14 अक्टूबर 2026
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बेंगलुरु में ईडी की बड़ी कार्रवाई: जा लाइफस्टाइल इंडिया समेत 3 के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट

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बेंगलुरु में ईडी की बड़ी कार्रवाई: जा लाइफस्टाइल इंडिया समेत 3 के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट

सारांश

बेंगलुरु में ईडी ने जा लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ PMLA कोर्ट में चार्जशीट दायर की है। कंपनी पर आरोप है कि उसने फर्जी डिजिटल मार्केटिंग योजना के नाम पर ₹4.29 करोड़ ठगे और पहले ही ₹3.70 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

मुख्य बातें

ईडी बेंगलुरु ने जा लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स समेत 3 आरोपियों के खिलाफ PMLA स्पेशल कोर्ट, बेंगलुरु में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की।
कंपनी ने 6 दिसंबर 2020 से 4 जून 2021 के बीच सदस्यों से लगभग ₹4.29 करोड़ इकट्ठा किए।
फर्जी डिजिटल मार्केटिंग योजना में सदस्यता के लिए प्रत्येक सदस्य से ₹1,109 (GST सहित) लिए जाते थे।
जाँच में पाया गया कि विज्ञापन देखकर कमाई की कोई सुविधा नहीं दी गई — रकम डायरेक्टर्स के निजी खर्च में इस्तेमाल हुई।
22 जुलाई 2026 को ईडी ने ₹3,70,65,355 की बैंक राशि जब्त की थी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस ने जा लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स सहित कुल 3 आरोपियों/संस्थाओं के विरुद्ध बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट (PMLA) में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की है। यह कार्रवाई धन-शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है, जिसमें कंपनी पर सदस्यों से फर्ज़ी डिजिटल मार्केटिंग योजना के ज़रिए करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी की जाँच बेंगलुरु के मगदी रोड पुलिस स्टेशन में जा लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। इस एफआईआर में कंपनी पर जनता से धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।

कंपनी की कथित धोखाधड़ी का तरीका

जाँच के अनुसार, जा लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने एक मेंबरशिप-बेस्ड मॉडल के ज़रिए लोगों को ठगा। कंपनी ने कथित तौर पर व्हाट्सएप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से संभावित सदस्यों से संपर्क किया और उन्हें डिजिटल मार्केटिंग तथा विज्ञापन देखकर पैसे कमाने के कार्यक्रम का लालच दिया।

इच्छुक व्यक्तियों को कंपनी के वेब प्लेटफॉर्म पर मुफ़्त रजिस्ट्रेशन का लिंक दिया जाता था, जहाँ लॉगिन क्रेडेंशियल बनाने के बाद स्थायी सदस्यता और 'अर्निंग प्रोग्राम' में भाग लेने के लिए ₹1,109 (GST सहित) कंपनी के बैंक खाते में जमा करने की शर्त थी। जाँच में पाया गया कि विज्ञापन देखकर कमाई की कोई वास्तविक सुविधा कभी प्रदान नहीं की गई।

कितनी रकम ठगी गई

ईडी की जाँच में सामने आया कि कंपनी ने 6 दिसंबर 2020 से 4 जून 2021 के बीच लोगों से लगभग ₹4.29 करोड़ इकट्ठा किए। जाँचकर्ताओं के अनुसार, यह धनराशि सदस्यों को वादे के अनुसार लाभ देने में नहीं लगाई गई, बल्कि कंपनी के डायरेक्टर्स के निजी खर्चों और फ़ायदों के लिए उपयोग की गई।

संपत्ति जब्ती की कार्रवाई

इस मामले में ईडी ने 22 जुलाई 2026 को एक प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी किया था, जिसके तहत जा लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खातों में जमा ₹3,70,65,355 की राशि को जब्त किया गया। यह राशि मूल रूप से जमा की गई ₹4.29 करोड़ की रकम का बड़ा हिस्सा है।

आगे क्या होगा

PMLA कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल होने के बाद अब मामला न्यायिक प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। गौरतलब है कि देशभर में ऐसी फर्जी डिजिटल मार्केटिंग और 'विज्ञापन देखकर कमाई' योजनाओं के खिलाफ ईडी की सक्रियता हाल के वर्षों में लगातार बढ़ी है। इस मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपियों पर PMLA के तहत कड़ी सज़ा का प्रावधान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जा लाइफस्टाइल इंडिया के खिलाफ ईडी ने क्या कार्रवाई की है?
ईडी के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस ने जा लाइफस्टाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर्स समेत 3 आरोपियों के खिलाफ बेंगलुरु की PMLA स्पेशल कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) दायर की है। यह कार्रवाई धन-शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है।
जा लाइफस्टाइल इंडिया ने किस तरह की धोखाधड़ी की?
कंपनी ने व्हाट्सएप और ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को डिजिटल मार्केटिंग और विज्ञापन देखकर पैसे कमाने का लालच देकर ₹1,109 प्रति सदस्यता शुल्क लिया। जाँच में पाया गया कि कमाई की कोई सुविधा कभी दी ही नहीं गई और इकट्ठा पैसे डायरेक्टर्स के निजी उपयोग में लाए गए।
इस मामले में कितनी रकम की धोखाधड़ी हुई?
ईडी की जाँच के अनुसार, कंपनी ने 6 दिसंबर 2020 से 4 जून 2021 के बीच लगभग ₹4.29 करोड़ इकट्ठा किए। इनमें से ₹3,70,65,355 की राशि 22 जुलाई 2026 को जारी प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत जब्त की जा चुकी है।
ईडी ने यह जाँच कैसे शुरू की?
जाँच बेंगलुरु के मगदी रोड पुलिस स्टेशन में IPC, 1860 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। उस एफआईआर में कंपनी के डायरेक्टर्स पर जनता से धोखाधड़ी का आरोप था, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जाँच शुरू की।
PMLA कोर्ट में चार्जशीट के बाद आगे क्या होगा?
PMLA की स्पेशल कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल होने के बाद अदालत आरोपियों को समन जारी कर सकती है और मामले की सुनवाई शुरू होगी। दोष सिद्ध होने पर PMLA के तहत कठोर दंड और जब्त संपत्ति के ज़रिए पीड़ितों को मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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