क्या अमेरिका के टैरिफ से किसानों, डेयरी और कृषि उद्योग के हितों पर कोई असर पड़ेगा?

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क्या अमेरिका के टैरिफ से किसानों, डेयरी और कृषि उद्योग के हितों पर कोई असर पड़ेगा?

सारांश

क्या अमेरिका के टैरिफ का भारतीय किसानों पर कोई असर पड़ेगा? जानिए सरकारी अधिकारियों की राय और भारत के व्यापारिक दृष्टिकोण पर!

मुख्य बातें

भारत किसी भी दबाव में व्यापार समझौते नहीं करेगा।
किसानों और डेयरी उद्योग के हितों की सुरक्षा प्राथमिकता है।
अमेरिका के टैरिफ वृद्धि का भारतीय बाजारों पर असर नहीं।
अगस्त में अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल व्यापार वार्ता के लिए आएगा।
भारत-यूके एफटीए किसानों के लिए 'गेम-चेंजर' साबित हुआ है।

नई दिल्ली, 1 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। सरकारी अधिकारियों ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि भारत किसी भी दबाव में आकर या समय सीमा के तहत व्यापार समझौते नहीं करेगा। साथ ही, किसानों, डेयरी और कृषि उद्योग के हितों से कोई समझौता नहीं होगा।

इस मामले से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 1 अगस्त से लागू की गई 25 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि भारतीय बाजारों के लिए चिंताजनक नहीं है।

अधिकारियों ने कहा, "किसानों, डेयरी और एमएसएमई के साथ समझौता करने के कोई संकेत नहीं हैं और जेनेटिकली मोडिफाइड फसलों (जीएम क्रॉप्स) के आयात की अनुमति देने की भी कोई संभावना नहीं है।"

उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कम टैरिफ का हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अगस्त के अंत तक व्यापार वार्ता के अगले दौर के लिए एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आ रहा है। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता जारी रहने की संभावना है और आने वाले दिनों में कुछ राहत मिल सकती है।

हाल ही में संपन्न भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) एक 'गेम-चेंजर' सौदा साबित हुआ है, जो किसानों, व्यापारियों, एमएसएमई क्षेत्रों, युवा पेशेवरों और मछुआरों को अपार अवसर और लाभ प्रदान करता है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत करते समय राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

संसद में बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री गोयल ने अमेरिकी राष्ट्रपति की 'डेड इकोनॉमी' वाली टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि भारत 10 वर्षों में 11वीं से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

उन्होंने कहा, "भारत ने पारस्परिक रूप से लाभकारी संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और EFTA देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। हम और अधिक देशों के साथ ऐसे एफटीए हासिल करना चाहते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि भारत अपने सुधारों, एमएसएमई और उद्योग के प्रयासों के माध्यम से वर्तमान में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, "हम अपने किसानों की सुरक्षा और उनके प्रमोशन के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। सरकार को विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने का विश्वास है। भारत आत्मविश्वास के साथ 'मेक इन इंडिया' की ओर बढ़ रहा है।"

केंद्रीय मंत्री गोयल के अनुसार, भारत और अमेरिका ने एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर बातचीत करने का निर्णय लिया है, जिसे इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे किसानों के अधिकार और उनकी आजीविका पर कोई खतरा न आए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत अमेरिका के टैरिफ का सामना कर सकता है?
हां, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने किसानों और कृषि उद्योग के हितों की रक्षा करेगा।
क्या भारत और अमेरिका के बीच कोई नया व्यापार समझौता होने जा रहा है?
जी हां, भारत और अमेरिका ने एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते पर बातचीत करने का निर्णय लिया है।
किसानों के लिए सरकार के क्या कदम हैं?
सरकार किसानों की सुरक्षा और उनके प्रमोशन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
क्या टैरिफ वृद्धि भारतीय बाजारों पर असर डालेगी?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह वृद्धि भारतीय बाजारों के लिए चिंताजनक नहीं है।
भारत का वैश्विक व्यापार में क्या स्थान है?
भारत वर्तमान में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर आ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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