26 जून 2026
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बेंगलुरु तिहरे हत्याकांड में आरोपी केनेथ पुडुचेरी से गिरफ्तार, श्वेता 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

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बेंगलुरु तिहरे हत्याकांड में आरोपी केनेथ पुडुचेरी से गिरफ्तार, श्वेता 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

सारांश

बेंगलुरु के सीगेहल्ली में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले में फरार आरोपी केनेथ को पुडुचेरी के समुद्र तट की झोपड़ियों से दबोचा गया। मुख्य आरोपी श्वेता पहले ही गिरफ्तार होकर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। पुलिस दोनों की भूमिका की जांच कर रही है।

मुख्य बातें

केनेथ को 26 जून 2026 को पुडुचेरी के समुद्र तट की झोपड़ियों से गिरफ्तार किया गया।
मामला सोमसुंदर (55) , मुथुलक्ष्मी (48) और सुप्रिया (20) की कथित हत्या से जुड़ा है, जो 23 जून को बेंगलुरु के सीगेहल्ली में हुई।
आरोपी मोटरसाइकिल पर लगभग 300 किलोमीटर की यात्रा कर पुडुचेरी पहुँचे थे; मोबाइल बंद रखे और डिजिटल भुगतान से बचते रहे।
पुलिस ने CCTV फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों का पता लगाया।
श्वेता ने हत्याओं की पूरी जिम्मेदारी खुद पर लेने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को सबूतों के आधार पर दोनों की संलिप्तता का संदेह है।
श्वेता को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया; केनेथ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

कर्नाटक पुलिस ने 26 जून 2026 को बेंगलुरु के सीगेहल्ली तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी केनेथ को पुडुचेरी से गिरफ्तार कर लिया। केनेथ उस युवती श्वेता का लिव-इन पार्टनर है, जिस पर अपने माता-पिता और छोटी बहन की हत्या का आरोप है। पुलिस के अनुसार, केनेथ समुद्र तट के किनारे बनी अस्थायी झोपड़ियों में छिपा हुआ था।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला सोमवार, 23 जून को पूर्वी बेंगलुरु के केआर पुरम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के सीगेहल्ली स्थित एक अपार्टमेंट में हुई तीन हत्याओं से जुड़ा है। कथित तौर पर मारे गए लोगों में 55 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल सोमसुंदर, उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी (48 वर्ष) और उनकी छोटी बेटी सुप्रिया (20 वर्ष) शामिल हैं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, घटनाक्रम 21 जून को शुरू हुआ जब मुथुलक्ष्मी श्वेता के घर पहुँचीं। मां-बेटी के बीच कहासुनी हुई और मुथुलक्ष्मी रात भर वहीं रुकीं। पुलिस को संदेह है कि सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे श्वेता और केनेथ ने मुथुलक्ष्मी की हत्या की। इसके कुछ ही समय बाद सुप्रिया की चाकू मारकर और सोमसुंदर पर हमला करके हत्या किए जाने की बात सामने आई है।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कैसे हुई

वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और एटीएम या डिजिटल भुगतान से परहेज किया, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। डिजिटल सबूत सीमित होने के कारण पुलिस ने राजमार्गों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज पर भरोसा किया।

जांचकर्ताओं ने पाया कि दोनों मोटरसाइकिल पर तमिलनाडु की ओर जा रहे थे। इसके बाद तिरुचिरापल्ली और पुडुचेरी में पुलिस दल तैनात किए गए। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 300 किलोमीटर की यात्रा के बाद पुडुचेरी के पास उनकी मोटरसाइकिल खराब हो गई। इसी दौरान खुफिया जानकारी के आधार पर श्वेता को पुडुचेरी रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया, जबकि केनेथ उस समय भागने में सफल रहा।

बाद में विशेष पुलिस टीमों ने केनेथ का पता लगाया — वह होटल में पहचान पत्र दिखाने से बचने के लिए समुद्र तट की झोपड़ियों में छिपा था। पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया।

