क्या लालू सजायाफ्ता के लिए वोट मांग सकते हैं, लेकिन शपथ ग्रहण में नहीं आ सकते?

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क्या लालू सजायाफ्ता के लिए वोट मांग सकते हैं, लेकिन शपथ ग्रहण में नहीं आ सकते?

सारांश

बिहार में एनडीए की जीत के बाद शपथ ग्रहण समारोह में लालू यादव का न होना चर्चा का विषय बना। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने इस पर टिप्पणी की। क्या यह बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ है? जानिए इस विश्लेषण में।

Key Takeaways

  • एनडीए ने बिहार चुनाव में रिकॉर्ड बहुमत से जीत हासिल की है।
  • नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया।
  • लालू यादव का शपथ ग्रहण समारोह में अनुपस्थित रहना चर्चा का विषय बना।
  • जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने राजद पर निशाना साधा।
  • बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव की भूमिका पर सवाल उठाए गए।

पटना, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की रिकॉर्ड बहुमत से जीत के बाद गुरुवार को शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत 26 मंत्रियों ने शपथ ली, जिसमें तीन महिलाएं भी शामिल रहीं। शपथ ग्रहण समारोह में राजद प्रमुख लालू यादव के शामिल नहीं होने पर जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने निशाना साधा।

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा, "बिहारवासी आज पूरी दुनिया में गौरव का क्षण महसूस कर रहे होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार के लिए बहुत काम किया है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने नीतीश कुमार को क्लाइमेट लीडर कहा है। उन्हें ग्लोबल थिंकर कहा गया है। सावित्रीबाई फुले जैसे पुरस्कार से नवाजे गए। उन्होंने गुरुवार को मुख्यमंत्री के रूप में अपने मंत्रिपरिषद के साथ शपथ ग्रहण की।

उन्होंने प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) पर निशाना साधते हुए कहा, "विधायी परंपरा रही है कि लोकतंत्र में मतभेद होता है, लेकिन कभी मनभेद नहीं होता है। लालू यादव चुनाव में रीतलाल यादव के लिए वोट मांग सकते हैं, जो जेल में बंद है, लेकिन वे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए नहीं आते हैं।"

उन्होंने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा, "तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया है। उनको चाचा (नीतीश कुमार) के पास आकर कहना चाहिए कि मैं बिहार की राजनीति का दागी चरित्र हूं और आप क्लाइमेट लीडर हैं। क्लाइमेट लीडर के सामने मैं कहां टिकने वाला हूं।"

बता दें कि नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। पटना के गांधी मैदान में आयोजित समारोह में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे।

Point of View

बिहार का हालिया चुनाव और शपथ ग्रहण समारोह न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। यह जेडीयू और राजद के बीच की प्रतिद्वंद्विता को उजागर करता है, जो बिहार की राजनीति की दिशा तय करेगा।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

लालू यादव शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं आए?
लालू यादव ने शपथ ग्रहण समारोह में अनुपस्थित रहने का निर्णय लिया, जबकि वे चुनाव में अन्य उम्मीदवारों के लिए वोट मांग सकते हैं।
नीतीश कुमार ने कितनी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है?
नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने क्या कहा?
नीरज कुमार ने कहा कि बिहारवासी आज गर्व महसूस कर रहे हैं और लोकतंत्र में मतभेद होना सामान्य है, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए।
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