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बारामती एयरपोर्ट पर कार्वर एविएशन का ट्रेनी विमान रनवे से बाहर निकला, कोई हताहत नहीं

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बारामती एयरपोर्ट पर कार्वर एविएशन का ट्रेनी विमान रनवे से बाहर निकला, कोई हताहत नहीं

सारांश

बारामती एयरफील्ड पर रविवार को कार्वर एविएशन का ट्रेनी विमान रिजेक्टेड टेक-ऑफ अभ्यास के दौरान रनवे से बाहर निकल गया। कैप्टन और कैडेट दोनों सुरक्षित हैं। यह इस एयरफील्ड पर महज तीन महीनों में तीसरी विमान-संबंधी घटना है।

मुख्य बातें

बारामती एयरफील्ड पर 9 अगस्त को कार्वर एविएशन का ट्रेनी विमान रनवे से बाहर निकला।
विमान में सवार कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जुंदरे दोनों सुरक्षित हैं।
घटना दोपहर करीब 12 बजे रिजेक्टेड टेक-ऑफ अभ्यास के दौरान हुई; विमान को मामूली नुकसान ।
इससे पहले 13 मई को भी बारामती में एक ट्रेनी विमान क्रैश हुआ था, जिसमें कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ था।
जनवरी में इसी एयरपोर्ट के पास उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान से जुड़े हादसे में चार लोगों की मौत हुई थी।

पुणे के बारामती एयरफील्ड पर रविवार, 9 अगस्त को पायलट प्रशिक्षण कंपनी कार्वर एविएशन का एक ट्रेनी विमान रनवे से बाहर निकल गया। बारामती पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई और इसमें विमान में सवार दोनों व्यक्ति सुरक्षित हैं — न कोई घायल हुआ, न कोई जनहानि।

घटनाक्रम: क्या हुआ रनवे पर

विमान सुबह 6:39 बजे (UTC) प्रशिक्षण अभ्यास के लिए रवाना हुआ था। इसमें कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जुंदरे सवार थे। एसपी के बयान के अनुसार, विमान पहले लिंक ब्रावो के ज़रिए रनवे पर आया और रनवे 29 के थ्रेशोल्ड पर लाइन-अप हुआ, जहाँ एक रिजेक्टेड टेक-ऑफ किया गया। इसके बाद विमान को रनवे 11 के थ्रेशोल्ड पर लाइन-अप किया गया, जहाँ एक और रिजेक्टेड टेक-ऑफ हुआ।

इसी अभ्यास के दौरान विमान को रनवे पर पूरी तरह रोका नहीं जा सका और वह रनवे 29 के थ्रेशोल्ड से आगे निकलकर रनवे की सीमा से बाहर चला गया। विमान को मामूली नुकसान पहुँचा बताया गया है।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही बारामती पुलिस और संबंधित विमानन अधिकारी मौके पर पहुँच गए। एसपी ने पुष्टि की कि हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। विमानन नियामक प्राधिकरण की ओर से आगे की जाँच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है, हालाँकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

बारामती में पहले भी हो चुके हैं विमान हादसे

यह ऐसे समय में आया है जब बारामती एयरफील्ड पर हाल के महीनों में विमान से जुड़ी घटनाओं की संख्या बढ़ी है। 13 मई को भी यहाँ एक ट्रेनी विमान क्रैश हुआ था, जिसमें लैंडिंग से पहले विमान का एक हिस्सा बिजली के खंभे से टकरा गया था — उस हादसे में भी कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ था। गौरतलब है कि जनवरी में इसी एयरपोर्ट के पास महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान से जुड़ा एक अलग हादसा हुआ था, जिसमें पवार सहित अन्य चार लोगों की मौत हो गई थी।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, रिजेक्टेड टेक-ऑफ अभ्यास प्रशिक्षण का एक मानक हिस्सा है, लेकिन रनवे से बाहर निकलने की घटना प्रशिक्षण प्रक्रिया और रनवे की पर्याप्तता दोनों पर सवाल खड़े करती है। बारामती जैसे छोटे एयरफील्ड पर लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ सुरक्षा ऑडिट की माँग को और प्रासंगिक बनाती हैं।

आगे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की जाँच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि रिजेक्टेड टेक-ऑफ के दौरान विमान को रोकने में विफलता का कारण तकनीकी था या प्रशिक्षण संबंधी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रनवे से बाहर निकलना यह संकेत देता है कि या तो प्रशिक्षण प्रोटोकॉल में खामी है या रनवे की लंबाई अभ्यास के लिए पर्याप्त नहीं। जब तक DGCA की जाँच सार्वजनिक नहीं होती और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, इस एयरफील्ड की परिचालन सुरक्षा पर संदेह बना रहेगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारामती एयरपोर्ट पर 9 अगस्त को क्या हुआ?
कार्वर एविएशन का एक ट्रेनी विमान रिजेक्टेड टेक-ऑफ अभ्यास के दौरान रनवे 29 के थ्रेशोल्ड से आगे निकलकर रनवे की सीमा से बाहर चला गया। विमान में सवार कैप्टन और कैडेट दोनों सुरक्षित हैं और विमान को मामूली नुकसान पहुँचा है।
इस हादसे में कौन सवार था और क्या वे सुरक्षित हैं?
विमान में कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जुंदरे सवार थे। बारामती एसपी के अनुसार, दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई चोट नहीं आई।
कार्वर एविएशन क्या है और यह घटना क्यों हुई?
कार्वर एविएशन बारामती में पायलट प्रशिक्षण देने वाली एक निजी कंपनी है। घटना रिजेक्टेड टेक-ऑफ अभ्यास के दौरान हुई, जब विमान को रनवे पर पूरी तरह रोका नहीं जा सका। इसके सटीक कारण की जाँच की जा रही है।
क्या बारामती एयरफील्ड पर पहले भी ऐसी घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, 13 मई को भी यहाँ एक ट्रेनी विमान क्रैश हुआ था जिसमें विमान का हिस्सा बिजली के खंभे से टकराया था। इससे पहले जनवरी में इसी एयरपोर्ट के पास उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान से जुड़े हादसे में चार लोगों की मौत हुई थी।
इस हादसे की जाँच कौन करेगा?
ऐसी घटनाओं की जाँच का अधिकार नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के पास होता है। अभी तक DGCA की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन विमानन नियमों के तहत जाँच अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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