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पश्चिम बंगाल सरकार ने नए सीईओ के लिए ईसीआई को भेजा 3 आईएएस अफसरों का पैनल

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पश्चिम बंगाल सरकार ने नए सीईओ के लिए ईसीआई को भेजा 3 आईएएस अफसरों का पैनल

सारांश

पश्चिम बंगाल की नई BJP सरकार ने राज्य के अगले मुख्य निर्वाचन अधिकारी के लिए ईसीआई को तीन आईएएस अधिकारियों — नीलम मीणा, तन्मय चक्रवर्ती और मौमिता गोदारा बसु — का पैनल भेजा है। यह कदम चुनाव-पश्चात प्रशासनिक फेरबदल की उस बड़ी कड़ी का हिस्सा है जिसमें पूर्व सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया गया है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार ने 20 मई 2026 को ईसीआई को नए सीईओ की नियुक्ति के लिए 3 आईएएस अधिकारियों का पैनल भेजा।
पैनल में नीलम मीणा (1998 बैच) , तन्मय चक्रवर्ती (2006 बैच) और मौमिता गोदारा बसु (2007 बैच) शामिल हैं।
पूर्व सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल अब राज्य के मुख्य सचिव हैं; पूर्व विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता नए मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार बने।
पूर्व मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती अब बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
नई सरकार सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में BJP की है; यह फेरबदल हाल के विधानसभा चुनावों के बाद हुआ।

पश्चिम बंगाल सरकार ने 20 मई 2026 को राज्य कैडर के तीन भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का पैनल भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को भेजा है, ताकि आयोग उनमें से किसी एक को राज्य का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त कर सके। यह कदम हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों और नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक पुनर्गठन की कड़ी में उठाया गया है।

पैनल में कौन-कौन से अधिकारी हैं

नई राज्य सरकार द्वारा ईसीआई को सुझाए गए तीन नामों में नीलम मीणा, तन्मय चक्रवर्ती और मौमिता गोदारा बसु शामिल हैं। इनमें सबसे वरिष्ठ नीलम मीणा हैं, जो 1998 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वरिष्ठता क्रम में उनके बाद तन्मय चक्रवर्ती का नंबर आता है, जो 2006 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, और मौमिता गोदारा बसु 2007 बैच की आईएएस अधिकारी हैं।

मौजूदा सीईओ की नई भूमिका

पश्चिम बंगाल के पूर्व सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल अब राज्य के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं। पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रवाल मार्च 2025 में राज्य के सीईओ बने थे। इससे पहले वह पिछली सरकार में राज्य के अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं, वन और आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे।

गौरतलब है कि अग्रवाल को यह पद तब मिला जब सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई राज्य कैबिनेट ने कार्यभार संभाला। अग्रवाल और ईसीआई द्वारा नियुक्त पूर्व विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता — दोनों को राज्य में 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) अभियान और हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का श्रेय दिया गया। सुब्रत गुप्ता को नए मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है।

मुख्य सचिव पद पर बदलाव की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब इस वर्ष मार्च में, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार द्वारा विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद, ईसीआई ने तत्कालीन मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को हटाकर उनकी जगह दुष्यंत नारियाला को नियुक्त किया था। नई सरकार के गठन के बाद नारियाला का तबादला कर उन्हें दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार का 'रेजिडेंट कमिश्नर' बनाया गया, और उनकी जगह अग्रवाल को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।

नंदिनी चक्रवर्ती की नई जिम्मेदारी

नंदिनी चक्रवर्ती अभी 'विकास कार्यों की मुख्य समन्वयक' के पद पर कार्यरत हैं — यह पद सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अधीन आता है। उन्हें राज्य में बांग्लादेश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भूमि हस्तांतरण सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आगे क्या होगा

अब यह ईसीआई पर निर्भर करेगा कि वह सुझाए गए तीन नामों में से किसे राज्य का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करता है। इस नियुक्ति का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि नए सीईओ को राज्य में भविष्य के चुनावी कार्यक्रमों की देखरेख करनी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

हर प्रमुख पद पर नए चेहरे आए हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ईसीआई ने चुनाव-पूर्व नंदिनी चक्रवर्ती को हटाकर नारियाला को नियुक्त किया था, और अब नई सरकार अपनी पसंद का सीईओ चाहती है — यह चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच समन्वय की नाजुक परीक्षा है। यह पैटर्न बताता है कि निर्वाचन प्रशासन में 'स्वायत्त नियुक्ति' और 'राजनीतिक प्राथमिकता' के बीच की रेखा कितनी पतली होती जा रही है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल सरकार ने ईसीआई को कौन-से तीन आईएएस अधिकारियों का पैनल भेजा है?
राज्य सरकार ने नीलम मीणा (1998 बैच), तन्मय चक्रवर्ती (2006 बैच) और मौमिता गोदारा बसु (2007 बैच) के नाम ईसीआई को सुझाए हैं। इनमें से किसी एक को ईसीआई राज्य का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करेगा।
पश्चिम बंगाल के मौजूदा सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल अब किस पद पर हैं?
मनोज कुमार अग्रवाल अब पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव हैं। वह मार्च 2025 में राज्य के सीईओ बने थे और नई BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्य सचिव का पद दिया गया।
नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव पद से क्यों हटाया गया था?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद ईसीआई ने नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव पद से हटाकर दुष्यंत नारियाला को नियुक्त किया था। अभी वह 'विकास कार्यों की मुख्य समन्वयक' के रूप में बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
सुब्रत गुप्ता कौन हैं और उन्हें क्या जिम्मेदारी मिली है?
सुब्रत गुप्ता ईसीआई द्वारा नियुक्त पूर्व विशेष चुनाव पर्यवेक्षक हैं। नई सरकार के गठन के बाद उन्हें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है।
पश्चिम बंगाल में नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी कब तक नियुक्त होगा?
राज्य सरकार ने पैनल ईसीआई को भेज दिया है, लेकिन नियुक्ति की अंतिम तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग का होगा, जो सुझाए गए तीन नामों में से एक को चुनेगा।
राष्ट्र प्रेस
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