भारत-इटली आतंकवाद के खिलाफ साझा मोर्चा, टैलेंट मोबिलिटी पर भी बढ़ेगा सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
भारत में इतालवी दूतावास की उप मिशन प्रमुख औरोरा रूसी ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दिए एक साक्षात्कार में कहा कि भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंध इस समय अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं, और दोनों देश आतंकवाद-रोधी सहयोग से लेकर कुशल श्रमशक्ति की आवाजाही तक कई मोर्चों पर एक साथ काम करने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के दायरे में इन प्रयासों को और गति दी जाएगी।
आतंकवाद के विरुद्ध साझा कार्यसमूह
औरोरा रूसी ने बताया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों और संबंधित संस्थाओं के बीच हाल ही में आतंकवाद के विषय पर एक वर्किंग ग्रुप मीटिंग आयोजित की गई है। उन्होंने कहा, 'इटली और भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मिलकर काम कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस लड़ाई में प्रवासन (माइग्रेशन) के एक विशेष पहलू पर भी सावधानीपूर्वक नज़र रखने की आवश्यकता है, जो दोनों देशों के माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट के तहत चर्चा का हिस्सा बना हुआ है।
भारतीय कुशल श्रमिकों के लिए इटली में अवसर
टैलेंट मोबिलिटी पर विस्तार से बोलते हुए उन्होंने कहा कि इटली में कुशल श्रमिकों की बड़ी माँग है और दोनों देश मिलकर इस जरूरत को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, भारत में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना एक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है, जिसमें इतालवी भाषा को एक कौशल दक्षता (स्किलिंग कॉम्पिटेंसी) के रूप में शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है।
रूसी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में भारत सरकार के साथ समन्वय किया जा रहा है ताकि श्रमिकों की जरूरतों का सटीक आकलन हो सके और वे विदेश में आसानी से अनुकूलित हो सकें।
विशेष रणनीतिक साझेदारी और लोगों के बीच जुड़ाव
इतालवी दूतावास की उप मिशन प्रमुख ने 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' और 'पीपल-टू-पीपल कनेक्ट' को इस संबंध की नींव बताया। उन्होंने कहा, 'हाल ही में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने हमारे संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया है।' यह कदम द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
गौरतलब है कि यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत और यूरोपीय देशों के बीच श्रम-गतिशीलता और सुरक्षा सहयोग को लेकर व्यापक कूटनीतिक गतिविधि तेज हो रही है।
आगे की राह
भारत-इटली के बीच माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट के तहत प्रतिभाओं के प्रवाह को संस्थागत रूप देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आतंकवाद-रोधी कार्यसमूह की बैठकें नियमित रूप से आयोजित होने और भाषा-प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मूर्त रूप देने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष इन ढाँचों को समयबद्ध तरीके से लागू करें, तो यह साझेदारी आने वाले वर्षों में एक नई मिसाल कायम कर सकती है।