झारखंड: चतरा में 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट के तहत जीरो FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन शोषण और उसके गर्भवती होने का अत्यंत गंभीर मामला 12 अक्टूबर 2026 को सामने आया है। पीड़िता को अत्यधिक रक्तस्राव और पेट दर्द की शिकायत के बाद चतरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की। मामले में पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की जा रही है।
मामले का खुलासा और प्रारंभिक जानकारी
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पीड़िता ने अपने ही गाँव के एक युवक पर बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जब बच्ची के गर्भवती होने की जानकारी हुई, तो कथित आरोपी ने उसे गर्भपात की दवा खिला दी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और गंभीर रक्तस्राव शुरू हो गया। यह सब तब सामने आया जब परिजन उसे चतरा सदर अस्पताल लेकर पहुँचे।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एसपी अनिमेष नैथानी और एसडीपीओ सन्नी वर्धन के संयुक्त निर्देश पर सोमवार को बाल कल्याण समिति, सदर थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम सदर अस्पताल पहुँची। टीम ने पीड़िता और उसके परिजनों से विस्तृत जानकारी जुटाई। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नर्मदेश्वर सिंह ने बताया कि पीड़िता और उसके माता-पिता को आवश्यक काउंसलिंग दी गई।
एफआईआर और कानूनी प्रक्रिया
परिजनों की सहमति और पीड़िता के बयान के आधार पर चतरा सदर थाना में जीरो एफआईआर दर्ज की जा रही है, जिसे आगे की जाँच और कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित लावालौंग थाना स्थानांतरित किया जाएगा। मामले में आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पीड़िता की चिकित्सीय स्थिति
चतरा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मनीष लाल ने बच्ची के गर्भवती होने की चिकित्सीय पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पीड़िता को प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है और आवश्यक चिकित्सीय प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को इस संबंध में लिखित सूचना भी दे दी है।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस और बाल कल्याण समिति पीड़िता की सुरक्षा एवं इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कथित आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कानूनी कार्रवाई में जुटी हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों के मामलों में पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर बहस जारी है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और आरोपी की गिरफ्तारी इस मामले के लिए निर्णायक होगी।