार प्रचारक बूथ-स्तरीय अभियान चला रहे हैं।
राजद की उम्मीदवार रेखा गुप्ता हैं; नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अभी तक प्रचार में नहीं उतरे।
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर सक्रिय प्रचार के बावजूद बूथ-स्तरीय संगठन की कमज़ोरी से जूझ रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जन सुराज का बढ़ा हुआ वोट शेयर भाजपा या राजद के वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव बिहार की राजनीति में प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। 20 जुलाई 2025 तक के चुनाव प्रचार की तस्वीर यह है कि मैदान में तीन दल — भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज — पूरी ताकत से डटे हैं, लेकिन स्थानीय राजनीतिक समीकरण फिलहाल मुकाबले को भाजपा और राजद के बीच द्विध्रुवीय बना रहे हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर इस समीकरण को तोड़ने की कोशिश में सक्रिय हैं।

भाजपा की रणनीति और दावे

भाजपा ने अपने प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में प्रचार को बूथ स्तर तक पहुँचा दिया है। पार्टी के 40 स्टार प्रचारक जनसभाओं और घर-घर संपर्क अभियान में लगे हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने दावा किया कि बांकीपुर में पार्टी की जीत तय है और राजद व जन सुराज दूसरे स्थान के लिए आपस में संघर्ष कर रहे हैं।

राजद का पलटवार

राजद भी इस उपचुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अभी तक प्रचार मैदान में नहीं उतरे हैं, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार भाजपा पर हमलावर हैं। राजद प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि बांकीपुर में बदलाव का माहौल है और पार्टी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता जीत दर्ज करेंगी।

शक्ति सिंह यादव ने कहा, 'भ्रम में मत रहिए। अभी तो राष्ट्रीय जनता दल ने सिर्फ मंदिर की घंटी बजाई है और पूरी एनडीए बेचैन हो गई है। भाजपा ने राजद प्रत्याशी के डर से अपना उम्मीदवार तक बदल दिया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जनता इस बार बेहतर जनप्रतिनिधि चुनेगी। बांकीपुर का दलित, पिछड़ा, मुस्लिम और अन्य वंचित वर्ग भाजपा को नकारकर राजद प्रत्याशी को जिताएगा।'

जन सुराज की चुनौती और सीमाएँ

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की सभाएँ और सोशल मीडिया अभियान चर्चा में हैं। हालाँकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जन सुराज के सामने सबसे बड़ी बाधा संगठनात्मक ढाँचे की कमज़ोरी है। कई इलाकों में पार्टी का बूथ-स्तरीय नेटवर्क भाजपा और राजद की तुलना में कमज़ोर नज़र आता है। स्थानीय मतदाताओं से बातचीत में भी यही संकेत मिल रहे हैं कि मुख्य मुकाबला दोनों बड़े दलों के बीच है।

वोट-विभाजन का असर और आगे की राह

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि जन सुराज को अपेक्षा से अधिक वोट मिलते हैं, तो उसका सीधा असर भाजपा या राजद के वोट बैंक पर पड़ सकता है — जिससे नतीजा अप्रत्याशित हो सकता है। 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना निर्धारित है। आने वाले दिनों में प्रमुख नेताओं के प्रचार अभियान से मुकाबला और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बूथ-स्तरीय संगठन के बिना चुनावी राजनीति में टिकना कठिन होता है — यह सबक बिहार खुद दे चुका है। राजद का दलित-पिछड़ा-मुस्लिम समीकरण और भाजपा की सांगठनिक मशीनरी दोनों आज़माए हुए हथियार हैं; असली सवाल यह है कि क्या जन सुराज का वोट 'स्पॉइलर' बनेगा या 'किंगमेकर' — और यह 3 अगस्त को पता चलेगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव कब होगा?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 3 अगस्त को निर्धारित है।
बांकीपुर उपचुनाव में कौन-कौन से प्रमुख प्रत्याशी हैं?
भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को, राजद ने रेखा गुप्ता को और जन सुराज ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है। तीनों दल सक्रिय प्रचार में हैं।
जन सुराज और प्रशांत किशोर की भूमिका इस चुनाव में क्या है?
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर इस उपचुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं। हालाँकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पार्टी का बूथ-स्तरीय संगठन अभी भाजपा और राजद की तुलना में कमज़ोर है।
राजद ने भाजपा पर उम्मीदवार बदलने का आरोप क्यों लगाया?
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि भाजपा ने राजद प्रत्याशी के 'डर' से अपना उम्मीदवार बदला। भाजपा ने इस दावे को खारिज करते हुए जीत का भरोसा जताया है।
बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज का वोट किसे नुकसान पहुँचा सकता है?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यदि जन सुराज अपेक्षा से अधिक वोट हासिल करती है, तो उसका असर भाजपा या राजद के वोट बैंक पर पड़ सकता है और मुकाबला और अनिश्चित हो सकता है। किसके वोट कटेंगे, यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
राष्ट्र प्रेस
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