बेंगलुरु तिहरे हत्याकांड में आरोपी केनेथ पुडुचेरी से गिरफ्तार, श्वेता 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक पुलिस ने 26 जून 2026 को बेंगलुरु के सीगेहल्ली तिहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी केनेथ को पुडुचेरी से गिरफ्तार कर लिया। केनेथ उस युवती श्वेता का लिव-इन पार्टनर है, जिस पर अपने माता-पिता और छोटी बहन की हत्या का आरोप है। पुलिस के अनुसार, केनेथ समुद्र तट के किनारे बनी अस्थायी झोपड़ियों में छिपा हुआ था।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला सोमवार, 23 जून को पूर्वी बेंगलुरु के केआर पुरम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के सीगेहल्ली स्थित एक अपार्टमेंट में हुई तीन हत्याओं से जुड़ा है। कथित तौर पर मारे गए लोगों में 55 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल सोमसुंदर, उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी (48 वर्ष) और उनकी छोटी बेटी सुप्रिया (20 वर्ष) शामिल हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार, घटनाक्रम 21 जून को शुरू हुआ जब मुथुलक्ष्मी श्वेता के घर पहुँचीं। मां-बेटी के बीच कहासुनी हुई और मुथुलक्ष्मी रात भर वहीं रुकीं। पुलिस को संदेह है कि सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे श्वेता और केनेथ ने मुथुलक्ष्मी की हत्या की। इसके कुछ ही समय बाद सुप्रिया की चाकू मारकर और सोमसुंदर पर हमला करके हत्या किए जाने की बात सामने आई है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कैसे हुई
वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और एटीएम या डिजिटल भुगतान से परहेज किया, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। डिजिटल सबूत सीमित होने के कारण पुलिस ने राजमार्गों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज पर भरोसा किया।
जांचकर्ताओं ने पाया कि दोनों मोटरसाइकिल पर तमिलनाडु की ओर जा रहे थे। इसके बाद तिरुचिरापल्ली और पुडुचेरी में पुलिस दल तैनात किए गए। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 300 किलोमीटर की यात्रा के बाद पुडुचेरी के पास उनकी मोटरसाइकिल खराब हो गई। इसी दौरान खुफिया जानकारी के आधार पर श्वेता को पुडुचेरी रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया गया, जबकि केनेथ उस समय भागने में सफल रहा।
बाद में विशेष पुलिस टीमों ने केनेथ का पता लगाया — वह होटल में पहचान पत्र दिखाने से बचने के लिए समुद्र तट की झोपड़ियों में छिपा था। पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया।
श्वेता का बयान और पुलिस का रुख
पुलिस पूछताछ के दौरान श्वेता ने कथित तौर पर दावा किया कि उसने अपनी माँ की हत्या इसलिए की क्योंकि उसे लगता था कि वर्षों से उसके साथ 'कैदी जैसा' व्यवहार किया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि मुथुलक्ष्मी स्कूल के दिनों से लेकर कॉलेज तक उसके प्रति बेहद सख्त रहीं और उन्होंने उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को नकारा।
श्वेता ने जांचकर्ताओं के सामने हत्याओं की पूरी जिम्मेदारी खुद पर लेने की कोशिश की और दावा किया कि केनेथ की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से मिले सबूतों और पीड़ितों को लगी चोटों की प्रकृति के आधार पर संदेह है कि दोनों ही हत्याओं में शामिल थे।
आगे की कानूनी कार्यवाही
केनेथ को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा, जिसके बाद पुलिस द्वारा आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत मांगे जाने की संभावना है। इस बीच, श्वेता को तिहरे हत्याकांड की जांच जारी रहने के कारण 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ जांच अभी जारी है।