श्वेता का बयान और पुलिस का रुख

पुलिस पूछताछ के दौरान श्वेता ने कथित तौर पर दावा किया कि उसने अपनी माँ की हत्या इसलिए की क्योंकि उसे लगता था कि वर्षों से उसके साथ 'कैदी जैसा' व्यवहार किया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि मुथुलक्ष्मी स्कूल के दिनों से लेकर कॉलेज तक उसके प्रति बेहद सख्त रहीं और उन्होंने उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को नकारा।

श्वेता ने जांचकर्ताओं के सामने हत्याओं की पूरी जिम्मेदारी खुद पर लेने की कोशिश की और दावा किया कि केनेथ की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से मिले सबूतों और पीड़ितों को लगी चोटों की प्रकृति के आधार पर संदेह है कि दोनों ही हत्याओं में शामिल थे।

आगे की कानूनी कार्यवाही

केनेथ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा, जिसके बाद पुलिस द्वारा आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत मांगे जाने की संभावना है। इस बीच, श्वेता को तिहरे हत्याकांड की जांच जारी रहने के कारण 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पारिवारिक दबाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की टकराहट कभी-कभी अकल्पनीय परिणाम देती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई — डिजिटल सबूत सीमित होने के बावजूद CCTV और खुफिया तंत्र पर निर्भरता — तकनीकी सतर्कता का उदाहरण है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या श्वेता के बयान में छिपे 'वर्षों के दमन' के दावे की स्वतंत्र जांच होगी, या यह महज बचाव की रणनीति बनकर रह जाएगा। अदालत में यह साबित करना कि केनेथ की सक्रिय भूमिका थी, पुलिस के लिए सबसे बड़ी कानूनी चुनौती होगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु तिहरे हत्याकांड में केनेथ को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
केनेथ को पुडुचेरी में समुद्र तट के किनारे बनी अस्थायी झोपड़ियों से गिरफ्तार किया गया, जहाँ वह होटल में पहचान पत्र दिखाने से बचने के लिए छिपा हुआ था। विशेष पुलिस टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर उसका पता लगाया।
बेंगलुरु के सीगेहल्ली में किनकी हत्या हुई?
सीगेहल्ली स्थित अपार्टमेंट में 55 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल सोमसुंदर, उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी (48 वर्ष) और उनकी छोटी बेटी सुप्रिया (20 वर्ष) की कथित तौर पर हत्या की गई। यह घटना 23 जून को हुई बताई जाती है।
श्वेता ने पूछताछ में क्या कहा?
पुलिस पूछताछ के दौरान श्वेता ने कथित तौर पर कहा कि उसने अपनी माँ की हत्या इसलिए की क्योंकि उसे लगता था कि वर्षों से उसके साथ 'कैदी जैसा' व्यवहार हो रहा था। उसने हत्याओं की पूरी जिम्मेदारी खुद पर लेने की कोशिश की और केनेथ को निर्दोष बताया, हालांकि पुलिस को सबूतों के आधार पर दोनों की संलिप्तता का संदेह है।
आरोपी फरार होने के बाद कैसे पकड़े गए?
दोनों आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद रखे और डिजिटल भुगतान से परहेज किया। पुलिस ने राजमार्गों और टोल प्लाजा के CCTV फुटेज के आधार पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और पाया कि वे मोटरसाइकिल पर तमिलनाडु की ओर जा रहे थे। लगभग 300 किलोमीटर की यात्रा के बाद मोटरसाइकिल खराब हो गई और पुडुचेरी में तैनात दल ने पहले श्वेता को, फिर केनेथ को गिरफ्तार किया।
श्वेता और केनेथ के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
श्वेता को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। केनेथ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा, जिसके बाद पुलिस आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत माँग सकती है। दोनों के खिलाफ तिहरे हत्याकांड की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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