झारखंड में बंगाल की खाड़ी के डीप डिप्रेशन से मूसलाधार बारिश, रांची एयरपोर्ट पर 4 उड़ानें बाधित, 8 जिलों में अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में बंगाल की खाड़ी के चक्रवातीय मौसमी सिस्टम (डीप डिप्रेशन) के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने से 25 सितंबर 2026 को राज्यभर में भारी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहा, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, बीते चार दिनों की अनवरत बारिश ने राजधानी रांची समेत कई जिलों को प्रभावित किया है।
मौसम का मिजाज और वर्षा के आँकड़े
1 जून से 24 सितंबर तक पूरे झारखंड में 935.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत के बेहद करीब है। इस सक्रिय मानसून के चलते राज्य में इस सीजन का वर्षा घाटा घटकर महज 5 प्रतिशत रह गया है। राजधानी रांची में कुल 1,295.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से 9 प्रतिशत अधिक है। तापमान में भी भारी गिरावट आई है — रांची का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री नीचे आकर 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हवाई सेवाएँ बाधित
खराब मौसम और लो-विजिबिलिटी का सीधा असर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की उड़ानों पर पड़ा। शुक्रवार सुबह 4 उड़ानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी। पुणे और दिल्ली से आने वाले इंडिगो के विमानों को वाराणसी डायवर्ट किया गया, जबकि मुंबई से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस और कोलकाता से आई इंडिगो की उड़ान को वापस कोलकाता मोड़ दिया गया। इसके साथ ही दिल्ली-रांची मार्ग की एक उड़ान का समय भी बदलना पड़ा, जिससे सैकड़ों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
सड़कें अवरुद्ध, पुल क्षतिग्रस्त
रांची में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण एजी मोड़, कड़रू, कोकर और सुरेंद्रनाथ स्कूल के पास कई पेड़ उखड़कर सड़कों और वाहनों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ। इसके अलावा खूंटी जिले के तोरपा में बनई नदी पर बना एक पुल भी क्षतिग्रस्त होने की सूचना है, जिससे उस क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर असर पड़ा है।
अलर्ट और स्कूल बंद
मौसम विभाग ने 25 सितंबर को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह और देवघर सहित 8 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज तथा येलो अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर कई जिलों में स्कूलों को बंद रखा गया है।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
26 और 27 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 सितंबर से मौसम में स्थिरता आने और राहत मिलने की संभावना है। विभाग ने नागरिकों से बारिश और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा जलजमाव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की अपील की है।