जयशंकर-तजानी मुलाकात: IMEC, खाड़ी हालात और भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार, 23 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर इटली के उप प्रधानमंत्री एंटोनियो तजानी से मुलाकात की, जिसमें इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC), खाड़ी की मौजूदा स्थिति और यूक्रेन संघर्ष पर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी की मज़बूती के संदर्भ में आयोजित की गई।
बैठक में किन मुद्दों पर हुई बात
विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि उनकी बातचीत 'खाड़ी की स्थिति, IMEC और यूक्रेन संघर्ष' पर केंद्रित रही। इटली के उप प्रधानमंत्री तजानी ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों देश नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व को साझा करते हैं, जो व्यापार मार्गों की सुरक्षा, कनेक्टिविटी और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के विकास के लिए आवश्यक है।
तजानी ने लिखा, 'इटली और भारत एक विशेष रणनीतिक साझेदारी से बंधे हैं, जिसे हम रक्षा और सुरक्षा से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष से लेकर महत्वपूर्ण तकनीकों और ऊर्जा तक, लगातार व्यापक सहयोग के माध्यम से मजबूत कर रहे हैं।'
IMEC का महत्व और वर्तमान संदर्भ
इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रस्तावित किया गया था। इस कॉरिडोर का उद्देश्य भारत को समुद्री और जमीनी मार्गों से यूरोप से जोड़ना है, जो सऊदी अरब, जॉर्डन और इजरायल से होते हुए ग्रीस और इटली के रास्ते यूरोप तक पहुँचेगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैकल्पिक व्यापार मार्गों की माँग बढ़ रही है।
तजानी ने IMEC को एक 'रणनीतिक विकास' करार दिया और कहा कि यह व्यापार को बढ़ावा देने में सहायक होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत, इटली के एक्सपोर्ट एक्शन प्लान के लिए एक प्रमुख देश है और दोनों पक्ष 2029 तक 20 अरब यूरो के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं।
EU-भारत मुक्त व्यापार समझौते से जुड़ाव
तजानी ने बताया कि ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जनवरी में संपन्न हुआ था और IMEC इस व्यापार लक्ष्य तक पहुँचने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा। यह बयान यह संकेत देता है कि इटली IMEC को केवल एक बुनियादी ढाँचा परियोजना नहीं, बल्कि EU-भारत आर्थिक जुड़ाव के एक व्यापक ढाँचे के रूप में देख रहा है।
युगांडा के विदेश मंत्री से भी मुलाकात
इसी दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने युगांडा के विदेश मंत्री एडोनिया अयेबारे से भी मुलाकात की। अयेबारे ने एक्स पर बताया कि उन्होंने भारत द्वारा आयोजित लाइक-माइंडेड ग्लोबल साउथ देशों और मित्रों की हाई-लेवल बैठक में भाग लिया। जयशंकर ने कहा कि दोनों ने 'विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, रक्षा प्रशिक्षण और कृषि पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।'
भारत की कूटनीतिक दिशा
संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर की गई ये बैठकें भारत की बहुआयामी विदेश नीति को प्रतिबिंबित करती हैं — एक ओर यूरोपीय भागीदारों के साथ व्यापार और कनेक्टिविटी, दूसरी ओर ग्लोबल साउथ देशों के साथ विकास-केंद्रित संवाद। आने वाले महीनों में IMEC की प्रगति और EU-भारत FTA के क्रियान्वयन पर दुनिया की नज़र रहेगी।