बारामती एयरपोर्ट पर कार्वर एविएशन का ट्रेनी विमान रनवे से बाहर निकला, कोई हताहत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के बारामती एयरफील्ड पर रविवार, 9 अगस्त को पायलट प्रशिक्षण कंपनी कार्वर एविएशन का एक ट्रेनी विमान रनवे से बाहर निकल गया। बारामती पुलिस अधीक्षक के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 12 बजे हुई और इसमें विमान में सवार दोनों व्यक्ति सुरक्षित हैं — न कोई घायल हुआ, न कोई जनहानि।
घटनाक्रम: क्या हुआ रनवे पर
विमान सुबह 6:39 बजे (UTC) प्रशिक्षण अभ्यास के लिए रवाना हुआ था। इसमें कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जुंदरे सवार थे। एसपी के बयान के अनुसार, विमान पहले लिंक ब्रावो के ज़रिए रनवे पर आया और रनवे 29 के थ्रेशोल्ड पर लाइन-अप हुआ, जहाँ एक रिजेक्टेड टेक-ऑफ किया गया। इसके बाद विमान को रनवे 11 के थ्रेशोल्ड पर लाइन-अप किया गया, जहाँ एक और रिजेक्टेड टेक-ऑफ हुआ।
इसी अभ्यास के दौरान विमान को रनवे पर पूरी तरह रोका नहीं जा सका और वह रनवे 29 के थ्रेशोल्ड से आगे निकलकर रनवे की सीमा से बाहर चला गया। विमान को मामूली नुकसान पहुँचा बताया गया है।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही बारामती पुलिस और संबंधित विमानन अधिकारी मौके पर पहुँच गए। एसपी ने पुष्टि की कि हादसे में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। विमानन नियामक प्राधिकरण की ओर से आगे की जाँच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की संभावना है, हालाँकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
बारामती में पहले भी हो चुके हैं विमान हादसे
यह ऐसे समय में आया है जब बारामती एयरफील्ड पर हाल के महीनों में विमान से जुड़ी घटनाओं की संख्या बढ़ी है। 13 मई को भी यहाँ एक ट्रेनी विमान क्रैश हुआ था, जिसमें लैंडिंग से पहले विमान का एक हिस्सा बिजली के खंभे से टकरा गया था — उस हादसे में भी कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ था। गौरतलब है कि जनवरी में इसी एयरपोर्ट के पास महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान से जुड़ा एक अलग हादसा हुआ था, जिसमें पवार सहित अन्य चार लोगों की मौत हो गई थी।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, रिजेक्टेड टेक-ऑफ अभ्यास प्रशिक्षण का एक मानक हिस्सा है, लेकिन रनवे से बाहर निकलने की घटना प्रशिक्षण प्रक्रिया और रनवे की पर्याप्तता दोनों पर सवाल खड़े करती है। बारामती जैसे छोटे एयरफील्ड पर लगातार हो रही ऐसी घटनाएँ सुरक्षा ऑडिट की माँग को और प्रासंगिक बनाती हैं।
आगे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की जाँच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि रिजेक्टेड टेक-ऑफ के दौरान विमान को रोकने में विफलता का कारण तकनीकी था या प्रशिक्षण संबंधी।