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PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर बंगाल में अन्नपूर्णा लाभार्थियों ने लगाए पेड़, 'एक पेड़ मां के नाम' से मिली प्रेरणा

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PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर बंगाल में अन्नपूर्णा लाभार्थियों ने लगाए पेड़, 'एक पेड़ मां के नाम' से मिली प्रेरणा

सारांश

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों ने PM मोदी के 76वें जन्मदिन से पहले 'एक पेड़ मां के नाम' मुहिम से प्रेरित होकर वृक्षारोपण किया। एक छोटे से गांव से उठी यह पहल देशव्यापी 'आशीर्वाद का दीया' अभियान का हिस्सा है।

मुख्य बातें

पुरुलिया जिले के अमलाटोरा गांव में अन्नपूर्णा योजना लाभार्थियों ममता महतो और लेनिन महतो ने PM मोदी के जन्मदिन पर वृक्षारोपण किया।
यह पहल PM मोदी की ' एक पेड़ मां के नाम ' मुहिम से प्रेरित है, जो 2025 में शुरू हुई थी।
17 सितंबर को PM मोदी का 76वाँ जन्मदिन है।
लाखों कल्याणकारी योजना लाभार्थी ' आशीर्वाद का दीया ' कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर को घरों में दीये जलाएंगे।
यह जोड़ा स्कूली बच्चों को भी स्वच्छ पर्यावरण के महत्व की जानकारी दे रहा है।

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन (17 सितंबर) से पहले अपने खेत में वृक्षारोपण किया और इसे 'जन्मदिन का तोहफा' बताया। अमलाटोरा गांव के निवासी ममता महतो और लेनिन महतो ने यह पहल प्रधानमंत्री की 'एक पेड़ मां के नाम' मुहिम से प्रेरित होकर की। यह घटना उस व्यापक देशव्यापी अभियान की एक कड़ी है, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी प्रधानमंत्री के प्रति आभार प्रकट कर रहे हैं।

वृक्षारोपण की पहल

ममता महतो और लेनिन महतो, जो पुरुलिया जिले के अमलाटोरा गांव के रहने वाले हैं, ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' संदेश को ध्यान में रखते हुए अपनी माँ के नाम पर पेड़ लगाया। उनके अनुसार, साफ सुथरे और हरे भरे पर्यावरण के लिए प्रधानमंत्री के संदेश को आगे बढ़ाना उनका अपना तरीका था।

ममता महतो ने कहा, "17 सितंबर को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इस अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' का सम्मान करते हुए, हमने अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाया है। यह पेड़ लगाकर हम उन्हें जन्मदिन का तोहफा दे रहे हैं।"

लेनिन महतो का संदेश

लेनिन महतो ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपने गांव को हरा भरा और साफ सुथरा बनाने के लिए यह पहल की। उन्होंने कहा, "पेड़ लगाकर हमने उन्हें एक छोटा सा संदेश दिया कि सफाई के साथ साथ हम अपने इलाके और गांव को भी हरियाली से भर देंगे।"

लेनिन महतो ने यह भी कहा कि इस बारिश के मौसम में वे अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की योजना बना रहे हैं। उनके अनुसार, "यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक छोटी सी जिम्मेदारी है। अगर प्रकृति बचेगी, तो हम भी बचेंगे।"

'एक पेड़ मां के नाम' पहल की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 'एक पेड़ मां के नाम' पहल प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में शुरू की थी। इसका उद्देश्य प्रकृति की सेवा को जन आंदोलन का रूप देना था — यह प्रकृति जो जीवन को बनाए रखती और उसे सहारा देती है। इस पहल के तहत देशभर में लाखों पेड़ लगाने का आह्वान किया गया था।

यह ऐसे समय में आया है जब पर्यावरण संरक्षण को लेकर जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की कोशिशें तेज हो रही हैं। ममता और लेनिन न केवल खुद पेड़ लगा रहे हैं, बल्कि स्कूली बच्चों को भी स्वच्छ पर्यावरण के महत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम

इस बीच, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाखों लाभार्थी 'आशीर्वाद का दीया' नामक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताने के लिए वे अपने घरों में दिवाली जैसे दीये जलाएंगे। यह अभियान देशव्यापी स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

आगे की राह

पुरुलिया के इस छोटे से गांव से उठी यह पहल संकेत देती है कि जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थी किस तरह सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को एकसाथ आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। बारिश के मौसम में अधिक से अधिक पेड़ लगाने की योजना के साथ, यह जोड़ा आने वाले महीनों में भी यह अभियान जारी रखने का इरादा रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऐसी 'आभार अभिव्यक्ति' की खबरें अक्सर संगठित अभियानों का हिस्सा होती हैं। असली सवाल यह है कि अन्नपूर्णा जैसी योजनाओं से लाभार्थियों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार कितना हुआ है। 'एक पेड़ मां के नाम' जैसी पहल पर्यावरण जागरूकता के लिए सराहनीय है, पर इसके व्यापक क्रियान्वयन और वृक्षों की दीर्घकालिक देखभाल के आंकड़े अभी तक पारदर्शी रूप से सामने नहीं आए हैं।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' पहल क्या है?
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में शुरू की गई एक पर्यावरण संरक्षण मुहिम है, जिसमें हर नागरिक से अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने का आह्वान किया गया। इसका उद्देश्य प्रकृति की सेवा को जन आंदोलन बनाना था।
अन्नपूर्णा योजना क्या है और इसके लाभार्थी कौन हैं?
अन्नपूर्णा योजना केंद्र सरकार की एक खाद्य सुरक्षा योजना है, जो समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राशन उपलब्ध कराती है। पुरुलिया जिले के ममता महतो और लेनिन महतो इसी योजना के लाभार्थी हैं।
'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम क्या है?
'आशीर्वाद का दीया' एक देशव्यापी कार्यक्रम है जिसमें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाखों लाभार्थी 17 सितंबर को PM मोदी के जन्मदिन पर अपने घरों में दीये जलाकर आभार प्रकट करेंगे। यह दिवाली जैसे दीपोत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
PM मोदी का 76वाँ जन्मदिन कब है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वाँ जन्मदिन 17 सितंबर 2026 को है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पुरुलिया के लाभार्थी पर्यावरण के लिए और क्या कर रहे हैं?
ममता महतो और लेनिन महतो अपने आसपास के इलाके को हरा भरा बनाने के साथ साथ स्कूली बच्चों को भी स्वच्छ पर्यावरण के महत्व की जानकारी दे रहे हैं। बारिश के मौसम में वे अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की योजना बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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