बेंगलुरु: नर्स मधुमिता पर पति वेंकटेशन का एसिड और दरांती से हमला, आईसीयू में गंभीर हालत
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के नारायण अस्पताल के पास 18 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9 बजकर 15 मिनट पर एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब नर्स मधुमिता पर उसके पति वेंकटेशन ने कथित तौर पर एसिड जैसा लिक्विड फेंककर और फिर दरांती व लंबे चाकू से 10 से अधिक बार हमला किया। गंभीर रूप से घायल मधुमिता को तत्काल एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपी वेंकटेशन ने गुरुवार, 18 सितंबर की सुबह नारायण अस्पताल के पास मधुमिता का इंतज़ार किया। जैसे ही वह काम पर पहुँची, उसने पहले उस पर एसिड जैसा लिक्विड फेंका और फिर दरांती तथा लंबी छुरी से 10 से अधिक बार हमला किया। हमले के दौरान आरोपी ने हेलमेट पहना हुआ था।
डीसीपी साउथ डॉ. वामशी कृष्णा, जिन्होंने घटनास्थल का दौरा किया, ने बताया कि आरोपी ने दो खतरनाक हथियारों का उपयोग किया और यह कथित तौर पर पारिवारिक विवाद से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि वेंकटेशन को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
पृष्ठभूमि: पहले से चली आ रही थी खींचतान
पुलिस जाँच के अनुसार, मधुमिता और वेंकटेशन की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के ज़रिए हुई थी और 2024 में, बेंगलुरु शिफ्ट होने से पहले, दोनों ने विवाह कर लिया था। बताया जा रहा है कि मधुमिता पिछले छह महीनों से पति से दूरी बनाए हुए थी और उसके फोन कॉल तक नहीं उठाती थी, जिससे दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
जाँच में यह भी सामने आया कि वेंकटेशन को चेन्नई में एक तेल कंपनी में नौकरी मिल गई और वह वहाँ चला गया। उसने बार-बार मधुमिता से साथ चलने का आग्रह किया, जिसे उसने अस्वीकार कर दिया। मधुमिता ने कथित तौर पर वेंकटेशन से स्पष्ट कह दिया था कि वह उसे अब पसंद नहीं करती।
पुलिस शिकायत के बावजूद जारी रही धमकियाँ
करीब छह महीने पहले, वेंकटेशन उस क्लिनिक के पास आया जहाँ मधुमिता कार्यरत थी और वहाँ हंगामा किया। क्लिनिक के स्टाफ ने हस्तक्षेप कर उसे वहाँ से भगाया। इस घटना के बाद मधुमिता ने बेंगलुरु के एक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वेंकटेशन को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया, किंतु वह उपस्थित नहीं हुआ।
पुलिस के मुताबिक, वेंकटेशन फोन पर मधुमिता को धमकियाँ देता रहा। यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि पूर्व शिकायत के बावजूद समय पर सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए — जो महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
गिरफ्तारी और जाँच की स्थिति
हमले के बाद पुलिस ने वेंकटेशन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डीसीपी साउथ डॉ. वामशी कृष्णा के नेतृत्व में पुलिस हमले में इस्तेमाल हथियारों, एसिड जैसे लिक्विड की प्रकृति और सभी संबंधित परिस्थितियों की विस्तृत जाँच कर रही है। इस्तेमाल किए गए लिक्विड की पहचान अभी प्रयोगशाला जाँच के ज़रिए की जानी है।
क्या होगा आगे
मधुमिता की चिकित्सीय स्थिति नाज़ुक बनी हुई है और वह निजी अस्पताल के आईसीयू में उपचाराधीन हैं। पुलिस मामले में धाराओं का निर्धारण जाँच पूरी होने के बाद करेगी। महिला अधिकार संगठनों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व पुलिस शिकायत के बाद पर्याप्त सुरक्षा न मिलने पर सवाल उठाए हैं। यह मामला यह रेखांकित करता है कि घरेलू हिंसा की पूर्व शिकायत के बाद पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करने का तंत्र और मजबूत करने की ज़रूरत है।