क्या बिहार में औद्योगिक क्रांति की ओर बड़ा कदम उठाया गया है? मुख्यमंत्री नीतीश ने 'औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज' लागू किया

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क्या बिहार में औद्योगिक क्रांति की ओर बड़ा कदम उठाया गया है? मुख्यमंत्री नीतीश ने 'औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज' लागू किया

सारांश

बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025' की घोषणा की है। यह योजना युवाओं को रोजगार देने और राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानिए इस पैकेज के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 की घोषणा की गई है।
  • युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।
  • निवेशकों को ब्याज सब्सिडी और भूमि आवंटन के लाभ मिलेंगे।
  • 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य।
  • आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है।

पटना, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025' (बीआईपीपीपी-2025) की घोषणा की। यह योजना राज्य में निवेश को आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बिहार में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 के बाद अब नया बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 लागू किया है।"

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उद्योग लगाने वालों को अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाएगी। नई औद्योगिक इकाइयों को स्वीकृत परियोजना लागत के 300 प्रतिशत तक शुद्ध एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति 14 वर्षों तक की जाएगी। इसके अलावा, सरकार 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी भी देगी।

उन्होंने यह भी बताया कि निर्यात प्रोत्साहन की सीमा 14 वर्षों की अवधि के लिए सालाना 40 लाख रुपए होगी। इसके अतिरिक्त, कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, स्टाम्प ड्यूटी और भूमि रूपांतरण शुल्क की प्रतिपूर्ति, निजी औद्योगिक पार्कों को सहयोग, पेटेंट पंजीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन के लिए सहायता दी जाएगी।

सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि नए औद्योगिक पैकेज 2025 के तहत निवेश को बढ़ावा देने के लिए निशुल्क भूमि आवंटन की व्यवस्था की जाएगी। 100 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली और 1000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने वाली औद्योगिक इकाइयों को 10 एकड़ तक भूमि निशुल्क आवंटित की जाएगी। 1000 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली औद्योगिक इकाइयों को 25 एकड़ तक भूमि निशुल्क आवंटित की जाएगी। फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ तक भूमि निशुल्क आवंटित की जाएगी।

घोषणा के अनुसार, इस औद्योगिक पैकेज 2025 के तहत लाभ लेने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना होगा। इस नए औद्योगिक पैकेज 2025 से 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा, "इस पहल का उद्देश्य है कि बिहार में उद्योगों को और अधिक बढ़ावा मिले, बिहार के युवा दक्ष और आत्मनिर्भर बनें, और उन्हें राज्य के भीतर ही अधिक से अधिक रोजगार मिले ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।"

Point of View

बल्कि यह युवा पीढ़ी को भी रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगी। बिहार की औद्योगिक संभावनाओं को देखते हुए यह कदम समय की आवश्यकता है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 क्या है?
यह योजना राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन को लक्ष्य बनाती है।
इस योजना के तहत कौन-कौन से लाभ मिलेंगे?
निवेशकों को ब्याज सब्सिडी, भूमि आवंटन, और निर्यात प्रोत्साहन जैसे लाभ मिलेंगे।
इस पैकेज से कितने युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है?
इस पैकेज के माध्यम से 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
निवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना अनिवार्य है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य बिहार में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।