कर्नाटक के बीदर में महिला की कुल्हाड़ी से हत्या, सात आरोपियों पर BNS के तहत FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के बीदर जिले के भालकी तालुक स्थित हलगोरटा गांव में शनिवार, 11 जुलाई 2026 की सुबह 35 वर्षीया अनीता की उनके ही घर में कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, एक विरोधी परिवार के सात सदस्यों ने घर में अवैध रूप से प्रवेश कर यह वारदात को अंजाम दिया। खटाका चिंचोली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध संख्या 66/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह हमला सुबह लगभग 8 बजे हुआ, जब अनीता अपने घर पर अकेली थीं। मुख्य आरोपी ने कथित तौर पर उन पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। शेष छह आरोपियों पर हमले के लिए उकसाने और सहयोग देने का आरोप है।
महिला की चीख सुनकर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल भालकी के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कार्रवाई
शिकायतकर्ता की ओर से दर्ज FIR के आधार पर खटाका चिंचोली पुलिस ने सातों आरोपियों के विरुद्ध हत्या एवं संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों के अनुसार जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बेंगलुरु में दूसरी संदिग्ध हत्या की घटना
उसी दिन बेंगलुरु के कामाक्षीपाल्या थाना क्षेत्र में एक अलग और गंभीर मामला सामने आया, जहां अयप्पा मंदिर के पास एक परिवार के तीन सदस्यों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। इसके बाद संदिग्ध आरोपी ने भी आत्महत्या कर ली।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि 34 वर्षीय प्रशांत, जो पेशे से चालक था, ने अपनी माँ 55 वर्षीया मंगलम्मा, दादी 65 वर्षीया नंजम्मा और 50 वर्षीय रिश्तेदार सतीश की किसी धारदार हथियार से हत्या की और फिर स्वयं भी आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रशांत मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहा था।
आम जनता पर असर
एक ही दिन में कर्नाटक के दो अलग-अलग जिलों में हत्या की इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा किया है। बीदर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में पारिवारिक विवादों के हिंसक रूप लेने की प्रवृत्ति चिंताजनक है।
क्या होगा आगे
बीदर मामले में पुलिस सभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। बेंगलुरु प्रकरण में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के नतीजे मामले की दिशा तय करेंगे। दोनों मामलों में जांच जारी है।