15 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: जेजेडी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेज प्रताप यादव ने कहा — कोर्ट जाएंगे

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बांकीपुर उपचुनाव: जेजेडी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन रद्द, तेज प्रताप यादव ने कहा — कोर्ट जाएंगे

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में जेजेडी उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन 2009 के पुराने कथित धोखाधड़ी मामले में हिरासत के बाद रद्द कर दिया गया। तेज प्रताप यादव ने इसे राजनीतिक साजिश बताया और कोर्ट जाने की घोषणा की — बांकीपुर की लड़ाई अब चुनाव मैदान से अदालत तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की उम्मीदवार वीणा मानवी का बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का नामांकन पत्र रद्द किया गया।
नामांकन के बाद पुलिस ने वर्ष 2009 के कथित धोखाधड़ी मामले और लंबित वारंट के आधार पर वीणा मानवी को हिरासत में लिया था।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इसे राजनीतिक साजिश बताया और न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की।
यादव ने पटना कलेक्ट्रेट में निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर मीडिया के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
जेजेडी का दावा है कि कार्रवाई का समय — नामांकन का दिन — साजिश का प्रमाण है; पार्टी शीघ्र याचिका दायर करेगी।

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) को बड़ा झटका लगा है — पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र 14 जुलाई 2026 को निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान रद्द कर दिया गया। इसके तुरंत बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने की घोषणा कर दी।

नामांकन रद्द होने की पृष्ठभूमि

वीणा मानवी ने जेजेडी के टिकट पर बांकीपुर सीट के लिए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें वर्ष 2009 के एक कथित धोखाधड़ी मामले और उससे जुड़े लंबित वारंट के आधार पर हिरासत में लिया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन पत्र रद्द कर दिया।

तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया

नामांकन रद्द होने की सूचना मिलते ही तेज प्रताप यादव पटना कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय पहुँचे और अधिकारियों से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार के साथ अन्याय हुआ है और पूरे मामले में साजिश की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।

यादव ने आरोप लगाया कि वीणा मानवी को जान-बूझकर एक पुराने मामले में फँसाया गया ताकि उन्हें चुनाव से बाहर किया जा सके। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कार्रवाई नामांकन दाखिल करने के दिन ही क्यों हुई — जबकि यह मामला वर्षों पुराना है।

साजिश का दावा और कानूनी रास्ता

तेज प्रताप यादव ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे। उन्होंने दावा किया कि वीणा मानवी बांकीपुर क्षेत्र में लोकप्रिय हैं और मजबूत चुनावी स्थिति में थीं, इसीलिए उनके विरोधियों ने यह कदम उठाया।

यादव ने कहा कि बांकीपुर की जनता एक महिला उम्मीदवार के साथ हुए इस व्यवहार से नाराज़ है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध बताते हुए कहा कि पार्टी वीणा मानवी के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

आगे क्या होगा

जेजेडी के अनुसार, पार्टी शीघ्र ही न्यायालय में याचिका दायर करेगी और नामांकन रद्द करने के फैसले को कानूनी चुनौती देगी। यह देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या वीणा मानवी की उम्मीदवारी बहाल हो पाती है। बांकीपुर उपचुनाव की राजनीतिक तस्वीर इस कानूनी प्रक्रिया के नतीजे पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीति अधिक लगती है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। बिहार में उपचुनावों के दौरान छोटे दलों के उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने के मामले नए नहीं हैं, लेकिन हर बार यही सवाल उठता है कि प्रशासनिक प्रक्रिया राजनीतिक दबाव से कितनी स्वतंत्र है। तेज प्रताप यादव का न्यायालय जाने का फैसला सही दिशा में है — अदालत ही तय करेगी कि नामांकन रद्द करने का आधार कानूनी था या राजनीतिक। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि इस घटना से छोटे दलों की चुनावी भागीदारी पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभाव का सवाल भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में वीणा मानवी का नामांकन क्यों रद्द हुआ?
वीणा मानवी का नामांकन 2009 के एक कथित धोखाधड़ी मामले और उससे जुड़े लंबित वारंट के आधार पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान रद्द किया गया। हिरासत और नामांकन रद्द होने की यह कार्रवाई नामांकन दाखिल करने के दिन ही हुई।
तेज प्रताप यादव ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पटना कलेक्ट्रेट में निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और मीडिया के सामने घोषणा की कि पार्टी इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर उनका पूरा भरोसा है।
जेजेडी का साजिश का आरोप क्या है?
तेज प्रताप यादव का आरोप है कि वीणा मानवी को जान-बूझकर एक पुराने मामले में फँसाया गया ताकि उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा सके, क्योंकि वे बांकीपुर में लोकप्रिय थीं और मजबूत स्थिति में थीं। हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बांकीपुर उपचुनाव में आगे क्या होगा?
जेजेडी के अनुसार पार्टी शीघ्र न्यायालय में याचिका दायर करेगी और नामांकन रद्द करने के फैसले को कानूनी चुनौती देगी। अदालत के फैसले पर निर्भर करेगा कि वीणा मानवी की उम्मीदवारी बहाल होती है या नहीं।
जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) क्या है?
जनशक्ति जनता दल एक राजनीतिक दल है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव हैं। पार्टी ने बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में वीणा मानवी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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