26 जुलाई 2026
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क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? मिडकैप और स्मॉलकैप पर दबाव क्यों?

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क्या भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुआ? मिडकैप और स्मॉलकैप पर दबाव क्यों?

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को लाल निशान में समापन किया, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ की चिंताओं ने बाजार को प्रभावित किया है। जानिए कैसे मिडकैप और स्मॉलकैप पर दबाव बना।

मुख्य बातें

भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान में समापन किया बाजार में चौतरफा बिकवाली का सामना करना पड़ा मिडकैप और स्मॉलकैप पर अधिक दबाव देखा गया अमेरिकी टैरिफ ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया विदेशी संस्थागत निवेशक बिकवाल बने रहे

मुंबई, 8 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में समापन किया। बाजार में व्यापक बिकवाली का सामना करना पड़ा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 765.47 अंक या 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,857.79 पर और निफ्टी 232.85 अंक या 0.95 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 24,363.30 पर रहा।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी अधिक दबाव देखा गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 936.10 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 56,002.20 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 264.45 अंक या 1.49 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 17,428.20 पर रहा।

बाजार में लगभग सभी सूचकांक लाल निशान में बंद हुए हैं। ऑटो, फार्मा, मेटल, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा और कंजप्शन सबसे अधिक गिरने वाले इंडेक्स रहे।

सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, इन्फोसिस, बीईएल, एलएंडटी, सन फार्मा और एचयूएल शीर्ष हानिकारक शेयर थे। एनटीपीसी, टाइटन, ट्रेंड, आईटीसी और बजाज फिनसर्व शीर्ष लाभकारी शेयर रहे।

मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह ने कहा कि 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा और कार्रवाई के संकेत देने के कारण बाजार का मनोबल नकारात्मक हो गया है।

उन्होंने आगे कहा कि हम अन्य देशों की तरह एक निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था नहीं हैं। इस कारण अमेरिका को होने वाला निर्यात काफी कम है। इसका जीडीपी पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, "अमेरिकी टैरिफ के भारतीय निर्यात पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई है और यह तीन महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध बिकवाल बने रहे, जिससे घरेलू सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया। रियल्टी और मेटल सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित हुए।"

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी लाल निशान में हुई थी। सुबह करीब 9.38 बजे, सेंसेक्स 272.30 अंक या 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,350.96 पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 75.60 अंक या 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,520.55 पर था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय शेयर बाजार क्यों गिरा?
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणा के कारण बाजार में नकारात्मक भावना बनी।
मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट का कारण क्या है?
बाजार में बिकवाली और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा बिकवाली ने मिडकैप और स्मॉलकैप पर दबाव डाला।
क्या यह स्थिति लंबे समय तक चलेगी?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति समय के साथ बदल सकती है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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