5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांसुरी स्वराज का उत्तरकाशी में 2027 चुनावी संकल्प: बूथ सक्रियता और मजबूत संगठन से तीनों सीटें जीतने का आह्वान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांसुरी स्वराज का उत्तरकाशी में 2027 चुनावी संकल्प: बूथ सक्रियता और मजबूत संगठन से तीनों सीटें जीतने का आह्वान

सारांश

2027 चुनाव से डेढ़ साल पहले ही भाजपा ने उत्तरकाशी में बिगुल फूँक दिया है। सह प्रभारी बांसुरी स्वराज ने बूथ सक्रियता और संगठनात्मक एकजुटता को जीत का मूल मंत्र बताते हुए उत्तरकाशी की तीनों सीटें जीतने का संकल्प दिलाया — उत्तराखंड में लगातार तीसरी सरकार बनाने की कोशिश की शुरुआत।

मुख्य बातें

भाजपा सह प्रभारी बांसुरी स्वराज ने 4 नवंबर 2026 को उत्तरकाशी में संगठनात्मक बैठक को संबोधित किया।
उन्होंने विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बूथ-स्तरीय सक्रियता और आपसी समन्वय पर जोर दिया।
भाजपा का लक्ष्य उत्तरकाशी की तीनों विधानसभा सीटें जीतकर उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाना।
बांसुरी स्वराज ने मां डाठ काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर यात्रा की शुरुआत की।
पूर्व राज्यमंत्री सूरतराम नौटियाल का चरण स्पर्श कर वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तराखंड सह प्रभारी बांसुरी स्वराज ने 4 नवंबर 2026 को उत्तरकाशी स्थित जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित संगठनात्मक बैठक में कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बूथ-स्तरीय सक्रियता और आपसी एकजुटता का मंत्र दिया। उन्होंने जनपद की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का स्पष्ट आह्वान किया। उनके संबोधन ने बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और चुनावी उत्साह का संचार किया।

संगठन और बूथ सक्रियता पर जोर

बांसुरी स्वराज ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी चुनाव में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आपसी समन्वय ही जीत का सबसे बड़ा आधार होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ मैदान में उतरना होगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की एकजुटता के दम पर भाजपा उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल होगी। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी ने चुनाव से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ही ज़मीनी तैयारी तेज कर दी है।

देवभूमि से भावनात्मक जुड़ाव

अपने संबोधन में बांसुरी स्वराज ने उत्तराखंड से अपने पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी माताजी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तराखंड प्रभारी रहने के दौरान से ही इस देवभूमि से उनका विशेष आत्मीय रिश्ता रहा है।

उत्तराखंड पहुँचने पर उन्होंने सबसे पहले मां डाठ काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने की कामना की। गौरतलब है कि आध्यात्मिक स्थलों पर पूजा-दर्शन भाजपा नेताओं की चुनावी यात्राओं का परंपरागत हिस्सा रहा है।

वरिष्ठ नेता का सम्मान और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव

बैठक के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब बांसुरी स्वराज ने भाजपा के वरिष्ठ एवं वयोवृद्ध नेता तथा पूर्व राज्यमंत्री सूरतराम नौटियाल के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। इस क्षण ने संगठन में पीढ़ियों के बीच जुड़ाव का संदेश दिया।

बांसुरी स्वराज ने कार्यकर्ताओं के साथ सेल्फी लेकर और उनका अभिवादन कर सहज माहौल बनाया। उन्होंने भावुक अंदाज में कार्यकर्ताओं से वचन माँगा कि वे उत्तरकाशी जनपद की तीनों विधानसभा सीटें भाजपा की झोली में डालकर भेजेंगे।

2027 चुनाव की रणनीतिक तैयारी

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियाँ अभी से तेज कर दी हैं। बांसुरी स्वराज की उत्तरकाशी यात्रा इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें बूथ-स्तरीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर जमीनी संगठन को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले महीनों में पार्टी की ओर से इसी तरह की और बैठकों की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्षी दलों का तर्क है कि सत्ता-विरोधी लहर और स्थानीय असंतोष को महज संगठनात्मक ऊर्जा से नहीं दबाया जा सकता। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये बैठकें केवल उत्साहवर्धन तक सीमित रहती हैं, या मतदाताओं से सीधे जुड़ाव में भी तब्दील होती हैं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांसुरी स्वराज कौन हैं और उत्तराखंड में उनकी भूमिका क्या है?
बांसुरी स्वराज भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तराखंड सह प्रभारी हैं। वे दिवंगत वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज की पुत्री हैं और उत्तराखंड से उनका पारिवारिक भावनात्मक जुड़ाव रहा है।
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा की रणनीति क्या है?
भाजपा की रणनीति बूथ-स्तरीय सक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और संगठनात्मक एकजुटता पर केंद्रित है। पार्टी उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
उत्तरकाशी में भाजपा की कितनी विधानसभा सीटें हैं?
उत्तरकाशी जनपद में कुल तीन विधानसभा सीटें हैं। बांसुरी स्वराज ने बैठक में कार्यकर्ताओं से इन तीनों सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
भाजपा ने इतने पहले से 2027 चुनाव की तैयारी क्यों शुरू की?
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को उत्तराखंड में बड़ी जीत मिली थी। पार्टी इस बार तीसरी जीत के लिए जमीनी संगठन को पहले से मजबूत करना चाहती है, इसलिए चुनाव से डेढ़ साल पहले ही बूथ-स्तरीय तैयारियाँ शुरू की जा रही हैं।
बैठक में पूर्व राज्यमंत्री सूरतराम नौटियाल का क्या महत्व रहा?
पूर्व राज्यमंत्री सूरतराम नौटियाल उत्तरकाशी के वरिष्ठ एवं वयोवृद्ध भाजपा नेता हैं। बांसुरी स्वराज ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिसे संगठन में पीढ़ियों के बीच सम्मान और जुड़ाव के प्रतीक के रूप में देखा गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले