झारखंड: पश्चिमी सिंहभूम में 14 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, पाँच आरोपियों पर पॉक्सो के तहत FIR
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चिरिया आउटपोस्ट क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और यौन शोषण की घटना करीब चार महीने बाद सामने आई है। पीड़िता की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई और सोमवार, 3 नवंबर 2026 को परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पाँच नामजद आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
घटना का विवरण
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, जून 2026 में पीड़िता किसी काम से अपने घर के निकट स्थित नदी की ओर गई थी। आरोप है कि इसी दौरान चार युवकों ने उसे अकेला पाकर जबरन एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और किसी को भी इस बारे में न बताने की चेतावनी दी।
शिकायत के अनुसार, डर के कारण नाबालिग ने उस समय परिजनों को कुछ नहीं बताया। कुछ सप्ताह बाद उक्त युवकों के एक अन्य परिचित ने भी कथित तौर पर पीड़िता के साथ यौन शोषण किया। लगातार मिलती धमकियों के चलते वह किसी को कुछ बताने की हिम्मत नहीं जुटा सकी।
मामला कैसे उजागर हुआ
पिछले कुछ दिनों से पीड़िता की सेहत लगातार खराब होती रही। जब परिजनों ने उससे कारण पूछा, तो उसने घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिवार के सदस्य ग्रामीणों के सहयोग से सोमवार को चिरिया आउटपोस्ट पहुँचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। गौरतलब है कि घटना के करीब चार महीने बाद मामला पुलिस तक पहुँचा, जो देरी की वजह आरोपियों द्वारा दी गई धमकियाँ बताई जा रही हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
मनोहरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डेविड ए. डोडराय ने बताया कि नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डोडराय ने यह भी बताया कि पाँचों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं और उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। अब तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
कानूनी पहलू
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है, जो नाबालिगों के यौन शोषण के मामलों में कठोर दंड का प्रावधान करती हैं। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मामले में अतिरिक्त धाराएँ जोड़े जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आगे क्या होगा
मेडिकल जाँच रिपोर्ट और पुलिस जाँच के निष्कर्षों के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी। पीड़िता की पहचान और उसकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात पुलिस ने कही है। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं।