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भोजपुर में मादा कुत्ते से कथित यौन शोषण: FIR दर्ज, पेटा इंडिया ने कानून में संशोधन की माँग की

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भोजपुर में मादा कुत्ते से कथित यौन शोषण: FIR दर्ज, पेटा इंडिया ने कानून में संशोधन की माँग की

सारांश

बिहार के भोजपुर में मादा कुत्ते से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है — पेटा इंडिया के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की। साथ ही यह मामला एक बड़े कानूनी सवाल को उजागर करता है: भारतीय न्याय संहिता में पशुओं के यौन शोषण के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

मुख्य बातें

बिहार के भोजपुर जिले के बिछिआंव गाँव में मादा कुत्ते के साथ कथित यौन शोषण के मामले में संदेश थाना पुलिस ने FIR दर्ज की।
स्थानीय देखभालकर्ता मुकेश कुमार की शिकायत और पेटा इंडिया के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई हुई।
आरोपी पर बीएनएस, 2023 की धारा 62 व 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 (1) (ए) व 11 (1) (i) के तहत मामला दर्ज।
सरकारी पशु चिकित्सक ने पीड़ित कुत्ते की जाँच की; वह अभी स्थानीय देखभालकर्ता की निगरानी में।
पेटा इंडिया ने केंद्र सरकार से भारतीय न्याय संहिता में संशोधन कर पशु यौन शोषण को स्पष्ट दंडनीय अपराध बनाने की माँग की।
संगठन ने कहा कि पुरानी IPC धारा 377 के विपरीत नई BNS में पशु यौन हिंसा का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

बिहार के भोजपुर जिले के बिछिआंव गाँव में एक मादा कुत्ते के साथ कथित यौन शोषण के मामले में संदेश थाना पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। स्थानीय देखभालकर्ता मुकेश कुमार की शिकायत और पशु अधिकार संगठन पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया गया।

मामले का घटनाक्रम

उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 62 और 325 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 (1) (ए) और 11 (1) (i) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। संदेश थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद एक सरकारी पशु चिकित्सक ने पीड़ित मादा कुत्ते की पशु चिकित्सकीय जाँच की है। फिलहाल वह स्थानीय देखभालकर्ता मुकेश कुमार की देखरेख में है।

पेटा इंडिया की प्रतिक्रिया और माँगें

पेटा इंडिया की क्रूरता प्रतिक्रिया टीम की एसोसिएट मैनेजर सलोनी सकरिया ने एफआईआर दर्ज करने के लिए संदेश थाना प्रभारी की सराहना की। उन्होंने कहा, "पशुओं के खिलाफ क्रूरता को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें कानून के तहत अधिकतम सुरक्षा मिलनी चाहिए।"

सकरिया ने यह भी कहा कि विभिन्न अध्ययनों में पशुओं के प्रति क्रूरता और इंसानों के खिलाफ हिंसा के बीच संबंध होने की बात सामने आई है। पेटा इंडिया ने केंद्र सरकार से भारतीय न्याय संहिता में संशोधन कर पशुओं के साथ यौन शोषण को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध बनाने की माँग की है।

कानूनी खामी पर चिंता

पेटा इंडिया के अनुसार, पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत पशुओं के साथ यौन हिंसा दंडनीय थी, लेकिन नई भारतीय न्याय संहिता में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। संगठन के मुताबिक, यह कानूनी रिक्तता ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई की राह में बाधा बन सकती है।

संगठन ने विभिन्न अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि पशुओं के खिलाफ यौन हिंसा के मामले अक्सर दर्ज ही नहीं हो पाते। उसका यह भी कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों में अन्य हिंसक अपराधों की ओर प्रवृत्ति होने की आशंका भी कथित तौर पर अधिक हो सकती है।

आगे की स्थिति

संदेश थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जाँच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में पशु संरक्षण कानूनों को और कड़ा बनाने की माँग लगातार बढ़ रही है। पेटा इंडिया का कहना है कि पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज में हिंसा के विरुद्ध संवेदनशीलता बढ़ाने और कानून के प्रति सम्मान को मजबूत करने में भी सहायक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं 2023 की नई BNS में यह स्पष्टता अनुपस्थित है। यह विरोधाभास चिंताजनक है: जिस कानूनी सुधार को प्रगतिशील बताया गया, उसने अनजाने में एक सुरक्षा कवच को कमज़ोर कर दिया। पेटा इंडिया की माँग — कि पशु यौन शोषण को BNS में स्पष्ट अपराध घोषित किया जाए — एक उचित और तत्काल विधायी सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा करती है, जिस पर संसद को शीघ्र ध्यान देना चाहिए।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोजपुर में मादा कुत्ते से कथित यौन शोषण का मामला क्या है?
बिहार के भोजपुर जिले के बिछिआंव गाँव में एक मादा कुत्ते के साथ कथित यौन शोषण की घटना का वीडियो सामने आने के बाद पेटा इंडिया के हस्तक्षेप और स्थानीय देखभालकर्ता की शिकायत पर संदेश थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। मामले की जाँच जारी है।
आरोपी पर कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 62 और 325 के साथ साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 (1) (ए) और 11 (1) (i) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर जाँच कर रही है।
पेटा इंडिया ने कानून संशोधन की माँग क्यों की है?
पेटा इंडिया का कहना है कि पुरानी भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत पशुओं के साथ यौन हिंसा स्पष्ट रूप से दंडनीय थी, लेकिन नई भारतीय न्याय संहिता में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। संगठन ने केंद्र सरकार से BNS में संशोधन की माँग की है।
पीड़ित कुत्ते की वर्तमान स्थिति क्या है?
घटना के बाद एक सरकारी पशु चिकित्सक ने मादा कुत्ते की पशु चिकित्सकीय जाँच की है। फिलहाल वह स्थानीय देखभालकर्ता मुकेश कुमार की देखरेख में सुरक्षित है।
पशु क्रूरता और मानव हिंसा के बीच क्या संबंध बताया गया है?
पेटा इंडिया ने विभिन्न अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा है कि पशुओं के प्रति क्रूरता और इंसानों के खिलाफ हिंसा के बीच संबंध होने के संकेत मिले हैं। संगठन के अनुसार, पशुओं के साथ क्रूरता करने वाले लोगों में अन्य हिंसक अपराधों में शामिल होने की आशंका भी कथित तौर पर अधिक हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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