8 नवंबर 2026
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बस्तर नक्सलमुक्त: PM मोदी ने जवानों संग मनाई दीपावली, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले — नक्सल कैडर खत्म

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बस्तर नक्सलमुक्त: PM मोदी ने जवानों संग मनाई दीपावली, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले — नक्सल कैडर खत्म

सारांश

दीपावली पर बस्तर पहुँचे PM मोदी का यह दौरा महज एक प्रतीकात्मक संदेश नहीं था — यह दशकों के माओवादी संघर्ष के अंत की सरकारी घोषणा थी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साफ कहा: नक्सल कैडर खत्म, बस्तर आतंकमुक्त। अब असली परीक्षा विकास की है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली पर बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा — 'इस दीपावली देश नक्सलवाद मुक्त है, कोई भी नक्सल कैडर सक्रिय नहीं है।' पूर्व नक्सली सोढ़ी मंजुला ने बताया कि उन्होंने 2024 में आत्मसमर्पण किया, 15 वर्षों तक नक्सल संगठन में रहीं और अब पुनर्वास लाभ मिल रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार 31 मार्च 2026 के बाद से बस्तर में कोई नक्सली घटना दर्ज नहीं हुई।
PM मोदी ने कहा — 'यह यात्रा का अंत नहीं है', नक्सलवाद के खात्मे को 'विकसित भारत' की नींव बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुँचकर सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया। उनके इस दौरे को राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पूर्व नक्सली सोढ़ी मंजुला और स्थानीय निवासियों ने नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता के प्रतीक के रूप में बताया। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस दीपावली देश पहली बार नक्सलमुक्त है और अब कोई भी नक्सल कैडर सक्रिय नहीं है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जिस बस्तर में कभी 'जनताना सरकार' चलती थी और एक संगठन संविधान को मानने से इनकार करता था, आज उसके कोने कोने में संविधान लागू है। उन्होंने कहा, "नक्सल कैडर समाप्त हो चुका है और इनका सफाया जवानों की वजह से हुआ है।" शर्मा ने प्रधानमंत्री के इस दौरे को पूरी दुनिया के लिए संदेश बताया कि बस्तर अब पूर्णतः आतंकमुक्त हो चुका है।

उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का जवानों के बीच जाना और उनके साथ दीपावली मनाना सुरक्षा बलों के बलिदान की स्वीकृति है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

पूर्व नक्सली सोढ़ी मंजुला की आपबीती

पूर्व नक्सली महिला सोढ़ी मंजुला ने बताया कि उन्होंने 2024 में आत्मसमर्पण किया था और वे 15 वर्षों तक नक्सली संगठन के साथ रहीं। उन्होंने कहा, "अब नक्सली खत्म हो चुके हैं। सरेंडर के बाद मुझे नौकरी मिली और पुनर्वास का लाभ मिला।" मंजुला ने बताया कि सरकारी योजनाओं से उन्हें कई सुविधाएँ प्राप्त हुई हैं और अब तक कोई समस्या नहीं हुई है।

गौरतलब है कि मंजुला जैसे आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास को प्रशासन सफलता की कहानी के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार का दावा है कि 31 मार्च 2026 के बाद से बस्तर में कोई भी नक्सली घटना दर्ज नहीं हुई है।

स्थानीय जनता की प्रतिक्रिया

बस्तर के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि दीपावली के दिन प्रधानमंत्री का बस्तर आना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जवानों से मुलाकात की, मिठाई खिलाई और बातचीत भी की। स्थानीय व्यक्ति ने यह भी बताया कि 31 मार्च के बाद से नक्सली घटनाएँ नहीं हुई हैं, जो पूरे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।

प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन

प्रधानमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद (माओवाद) का खात्मा ही अंतिम लक्ष्य नहीं है और देश को अभी बहुत लंबा सफर तय करना है। उन्होंने कहा, "आज की उपलब्धियाँ हमें प्रेरणा देती हैं, लेकिन यह यात्रा का अंत नहीं है। मैं फिर कहता हूँ, यह यात्रा का अंत नहीं है।"

प्रधानमंत्री ने हाल की सफलताओं को देश की बड़ी आकांक्षाओं की मजबूत नींव बताया। उन्होंने जवानों की भावना को उद्धृत करते हुए कहा — "मां, तेरी शान बनी रहे, हम रहें या न रहें, तेरी शान बनी रहे" — और कहा कि अब यह भावना एक नए विश्वास और संकल्प में बदलने का समय है।

आगे क्या होगा

नक्सलवाद और गरीबी के विरुद्ध मिली सफलता को प्रधानमंत्री ने 'एक नई उड़ान की शुरुआत' बताया, जिससे भारत उन सपनों को पूरा कर सकता है जिन्हें कई पीढ़ियों ने सदियों से देखा है। अब सरकार का ध्यान बस्तर में विकास और बुनियादी ढाँचे की ओर मुड़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इसे स्वतंत्र सुरक्षा विशेषज्ञों की पुष्टि की आवश्यकता है — क्योंकि अतीत में भी ऐसी घोषणाएँ समय से पहले की गई हैं और बाद में हिंसा फिर भड़की है। PM मोदी का दीपावली पर बस्तर जाना प्रतीकात्मक रूप से शक्तिशाली है, लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या प्रशासनिक विकास — सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा — उसी गति से आगे बढ़ेगा जिस गति से सुरक्षा अभियान चला। सोढ़ी मंजुला जैसे आत्मसमर्पण करने वालों की पुनर्वास सफलता की कहानियाँ उत्साहजनक हैं, लेकिन व्यापक पुनर्वास के आँकड़े और दीर्घकालिक निगरानी जनता के सामने पारदर्शी रूप से आनी चाहिए।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी बस्तर दीपावली दौरे पर क्यों गए?
PM मोदी ने 8 नवंबर 2026 को दीपावली के अवसर पर बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों से मिलने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए दौरा किया। यह दौरा नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।
बस्तर नक्सलमुक्त कब हुआ?
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, इस दीपावली देश नक्सलवाद मुक्त है और कोई भी नक्सल कैडर सक्रिय नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि 31 मार्च 2026 के बाद से बस्तर में कोई नक्सली घटना दर्ज नहीं हुई है।
सोढ़ी मंजुला कौन हैं और उनकी कहानी क्या है?
सोढ़ी मंजुला एक पूर्व नक्सली महिला हैं जो 15 वर्षों तक नक्सल संगठन के साथ रहीं और 2024 में आत्मसमर्पण किया। उन्होंने बताया कि सरेंडर के बाद उन्हें नौकरी और पुनर्वास लाभ मिला तथा सरकारी योजनाओं से उन्हें कई सुविधाएँ प्राप्त हुई हैं।
PM मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा ही अंतिम लक्ष्य नहीं है और देश को अभी बहुत लंबा सफर तय करना है। उन्होंने कहा, 'आज की उपलब्धियाँ प्रेरणा देती हैं, लेकिन यह यात्रा का अंत नहीं है' और इस सफलता को विकसित भारत की नींव बताया।
बस्तर में 'जनताना सरकार' क्या थी?
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, 'जनताना सरकार' बस्तर में नक्सलियों का एक समानांतर प्रशासनिक ढाँचा था जो भारतीय संविधान को मानने से इनकार करता था। अब उनके अनुसार बस्तर के कोने कोने में संविधान लागू है और वह संगठन समाप्त हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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