बिहार IAS फेरबदल: नवल किशोर चौधरी राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक, अमित पांडेय राजस्व विभाग भेजे गए
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 4 अक्टूबर 2026 को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को नए दायित्व सौंपे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नवल किशोर चौधरी और अमित कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से उनके नए पदों पर पदस्थापित किया गया है।
नवल किशोर चौधरी को नई जिम्मेदारी
2013 बैच के IAS अधिकारी नवल किशोर चौधरी को बिहार राज्य संचरण कंपनी लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक पद से स्थानांतरित किया गया है। उन्हें अगले आदेश तक राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व चौधरी नगर विकास एवं आवास विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे, जिससे उन्हें नई पदस्थापना के साथ मुक्त कर दिया गया है।
अमित कुमार पांडेय की नई तैनाती
2014 बैच के IAS अधिकारी अमित कुमार पांडेय को राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक पद से हटाकर अगले आदेश तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अपर सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है। पांडेय इससे पहले स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी देख रहे थे, और उनकी नई नियुक्ति के साथ उन्हें उस दायित्व से भी मुक्त कर दिया गया है।
राज्य स्वास्थ्य समिति की भूमिका
गौरतलब है कि राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और विभिन्न केंद्र व राज्य प्रायोजित स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में केंद्रीय भूमिका निभाती है। इस पद पर अनुभवी अधिकारी की तैनाती को स्वास्थ्य ढाँचे को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का महत्व
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राज्य में भूमि संबंधी प्रशासन, रिकॉर्ड अद्यतन और भूमि सुधार कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी है। पांडेय की इस विभाग में तैनाती ऐसे समय में हुई है जब बिहार सरकार भूमि डिजिटीकरण और भूमि विवाद निपटान को प्राथमिकता दे रही है।
अधिसूचना का स्रोत और प्रशासनिक संदर्भ
यह अधिसूचना बिहार के राज्यपाल के आदेश पर सामान्य प्रशासन विभाग के विशेष सचिव संजय कुमार द्वारा जारी की गई। इस प्रशासनिक पुनर्गठन को स्वास्थ्य, राजस्व और भूमि सुधार जैसे अहम विभागों में दायित्वों के पुनर्वितरण के रूप में देखा जा रहा है। दोनों अधिकारियों के समक्ष अपने नए विभागों में प्रशासनिक गतिविधियों को गति देने की चुनौती रहेगी।