22 अगस्त 2026
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भोपाल: 'पैगाम-ए-मोहब्बत' रैली में धार्मिक टिप्पणी पर पूर्व पार्षद के खिलाफ एफआईआर, नाबालिग से दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार

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भोपाल: 'पैगाम-ए-मोहब्बत' रैली में धार्मिक टिप्पणी पर पूर्व पार्षद के खिलाफ एफआईआर, नाबालिग से दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार

सारांश

भोपाल में एक ही दिन कई संवेदनशील मामले सामने आए — 'पैगाम-ए-मोहब्बत' रैली में कथित धार्मिक टिप्पणी पर पूर्व पार्षद के खिलाफ एफआईआर, कश्मीरी छात्रों से जुड़े विवाद का निराकरण और नाबालिग दुष्कर्म के दो आरोपियों की गिरफ्तारी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने सभी मामलों पर विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य बातें

'पैगाम-ए-मोहब्बत' रैली में कथित धार्मिक अभद्र टिप्पणी के वायरल वीडियो के आधार पर पूर्व पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई; जांच जारी है।
गांधीनगर क्षेत्र में दो कश्मीरी छात्रों से जुड़े विवाद की पुलिस जांच में कोई आपत्ति या विवाद नहीं मिला; मामला गलतफहमी का था।
करीब 14 वर्षीया नाबालिग छात्रा से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दो एफआईआर दर्ज और दोनों आरोपी गिरफ्तार ।
एक घटना करीब एक महीने पुरानी बताई गई, जो पूछताछ के दौरान सामने आई; बच्ची मंडीदीप से जुड़े घटनाक्रम में शामिल थी।
पॉलिटेक्निक चौराहे पर यातायात दबाव के मद्देनज़र धरना-प्रदर्शन पर निषेधात्मक आदेश बरकरार।

भोपाल में 21 अगस्त को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) शैलेंद्र सिंह चौहान ने शहर में कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम मामलों पर विस्तृत जानकारी दी। इनमें 'पैगाम-ए-मोहब्बत' रैली के दौरान कथित अभद्र धार्मिक टिप्पणी पर एक पूर्व पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना, गांधीनगर में दो कश्मीरी छात्रों से जुड़े विवाद का निराकरण और नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दो अलग मामलों में गिरफ्तारी शामिल हैं।

पैगाम-ए-मोहब्बत रैली और एफआईआर

शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 'पैगाम-ए-मोहब्बत' नाम से आयोजित एक रैली के दौरान एक व्यक्ति द्वारा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित अभद्र टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से प्रसारित हुआ। पुलिस के संज्ञान में मामला आते ही संबंधित धाराओं के तहत तत्काल प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपी पूर्व में पार्षद रह चुका है और वीडियो में कथित टिप्पणी उसी के द्वारा किए जाने के आधार पर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है।

कश्मीरी छात्रों का मामला: जांच में कोई विवाद नहीं

गांधीनगर थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में रह रहे दो कश्मीरी छात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की। चौहान ने बताया कि एक संस्थान के एक्स (सोशल मीडिया) पोस्ट के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम ने सोसाइटी में रहने वाले लोगों, मकान मालिक और अन्य संबंधित व्यक्तियों से बातचीत की, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि छात्रों के वहां रहने पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है।

चौहान के अनुसार, कुछ लोगों के बीच भ्रम या गलतफहमी के कारण यह मामला सामने आया था। पुलिस ने दोनों छात्रों से भी बातचीत की — वे संतुष्ट हैं और फिलहाल किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। पुलिस ने उन्हें अपना संपर्क नंबर देते हुए आश्वासन दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

नाबालिग से दुष्कर्म: दो एफआईआर, दोनों आरोपी गिरफ्तार

चौहान ने बताया कि करीब 14 वर्षीया एक नाबालिग छात्रा के लापता होने की सूचना उसके परिजनों ने पुलिस को दी थी। नाबालिग होने के कारण पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। बच्ची के मिलने के बाद उसने एक व्यक्ति द्वारा कथित छेड़छाड़ किए जाने की जानकारी दी, जिसके आधार पर पहली एफआईआर दर्ज की गई और संबंधित आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ के दौरान बच्ची ने यह भी बताया कि करीब एक महीने पहले एक अन्य व्यक्ति द्वारा उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। यह अलग घटना थी, इसलिए उसके संबंध में अलग एफआईआर दर्ज की गई। चौहान ने बताया कि बच्ची मंडीदीप गई थी और वहीं से जुड़े घटनाक्रम के संबंध में पुलिस को जानकारी मिली। दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पॉलिटेक्निक चौराहे पर धरने का निषेध जारी

भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहे पर धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध को लेकर चौहान ने स्पष्ट किया कि यह शहर का अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण स्थान है, जहां यातायात का निरंतर दबाव रहता है। आम नागरिकों को असुविधा और यातायात बाधित होने से बचाने के लिए वहां निषेधात्मक आदेश जारी किया गया है और यह आदेश अभी भी प्रभावी है।

यह ऐसे समय में आया है जब भोपाल में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता बढ़ी है। गौरतलब है कि एक साथ कई संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाती है। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से इन मामलों की दिशा तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह इस बात की याद दिलाता है कि सोशल मीडिया पर फैली अधूरी जानकारी किस तरह तनाव पैदा कर सकती है। नाबालिग दुष्कर्म के दो अलग मामलों में त्वरित गिरफ्तारी सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि एक महीने पुरानी घटना पूछताछ तक ही क्यों सीमित रही।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'पैगाम-ए-मोहब्बत' रैली में एफआईआर किस आधार पर दर्ज हुई?
रैली के दौरान एक व्यक्ति द्वारा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कथित अभद्र टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने वीडियो के आधार पर पूर्व पार्षद की पहचान कर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की और जांच जारी है।
भोपाल में कश्मीरी छात्रों का विवाद क्या था और इसका क्या हुआ?
गांधीनगर क्षेत्र की एक सोसाइटी में रह रहे दो कश्मीरी छात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आई थी। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की और पाया कि छात्रों के रहने पर किसी को आपत्ति नहीं है; मामला कुछ लोगों के बीच भ्रम या गलतफहमी का था।
नाबालिग छात्रा के मामले में दो एफआईआर क्यों दर्ज हुईं?
पहली एफआईआर लापता नाबालिग के मिलने के बाद उसकी शिकायत पर एक व्यक्ति द्वारा कथित छेड़छाड़ के आधार पर दर्ज हुई। पूछताछ में बच्ची ने करीब एक महीने पहले एक अन्य व्यक्ति द्वारा दुष्कर्म की बात बताई, जो अलग घटना थी, इसलिए दूसरी एफआईआर अलग दर्ज की गई।
नाबालिग दुष्कर्म मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
हां, पुलिस ने दोनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने इसकी पुष्टि की है।
पॉलिटेक्निक चौराहे पर धरने पर प्रतिबंध क्यों है?
पॉलिटेक्निक चौराहा भोपाल का अत्यंत व्यस्त स्थान है जहां भारी यातायात दबाव रहता है। आम नागरिकों को असुविधा और यातायात बाधित होने से बचाने के लिए पुलिस ने वहां निषेधात्मक आदेश जारी किया है, जो अभी भी प्रभावी है।
राष्ट्र प्रेस
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