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'लस्ट स्टोरीज 3' रिव्यू: 4 स्टार — चार निर्देशक, चार कहानियाँ, रिश्तों का अनकहा सच

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'लस्ट स्टोरीज 3' रिव्यू: 4 स्टार — चार निर्देशक, चार कहानियाँ, रिश्तों का अनकहा सच

सारांश

'लस्ट स्टोरीज 3' चार निर्देशकों के चार बिल्कुल अलग दुनियाओं का संगम है — हसबैंड स्वैपिंग से लेकर 1987 की पृष्ठभूमि तक। यह एंथोलॉजी साबित करती है कि रिश्तों की उलझनें कभी एकरंगी नहीं होतीं, और सही कहानीकार उन्हें हर बार नए तरीके से कह सकते हैं।

मुख्य बातें

' लस्ट स्टोरीज 3 ' को 4 स्टार — नेटफ्लिक्स की इस एंथोलॉजी में चार अलग-अलग फिल्ममेकर्स की कहानियाँ हैं।
विक्रमादित्य मोटवानी का सेगमेंट 'हसबैंड स्वैपिंग' के विचार और कोरियन फिक्शन के असर के साथ आता है; स्टार कास्ट में राधिका आप्टे , कोंकणा सेन शर्मा और विजय वर्मा ।
किरण राव की कहानी में गुरफतेह पीरजादा और सना थंपी — ड्रग्स और पैसों पर केंद्रित हल्के-फुल्के ट्विस्ट के साथ।
शकुन बत्रा के सेगमेंट में अली फज़ल और राधिका मदान शादी, थेरेपी और तलाक की जटिल परतें जीते हैं।
विशाल भारद्वाज का सेगमेंट 1987 की पृष्ठभूमि में अदिति राव हैदरी , सिद्धार्थ और गजराज राव के साथ एक गहरा और अजीबोगरीब नाटक पेश करता है।

'लस्ट स्टोरीज 3' नेटफ्लिक्स की इस एंथोलॉजी सीरीज़ की अगली कड़ी है, जिसमें विक्रमादित्य मोटवानी, किरण राव, शकुन बत्रा और विशाल भारद्वाज — चार अलग-अलग फिल्ममेकर्स — ने रिश्तों और ख्वाहिशों के चार नितांत भिन्न रंग पर्दे पर उकेरे हैं। पहले दो भागों की सफलता के बाद यह तीसरा संस्करण न केवल उस विरासत को संभालता है, बल्कि एंथोलॉजी फॉर्मेट की संभावनाओं को और विस्तार देता है।

मोटवानी का सेगमेंट: हसबैंड स्वैपिंग का दिलचस्प प्रयोग

फिल्म की शुरुआत विक्रमादित्य मोटवानी की कहानी से होती है, जो पहले फ्रेम से ही दर्शक को बाँध लेती है। इसमें राधिका आप्टे, कोंकणा सेन शर्मा, विजय वर्मा और अभिषेक शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी पति-पत्नी के रिश्ते में 'हसबैंड स्वैपिंग' के असाधारण विचार के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें कोरियन फिक्शन की छाप भी महसूस होती है, जो इसे आम रिलेशनशिप ड्रामा से एक अलग धरातल पर ले जाती है।

किरण राव का सेगमेंट: हल्का-फुल्का लेकिन चटपटा

किरण राव की कहानी में गुरफतेह पीरजादा और सना थंपी लीड रोल में हैं। यह कहानी ड्रग्स और पैसों के इर्द-गिर्द घूमती है और काफी मनोरंजक अंदाज़ में आगे बढ़ती है। कहानी में ट्विस्ट तो हैं, लेकिन उन पर ज़रूरत से ज़्यादा ज़ोर नहीं दिया गया है — और यही संयम इसे बाकी सेगमेंट्स से अलग और ताज़गी भरा बनाता है।

शकुन बत्रा का सेगमेंट: रिश्तों की जटिल परतें

शकुन बत्रा अपनी कहानी में शादी की उलझनों के भीतर झाँकते हैं। अली फज़ल और राधिका मदान ऐसे किरदार निभाते हैं जिनकी ज़िंदगी में लस्ट, थेरेपी, परिवार का दबाव, तलाक और मानसिक बोझ एक साथ दस्तक देते हैं। कहानी कई बार उलझी हुई लगती है, लेकिन यह उलझन जानबूझकर है — जिस तरह रिश्ते खुद बिखरे होते हैं, कहानी भी उसी बिखराव को ईमानदारी से दर्शाती है।

विशाल भारद्वाज का सेगमेंट: 1987 की पृष्ठभूमि में गहरा नाटक

फिल्म का चौथा और अंतिम सेगमेंट विशाल भारद्वाज का है, जो दर्शक को सीधे 1987 के दौर में ले जाता है। इसमें अदिति राव हैदरी, सिद्धार्थ और गजराज राव मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह कहानी उस युग की पृष्ठभूमि में एक गंभीर विषय को छूती है। नक्स वोमिका और बेलाडोना जैसी होम्योपैथिक दवाओं का ज़िक्र इसके अजीबोगरीब और दिलचस्प मिज़ाज को और गहरा करता है।

समग्र आकलन: एंथोलॉजी फॉर्मेट की ताकत साबित

'लस्ट स्टोरीज 3' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि चारों कहानियाँ फिल्म खत्म होने के बाद भी दिमाग में घूमती रहती हैं। हर सेगमेंट का अपना अलग टोन और रंग है — कहीं हास्य, कहीं तनाव, कहीं उदासी — और यही विविधता पूरी फिल्म को कभी बोझिल नहीं होने देती। 4 स्टार की यह फिल्म बोल्ड, प्रयोगधर्मी और ईमानदार है। यह साबित करती है कि सही निर्देशकों और सोची-समझी कहानियों के साथ एंथोलॉजी फॉर्मेट आज भी हिंदी सिनेमा में एक कारगर और प्रभावशाली माध्यम बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिना किसी एकरूपता की जिद के। मोटवानी का संयमित प्रयोग और विशाल का ऐतिहासिक दांव — दोनों एक ही फिल्म में हैं, और यही एंथोलॉजी की असली परीक्षा होती है। हिंदी ओटीटी पर जहाँ अक्सर एंथोलॉजी के सेगमेंट गुणवत्ता में असमान रहते हैं, वहाँ इस बार चारों का स्तर तुलनीय है। आलोचकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सीरीज़ का यह तीसरा संस्करण अपने पूर्ववर्तियों की तरह लंबे समय तक बातचीत में बना रहता है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लस्ट स्टोरीज 3' में कौन-से निर्देशक हैं?
इस एंथोलॉजी में चार निर्देशक हैं — विक्रमादित्य मोटवानी, किरण राव, शकुन बत्रा और विशाल भारद्वाज। हर निर्देशक ने एक अलग और स्वतंत्र कहानी बनाई है।
'लस्ट स्टोरीज 3' की स्टार कास्ट कौन है?
फिल्म में राधिका आप्टे, कोंकणा सेन शर्मा, विजय वर्मा, अभिषेक शर्मा, गुरफतेह पीरजादा, सना थंपी, अली फज़ल, राधिका मदान, अदिति राव हैदरी, सिद्धार्थ और गजराज राव मुख्य भूमिकाओं में हैं। हर सेगमेंट की अपनी अलग कास्ट है।
विशाल भारद्वाज के सेगमेंट की कहानी क्या है?
विशाल भारद्वाज का सेगमेंट 1987 के दौर में सेट है और इसमें अदिति राव हैदरी, सिद्धार्थ और गजराज राव मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी में नक्स वोमिका और बेलाडोना जैसी होम्योपैथिक दवाओं का ज़िक्र आता है, जो इसके अजीबोगरीब मिज़ाज को और गहरा करता है।
क्या 'लस्ट स्टोरीज 3' देखने लायक है?
समीक्षकों के अनुसार इसे 4 स्टार दिए गए हैं। फिल्म बोल्ड विषयों, अलग-अलग टोन और विविध कहानियों के लिए देखने योग्य है, और एंथोलॉजी फॉर्मेट को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करती है।
'लस्ट स्टोरीज 3' कहाँ देख सकते हैं?
'लस्ट स्टोरीज 3' नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। यह इसी प्लेटफॉर्म पर पिछले दोनों भागों की तरह स्ट्रीम की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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